CM Delhi Trending News: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बड़ा एक्शन, यमुना सफाई के लिए 8941 करोड़ की परियोजनाएं, प्रदूषण और स्वच्छता पर सख्ती
दिल्ली में विकास और पर्यावरण सुधार को लेकर सरकार सक्रिय, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जल और सीवर परियोजनाओं का किया शुभारंभ, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना को स्वच्छ बनाने का रोडमैप बताया, दीपावली से पहले रात्रिकालीन सफाई अभियान के निर्देश
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने यमुना की सफाई, वायु प्रदूषण नियंत्रण और शहर की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में लगभग 8,941 करोड़ रुपये की जलापूर्ति और सीवर संबंधी परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ, आधुनिक और बेहतर बुनियादी सुविधाओं वाला शहर बनाने के लिए सरकार वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने यमुना नदी को स्वच्छ बनाने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली के प्रत्येक घर को सीवर नेटवर्क से जोड़ना और बिना शोधन के गंदे पानी को यमुना में जाने से रोकना है। इसके साथ ही दीपावली से पहले दिल्ली के बाजारों और आवासीय क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाने तथा सर्दियों के दौरान बढ़ने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में 8941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की शुरुआत
दिल्ली में पेयजल आपूर्ति और सीवर व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 22 अक्टूबर को लगभग 8,941 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं में नई सीवर लाइनें बिछाने, जल शोधन संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने, नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने और उन इलाकों को सीवर नेटवर्क से जोड़ने के कार्य शामिल हैं, जहां अभी पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के लोगों की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि सरकार शहर की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
दिल्ली सरकार के अनुसार, इन परियोजनाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में अनधिकृत कॉलोनियों और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति तथा सीवर व्यवस्था बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा।
यमुना को स्वच्छ बनाने के लिए वैज्ञानिक रोडमैप
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना की सफाई सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए केवल नदी के किनारों की सफाई पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि नदी में गिरने वाले गंदे पानी को रोकना भी जरूरी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार का लक्ष्य प्रत्येक घर को सीवर नेटवर्क से जोड़ना और प्रमुख नालों से आने वाले गंदे पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार एक वैज्ञानिक रोडमैप के तहत काम कर रही है, ताकि आने वाले वर्षों में यमुना को स्वच्छ और अविरल बनाने की दिशा में ठोस परिणाम हासिल किए जा सकें।
यमुना नदी में प्रदूषण का एक प्रमुख कारण बिना शोधन के गिरने वाला घरेलू और औद्योगिक अपशिष्ट जल है। ऐसे में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाना और सीवर नेटवर्क का विस्तार करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विकास परियोजनाओं को दी गति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली की जल और सीवर परियोजनाओं के शुभारंभ के माध्यम से राजधानी की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।
दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 8,941 करोड़ रुपये है। उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई को लेकर सरकार योजनाओं को जमीन पर उतारने पर जोर दे रही है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न परियोजनाओं में अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का सहयोग भी लिया जा रहा है। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी और एशियाई विकास बैंक जैसी संस्थाओं के सहयोग से बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सरकार का दावा है कि नई परियोजनाओं से दिल्ली के उन क्षेत्रों को लाभ मिलेगा, जहां लंबे समय से सीवर और जलापूर्ति की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
दीपावली से पहले दिल्ली में चलेगा विशेष सफाई अभियान
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दीपावली से पहले राजधानी की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान कहा कि राजधानी की स्वच्छता व्यवस्था में स्पष्ट सुधार दिखाई देना चाहिए।
उन्होंने आवासीय कॉलोनियों, प्रमुख बाजारों और अधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में रात्रिकालीन सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में सफाई कर्मचारियों की कमी है, वहां अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए। आवश्यकता पड़ने पर रात्रिकालीन सफाई के लिए नए कर्मचारियों की व्यवस्था भी की जा सकती है।
उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़कों, चौराहों, फ्लाईओवर और बाजारों में कूड़े के ढेर नहीं दिखाई देने चाहिए।
सफाई में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के संकेत
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नगर निगम अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सफाई व्यवस्था में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केवल बैठकों और रिपोर्टों से स्वच्छता व्यवस्था बेहतर नहीं हो सकती। इसके लिए अधिकारियों को स्वयं क्षेत्रों का निरीक्षण करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कूड़ा उठाने में देरी, सड़कों पर गंदगी और निर्माण मलबे के जमाव से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय और तकनीक के उपयोग से निगरानी व्यवस्था मजबूत करने पर भी जोर दिया।
सरकार का उद्देश्य त्योहारों के दौरान दिल्ली के बाजारों और आवासीय क्षेत्रों को स्वच्छ बनाए रखना है।
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के बाद GRAP-1 लागू
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के पहले चरण को लागू कर दिया है।
21 अक्टूबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 244 तक पहुंच गया था, जो खराब श्रेणी में आता है। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण के निर्धारित उपायों को लागू करने के निर्देश दिए गए।
GRAP-1 के तहत सड़कों पर धूल नियंत्रण, निर्माण स्थलों की निगरानी, खुले में कूड़ा जलाने पर रोक और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई जैसे कदम शामिल हैं।
दिल्ली सरकार ने संबंधित विभागों को प्रदूषण नियंत्रण उपायों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा है।
1 नवंबर से प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्ती
दिल्ली सरकार ने सर्दियों में प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से 1 नवंबर 2026 से दूसरे राज्यों में पंजीकृत ऐसे वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है, जो BS-VI उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करते।
घोषित व्यवस्था में सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अपवाद निर्धारित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के उपायों पर जोर दिया जा रहा है।
सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए निगरानी तंत्र मजबूत करने, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने और संबंधित विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने की योजना बनाई है।
यमुना किनारे सफाई अभियान में हजारों लोगों की भागीदारी
दिल्ली सरकार की ओर से यमुना नदी के किनारों को स्वच्छ बनाने के लिए जनभागीदारी आधारित अभियान भी चलाया जा रहा है।
18 अक्टूबर को आयोजित विशेष सफाई अभियान में 35 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने भाग लिया था। अभियान के दौरान दिल्ली के लगभग 70 घाटों से करीब 86,600 किलोग्राम कचरा हटाए जाने की जानकारी सामने आई।
इस अभियान में विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और सरकारी एजेंसियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी यमुना किनारे आयोजित सफाई गतिविधियों में भाग लेकर लोगों से नदी में प्लास्टिक, कचरा और पूजा सामग्री नहीं डालने की अपील की थी।
सरकार का मानना है कि यमुना की सफाई के लिए सरकारी प्रयासों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी आवश्यक है।
दिल्ली के विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार फिलहाल जलापूर्ति, सीवर व्यवस्था, स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण को प्रमुख प्राथमिकताओं में रख रही है।
यमुना सफाई परियोजनाओं के माध्यम से नदी में गिरने वाले गंदे पानी को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं दीपावली से पहले स्वच्छता अभियान और सर्दियों में प्रदूषण नियंत्रण संबंधी कदमों को तेज किया गया है।
हालांकि, इन योजनाओं की सफलता उनके समयबद्ध क्रियान्वयन, संबंधित विभागों की जवाबदेही और जमीनी स्तर पर होने वाले सुधार पर निर्भर करेगी।
आने वाले दिनों में दिखेगा योजनाओं का असर
दिल्ली में लगभग 8,941 करोड़ रुपये की जल और सीवर परियोजनाओं की शुरुआत को सरकार राजधानी के बुनियादी ढांचे में सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि यमुना की सफाई और दिल्ली की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए योजनाबद्ध प्रयास जारी रहेंगे।
इसके साथ ही वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए घोषित प्रतिबंधों और निगरानी व्यवस्था को प्रभावी बनाना सरकार के सामने बड़ी चुनौती होगी।
दिल्ली सरकार के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि यमुना सफाई, प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छता से जुड़ी इन योजनाओं का लाभ राजधानी के लोगों तक कितनी तेजी से पहुंचता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में घोषित इन कदमों के वास्तविक परिणाम आने वाले महीनों में सामने आएंगे।

