Bihar Flood: 14 जिलों में 41.45 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर
बिहार में लगातार हो रही बारिश के बाद बाढ़ का संकट तेजी से गहराता जा रहा है। राज्य के 14 जिलों में 41.45 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों तक राहत और भोजन पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं।
14 जिलों में बढ़ा बाढ़ का दायरा
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर और बेगूसराय समेत 14 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। अधिकारियों के अनुसार, पिछले पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ का प्रभाव कई इलाकों में बढ़ा है।
बाढ़ से बड़ी संख्या में लोगों के जनजीवन पर असर पड़ा है। कई इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर पर
भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा नदी का जलस्तर बुधवार सुबह 9 बजे 36.78 मीटर दर्ज किया गया। यह 17 अगस्त 2021 को दर्ज किए गए 36.75 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से भी ऊपर है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है और संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों पर नजर रखी जा रही है।
793 कम्युनिटी किचन से पहुंच रहा भोजन
बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए राज्य में 793 कम्युनिटी किचन संचालित किए जा रहे हैं। इन सामुदायिक रसोई के जरिए प्रभावित लोगों तक पका हुआ भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
इसके अलावा जरूरतमंद लोगों के लिए अन्य आवश्यक सामान और राहत सामग्री भी उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का फोकस बाढ़ प्रभावित परिवारों तक समय पर मदद पहुंचाने पर है।
15 राहत कैंप भी बनाए गए
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य में 15 राहत कैंप भी संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में विस्थापित लोगों के रहने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से लोगों से नदी और बाढ़ के पानी के आसपास अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
बिहार में अगले कुछ दिनों में मौसम और नदियों के जलस्तर पर स्थिति निर्भर करेगी। फिलहाल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बाढ़ प्रभावित लाखों लोगों तक राहत सामग्री, भोजन और जरूरी सेवाएं पहुंचाना है।
नोट: बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या और नदी के जलस्तर से जुड़े आंकड़े उपलब्ध 10 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के आधार पर हैं।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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