सरयू की कटान से बाराबंकी के बाबा नारायण दास मंदिर पर संकट, नदी की ओर लटका हिस्सा
बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हेतमापुर गांव में सरयू नदी की तेज कटान ने सैकड़ों साल पुराने बाबा नारायण दास मंदिर और धाम के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। नदी लगातार किनारे की जमीन को काटते हुए मंदिर के बेहद करीब पहुंच गई है। हालात ऐसे हैं कि मंदिर का एक हिस्सा नदी की ओर लटक गया है और पानी मंदिर के बरामदे तक पहुंच चुका है। इससे ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ गई है।
सरयू की कटान से मंदिर को खतरा
हेतमापुर गांव स्थित बाबा नारायण दास मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां बाबा नारायण दास की समाधि है और हर साल मेला भी आयोजित होता है, जिसमें आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन इस बार सरयू नदी की तेज कटान ने मंदिर परिसर की सुरक्षा को लेकर गंभीर स्थिति पैदा कर दी है।
नदी की धारा लगातार जमीन काट रही है। कटान के चलते मंदिर परिसर का एक हिस्सा प्रभावित हुआ है और अब मंदिर का हिस्सा नदी की ओर झुक गया है। नदी का पानी बरामदे तक पहुंचने की वजह से मंदिर की मुख्य संरचना पर भी खतरा बढ़ गया है।
मंदिर परिसर की दो समाधियां नदी में समाईं
कटान की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मंदिर परिसर में मौजूद दो समाधियां पहले ही सरयू नदी में समा चुकी हैं। इसके बाद मंदिर की मुख्य संरचना को लेकर स्थानीय लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी की कटान इसी रफ्तार से जारी रही और समय रहते बचाव कार्य नहीं किया गया तो मंदिर को भी नुकसान पहुंच सकता है। स्थानीय लोगों के लिए यह केवल एक इमारत नहीं, बल्कि लंबे समय से चली आ रही धार्मिक परंपरा और आस्था से जुड़ा स्थल है।
पहले मस्जिद और कई मकान भी कटान की चपेट में आए
हेतमापुर क्षेत्र में सरयू की कटान से हाल के दिनों में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, नदी की तेज धारा की चपेट में करीब 150 साल पुरानी उधिया मस्जिद और लगभग 35 मकान भी आ चुके हैं। कई परिवारों को अपने घरों से जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा।
कटान का असर क्षेत्र के पशु चिकित्सालय तक भी पहुंचा है। उसकी बाउंड्रीवाल का हिस्सा नदी में बह चुका है और भवन भी कटान के मुहाने पर बताया जा रहा है। इससे इलाके में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
प्रशासन और सिंचाई विभाग की टीम मौके पर
स्थिति की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। अधिकारियों की ओर से नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कटान को रोकने और बाबा नारायण दास धाम को सुरक्षित रखने के लिए बचाव के प्रयास किए जा रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन की ओर से मौके की स्थिति का जायजा लेकर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इससे पहले भी कटान तेज होने पर अधिकारियों को मंदिर की सुरक्षा के लिए निर्देश दिए गए थे और सिंचाई विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण किया था।
मुस्लिम विधायक ने मंदिर की सुरक्षा के लिए की दुआ
मंदिर पर मंडरा रहे खतरे के बीच स्थानीय विधायक फरीद महफूज किदवई का बयान भी चर्चा में है। उन्होंने बाबा नारायण दास मंदिर को सुरक्षित रखने की अपील करते हुए अल्लाह से दुआ की।
मंदिर को बचाने की इस अपील को स्थानीय स्तर पर धार्मिक सद्भाव से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि सरयू की कटान को रोकने के लिए प्रभावी और स्थायी बचाव कार्य जल्द शुरू किया जाए।
ग्रामीणों और श्रद्धालुओं में चिंता
सरयू नदी के लगातार मंदिर के करीब पहुंचने से हेतमापुर और आसपास के गांवों के लोगों में चिंता बढ़ गई है। श्रद्धालुओं को डर है कि अगर कटान पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो यह पुराना धार्मिक स्थल भी नदी की धारा की चपेट में आ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाबा नारायण दास धाम क्षेत्र की धार्मिक पहचान और आस्था से जुड़ा हुआ है। इसलिए मंदिर को बचाने के लिए नदी के किनारे कटानरोधी कार्य तेज किए जाने की जरूरत है।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभागों की नजर नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर बनी हुई है। आने वाले दिनों में सरयू की धारा और कटान की रफ्तार यह तय करेगी कि मंदिर को बचाने के लिए किए जा रहे प्रयास कितने प्रभावी साबित होते हैं।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।

