CM Bhagwant Mann सरकार पर बढ़ा दबाव, ड्रग्स मुद्दे पर गुलजार सिंह की मौत से पंजाब में सियासी घमासान
Short Headline: ड्रग्स मुद्दे पर CM Bhagwant Mann सरकार घिरी
Focus Keyword: CM Bhagwant Mann
SEO Title: CM Bhagwant Mann सरकार पर बढ़ा दबाव, ड्रग्स मुद्दे पर गुलजार सिंह की मौत से घमासान
Meta Description: CM Bhagwant Mann सरकार पर संगरूर में ड्रग्स का मुद्दा उठाने वाले गुलजार सिंह की मौत के बाद सवाल उठ रहे हैं। विपक्ष ने जांच और जवाबदेही की मांग की है।
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Category: राजनीति
क्या है पूरा मामला?
पंजाब के संगरूर जिले में ड्रग्स के मुद्दे को लेकर एक व्यक्ति की मौत के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। संगरूर के तूर बंजारा गांव के रहने वाले गुलजार सिंह ने पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने अपने बेटे की ड्रग्स की लत और इलाके में कथित तौर पर आसानी से मिल रहे ‘चिट्टा’ का मुद्दा उठाया था। इसके कुछ समय बाद गुलजार सिंह ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
इस घटना ने मुख्यमंत्री CM Bhagwant Mann की सरकार के सामने ड्रग्स की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सरकार पर हमला तेज कर दिया है।
मंत्री हरपाल सिंह चीमा के सामने उठाया था ड्रग्स का मुद्दा
रिपोर्टों के मुताबिक, गुलजार सिंह ने एक जनसुनवाई के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से अपने इलाके में ड्रग्स की कथित उपलब्धता को लेकर सवाल किया था। उन्होंने बताया था कि उनका बेटा नशे का आदी है और परिवार को इसका गंभीर नुकसान उठाना पड़ रहा है।
गुलजार सिंह ने कथित तौर पर सवाल उठाया था कि जब इलाके में ड्रग्स की बिक्री की जानकारी है तो इसे रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
धमकी और दबाव के आरोप
गुलजार सिंह की मौत के बाद सामने आए बयानों में आरोप लगाया गया कि ड्रग्स का मुद्दा उठाने के बाद उन पर माफी मांगने का दबाव बनाया गया और उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस ने कहा है कि मामले में आगे की कार्रवाई परिवार के बयान और जांच के आधार पर की जाएगी।
मामले में पुलिस ने गांव के कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी अत्याचार निवारण कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम इस FIR में आरोपी के तौर पर नहीं है।
हरपाल सिंह चीमा ने क्या कहा?
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने गुलजार सिंह की मौत से किसी भी तरह का संबंध होने से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने गुलजार सिंह की शिकायत सुनी थी और ड्रग्स की सप्लाई करने वालों के खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
चीमा ने विपक्ष पर मामले को लेकर गलत नैरेटिव बनाने का आरोप लगाया है।
अस्पताल पहुंचाने में देरी पर भी सवाल
इस मामले में इलाज को लेकर भी सवाल उठे हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, गुलजार सिंह को पहले संगरूर के सिविल अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद उन्हें पटियाला के राजिंदरा अस्पताल रेफर किया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें वापस संगरूर लाया गया और बाद में लुधियाना के डीएमसी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।
विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि अलग-अलग अस्पतालों के बीच मरीज को ले जाने में काफी समय लगा। हालांकि, इस पूरे पहलू की जिम्मेदारी और परिस्थितियों की जांच का विषय अभी स्पष्ट होना बाकी है।
CM Bhagwant Mann सरकार पर विपक्ष का हमला
गुलजार सिंह की मौत के बाद BJP, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल समेत विपक्षी दलों ने पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधा है।
BJP ने मामले को लेकर CM Bhagwant Mann के इस्तीफे की मांग तक कर दी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं की कथित भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
कांग्रेस ने वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई और उनकी बर्खास्तगी की मांग की है। वहीं अकाली दल ने भी सरकार को घेरा है और आरोप लगाया कि ड्रग्स के खिलाफ सरकार के दावों के बावजूद जमीनी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने गुलजार सिंह की मौत से जुड़े घटनाक्रम को लेकर पंजाब सरकार से रिपोर्ट मांगी है।
इससे मामले की जांच और प्रशासन की जवाबदेही को लेकर दबाव और बढ़ गया है।
पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा फिर बना बड़ा राजनीतिक सवाल
पंजाब में ड्रग्स लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा रहा है। CM Bhagwant Mann सरकार भी नशा तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई का दावा करती रही है। हालिया सरकारी कार्रवाई में बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां और ड्रग्स की बरामदगी की जानकारी सामने आई है।
लेकिन संगरूर में गुलजार सिंह की मौत ने सरकार के सामने यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि ड्रग्स की समस्या से प्रभावित परिवारों की शिकायतों और स्थानीय स्तर पर मिलने वाली सूचनाओं पर कितनी प्रभावी कार्रवाई हो रही है।
पहले भी CM Bhagwant Mann के कार्यक्रम में उठा था ड्रग्स का मुद्दा
गुलजार सिंह की मौत से पहले भी संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के एक कार्यक्रम के दौरान ड्रग्स के मुद्दे को लेकर विवाद सामने आया था।
2 सितंबर को एक कार्यक्रम के दौरान मोहन्जीत सिंह नाम के व्यक्ति ने कथित तौर पर काला झंडा दिखाकर सरकार की ड्रग्स नीति पर सवाल उठाए थे। बाद में उसने पुलिस हिरासत में कथित मारपीट का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले में जांच शुरू होने की बात कही है और इस घटना को लेकर भी राजनीतिक विवाद हुआ।
सरकार के सामने बढ़ी चुनौती
गुलजार सिंह की मौत के बाद पंजाब सरकार के सामने दोहरी चुनौती दिखाई दे रही है। एक तरफ सरकार को ड्रग्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई को लेकर जनता का भरोसा बनाए रखना है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे मामलों में पारदर्शी जांच और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल गुलजार सिंह की मौत के पीछे की परिस्थितियों की जांच जारी है। पुलिस की जांच, परिवार के बयान और दर्ज मामलों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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