बिहार MLC चुनाव: महागठबंधन के बाद NDA में भी खींचतान, RLM के 3 विधायक रामपुकार सिन्हा के समर्थन में
बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर महागठबंधन के बाद अब NDA के अंदर भी अलग-अलग रुख सामने आया है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के उम्मीदवार आनंद पुष्कर के खिलाफ राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के नेता रामपुकार सिन्हा ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया है। खास बात यह है कि RLM के तीन विधायक उनके नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए।
रामपुकार सिन्हा के नामांकन में पहुंचे तीन विधायक
रामपुकार सिन्हा ने 5 अक्टूबर को सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया। उनके नामांकन के दौरान RLM के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक आलोक सिंह, मधुबनी से विधायक माधव आनंद और बाजपट्टी से विधायक रामेश्वर महतो मौजूद रहे। तीनों नेताओं की मौजूदगी को पार्टी लाइन से अलग रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
रामपुकार सिन्हा RLM के प्रदेश महासचिव और मुख्य प्रवक्ता रह चुके हैं। वह सारण शिक्षक सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में हैं। इस सीट पर JDU ने NDA की ओर से आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाया है। जन सुराज के अफाक अहमद भी चुनाव मैदान में हैं।
उपेंद्र कुशवाहा ने NDA उम्मीदवार के समर्थन की बात कही
RLM प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी के आधिकारिक रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि RLM NDA के साथ है और गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवारों का समर्थन करेगी। ऐसे में पार्टी के तीन विधायकों का रामपुकार सिन्हा के नामांकन में पहुंचना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उपेंद्र कुशवाहा ने पार्टी में किसी तरह की बगावत से इनकार किया है। वहीं, नामांकन में शामिल नेताओं ने अपने रुख को कार्यकर्ताओं के सम्मान और संगठनात्मक मुद्दों से जोड़कर बताया है। RLM प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह ने भी NDA के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।
सारण शिक्षक सीट पर मुकाबला दिलचस्प
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार मुकाबला कई उम्मीदवारों के बीच है। NDA की ओर से JDU के आनंद पुष्कर मैदान में हैं, जबकि RLM से जुड़े रामपुकार सिन्हा निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। जन सुराज के अफाक अहमद भी इस सीट से उम्मीदवार हैं।
RLM के तीन विधायकों का रामपुकार सिन्हा के साथ खड़ा होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे NDA के घटक दलों के बीच चुनावी समन्वय का मुद्दा सामने आया है। हालांकि, RLM नेतृत्व ने NDA के साथ अपना गठबंधन बरकरार रहने की बात कही है।
महागठबंधन के बाद NDA में भी सामने आया मतभेद
बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होना है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। इस चुनाव में महागठबंधन के सहयोगी दलों के बीच भी कई सीटों पर उम्मीदवार आमने-सामने हैं। अब NDA के भीतर सारण शिक्षक सीट को लेकर सामने आया घटनाक्रम चुनावी मुकाबले को और चर्चा में ले आया है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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