Barabanki Police Viral Video: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से लौट रहे श्रद्धालुओं से मारपीट का आरोप, दरोगा लाइन हाजिर
उपशीर्षक: बाराबंकी के माती थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस और श्रद्धालुओं के बीच विवाद का वीडियो वायरल। एसपी रवीना त्यागी ने संबंधित उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर कर मामले की जांच के निर्देश दिए।
बाराबंकी, उत्तर प्रदेश | 21 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान पुलिस के व्यवहार को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मूर्ति विसर्जन के बाद लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी के निर्देश पर संबंधित उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
घटना बाराबंकी जिले के माती थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। आरोप है कि दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बाद लौट रहे श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। इसी दौरान एक उपनिरीक्षक पर श्रद्धालुओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगा।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया और विभागीय कार्रवाई शुरू की।
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के बाद हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, बाराबंकी के माती थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक आयोजन में शामिल हुए थे।
प्रतिमा विसर्जन के बाद श्रद्धालु अपने घरों की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान पुलिस और कुछ श्रद्धालुओं के बीच कहासुनी हो गई।
बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर एक उपनिरीक्षक ने कथित तौर पर श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की। इस घटना को वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया।
बाद में यही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी के व्यवहार पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक पुलिसकर्मी को श्रद्धालुओं के साथ कथित तौर पर मारपीट करते हुए देखा जा रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने पुलिस के व्यवहार पर सवाल उठाए। धार्मिक आयोजन से लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ इस प्रकार के व्यवहार के आरोपों को लेकर स्थानीय स्तर पर भी चर्चा शुरू हो गई।
हालांकि, विवाद की शुरुआत किन परिस्थितियों में हुई और उससे पहले क्या घटनाक्रम हुआ था, इसकी पूरी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
एसपी रवीना त्यागी ने लिया मामले का संज्ञान
घटना का वीडियो वायरल होने के बाद बाराबंकी पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया।
पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी के निर्देश पर संबंधित उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर कर दिया गया।
यह कार्रवाई वायरल वीडियो और पुलिसकर्मी के व्यवहार को लेकर सामने आए आरोपों के बाद की गई है।
पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
दरोगा को लाइन हाजिर करने का क्या मतलब है?
पुलिस विभाग में किसी अधिकारी या कर्मचारी को लाइन हाजिर किए जाने का अर्थ है कि उसे उसकी वर्तमान तैनाती या नियमित जिम्मेदारियों से हटाकर पुलिस लाइन से संबद्ध कर दिया गया है।
यह विभागीय प्रशासनिक कार्रवाई होती है। इसका अर्थ अपने आप में निलंबन या दोष सिद्ध होना नहीं है।
बाराबंकी की घटना में भी संबंधित उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर किया गया है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।
धार्मिक आयोजनों में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण
दुर्गा पूजा और प्रतिमा विसर्जन जैसे बड़े धार्मिक आयोजनों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होती है।
ऐसे कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है।
हालांकि, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ नागरिकों के प्रति संयमित और जिम्मेदार व्यवहार भी पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
बाराबंकी में सामने आई घटना ने धार्मिक आयोजनों के दौरान पुलिस और आम नागरिकों के बीच संवाद तथा व्यवहार को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
जांच में सामने आएगी विवाद की असली वजह
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मी के बीच विवाद किस बात को लेकर शुरू हुआ था।
जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना के समय क्या परिस्थितियां थीं, विवाद कैसे बढ़ा और संबंधित उपनिरीक्षक की क्या भूमिका रही।
वायरल वीडियो के साथ-साथ घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान भी मामले की वास्तविकता समझने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
पुलिस की जवाबदेही पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पुलिसकर्मियों की जवाबदेही और सार्वजनिक आयोजनों में उनके व्यवहार का मुद्दा भी चर्चा में है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को आवश्यक कानूनी अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन उनका इस्तेमाल नियमों और परिस्थितियों के अनुरूप होना चाहिए।
किसी भी व्यक्ति के साथ अनुचित बल प्रयोग के आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि जनता का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
आगे की कार्रवाई पर रहेगी नजर
बाराबंकी पुलिस ने संबंधित उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर कर शुरुआती प्रशासनिक कार्रवाई की है।
अब जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि पुलिसकर्मी के खिलाफ अतिरिक्त विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता है या नहीं।
साथ ही यह भी पता चलेगा कि घटना के दौरान किसी श्रद्धालु को चोट पहुंची थी या नहीं और इस संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं।
निष्कर्ष: बाराबंकी के माती थाना क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन से लौट रहे श्रद्धालुओं के साथ कथित मारपीट का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई की है। एसपी रवीना त्यागी के निर्देश पर संबंधित उपनिरीक्षक को लाइन हाजिर किया गया है। अब जांच के निष्कर्षों से घटना की वास्तविक परिस्थितियां और आगे की विभागीय कार्रवाई स्पष्ट होंगी।

