बदायूं पुलिस कस्टडी मौत: संजय सिंह ने बताया ‘प्रशासनिक हत्या’, दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग
बदायूं में पुलिस कस्टडी में दलित युवक की मौत पर संजय सिंह का हमला
आप सांसद ने घटना को बताया ‘प्रशासनिक हत्या’, दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
दीप सिंह, लखनऊ मुख्य संवाददाता, दैनिक रुस्तम-ए-हिंद
लखनऊ, 30 अगस्त 2026। आम आदमी पार्टी (आप) के उत्तर प्रदेश प्रभारी एवं राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बदायूं के दातागंज थाने में दलित युवक राजेश कोरी की पुलिस कस्टडी में हुई मौत को लेकर प्रदेश सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संजय सिंह ने घटना को ‘प्रशासनिक हत्या’ करार देते हुए आरोप लगाया कि पुलिस कस्टडी में युवक के साथ बर्बरता की गई और बाद में पूरे मामले को दबाने की कोशिश की गई।
संजय सिंह ने कहा कि मृतक के परिजनों की ओर से पुलिस की पिटाई को राजेश कोरी की मौत का कारण बताया जा रहा है। उन्होंने एक कथित वायरल वीडियो का हवाला देते हुए दावा किया कि युवक जमीन पर तड़पता हुआ दिखाई दे रहा है। संजय सिंह का आरोप है कि युवक की हालत गंभीर होने के बावजूद उसे तत्काल उचित उपचार उपलब्ध कराने के बजाय मामले की लीपापोती करने का प्रयास किया गया।
पुलिस पर परिजनों पर दबाव बनाने का आरोप
आप सांसद ने आरोप लगाया कि पुलिस ने खुद को बचाने के लिए मृतक के परिजनों पर दबाव बनाया। उन्होंने दावा किया कि परिजनों से उनकी इच्छा के मुताबिक तहरीर लिखवाने का प्रयास किया गया।
संजय सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पुलिस अभिरक्षा में भी आम नागरिक सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे। उन्होंने कहा कि पुलिस कस्टडी में किसी व्यक्ति की मौत बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग
संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान यदि किसी पुलिसकर्मी की भूमिका सामने आती है और वह दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
उन्होंने दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति की पुलिस अभिरक्षा में मौत को सामान्य घटना के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
संजय सिंह ने बदायूं के दातागंज थाने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना पुलिस व्यवस्था में जवाबदेही और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करती है।
उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष तरीके से जांच कराई जाए और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को न्याय और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की भी मांग की गई।
आम आदमी पार्टी ने की सख्त कार्रवाई की मांग
आम आदमी पार्टी ने इस मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़े होने की बात कही है। पार्टी की ओर से दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
संजय सिंह ने कहा कि पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ऐसे में पुलिस कस्टडी में किसी युवक की मौत से जुड़े आरोपों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कानून के मुताबिक कार्रवाई हो सके।
नोट: खबर में संजय सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों को आरोप/दावे के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है। वायरल वीडियो और पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका से जुड़े अंतिम तथ्य जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे।

