CM Devendra Fadnavis का किसानों के लिए बड़ा फैसला, कम बारिश वाले इलाकों में होगा फसल सर्वे
Short Headline: CM Fadnavis का किसानों को बड़ा राहत आदेश
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SEO Title: CM Devendra Fadnavis का किसानों के लिए बड़ा फैसला, कम बारिश वाले इलाकों में होगा फसल सर्वे
Meta Description: CM Devendra Fadnavis ने कम बारिश वाले महाराष्ट्र के क्षेत्रों में तत्काल फसल सर्वे और पंचनामा कराने के निर्देश दिए। किसानों को रोज 12 घंटे बिजली भी मिलेगी।
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Category: प्रादेशिक
महाराष्ट्र में बारिश की कमी से किसानों की चिंता बढ़ी
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश का लंबा अंतराल खरीफ फसलों के लिए चिंता का कारण बन गया है। मराठवाड़ा, उत्तर महाराष्ट्र और विदर्भ के कई क्षेत्रों में बारिश की कमी से फसलों की बढ़वार प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। ऐसे हालात के बीच मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल फसल सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में राज्य में बारिश और फसलों की स्थिति की समीक्षा की गई। इसके बाद मुख्य सचिव को उन इलाकों में सर्वे शुरू कराने के निर्देश दिए गए, जहां बारिश का लंबा खंड पड़ा है और फसलों को नुकसान की आशंका है।
फसल सर्वे के साथ पंचनामा कराने के आदेश
सरकार का फोकस अब प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाने से पहले फसल नुकसान का वास्तविक आकलन करने पर है। जिन क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण फसल प्रभावित हुई है, वहां सर्वेक्षण के साथ पंचनामा प्रक्रिया को भी तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
सर्वेक्षण के बाद प्रभावित किसानों को किस तरह की मदद की आवश्यकता है, इसका आकलन किया जा सकेगा। सरकार के अनुसार, बारिश की स्थिति में सुधार नहीं होने पर आगे जरूरी उपायों पर भी फैसला लिया जाएगा।
किसानों को रोज 12 घंटे बिजली देने का निर्देश
बारिश की कमी के बीच सिंचाई किसानों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन रही है। इसे देखते हुए CM Devendra Fadnavis ने प्रभावित क्षेत्रों में किसानों को खेती और फसलों की सिंचाई के लिए प्रतिदिन 12 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इसके अलावा खराब या जले हुए ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल बदलने और बिजली आपूर्ति को सुचारू रखने पर भी जोर दिया गया है। इससे बारिश पर निर्भर किसानों को वैकल्पिक सिंचाई सुविधा का सहारा मिल सकता है।
मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र में ज्यादा असर
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक मराठवाड़ा और उत्तर महाराष्ट्र के कई हिस्सों में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है। एक रिपोर्ट में इन दोनों क्षेत्रों में करीब 35 फीसदी कम बारिश का उल्लेख किया गया है। इससे कई इलाकों में खरीफ फसलों पर संकट बढ़ गया है।
मराठवाड़ा में सोयाबीन, कपास और मक्का जैसी फसलों की बढ़वार प्रभावित होने की जानकारी भी सामने आई है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अगर जल्द पर्याप्त बारिश नहीं होती है तो फसल नुकसान का दायरा बढ़ सकता है।
19 जिलों के 83 तालुकों में लंबा ड्राई स्पेल
महाराष्ट्र में बारिश के असमान वितरण का असर कई इलाकों में दिखाई दे रहा है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार राज्य के 19 जिलों के 83 तालुकों में 20 दिनों से अधिक का बारिश का खंड दर्ज किया गया है। कुछ क्षेत्रों में यह अंतराल 30 दिनों से भी ज्यादा रहा है।
ऐसे लंबे ड्राई स्पेल के कारण खरीफ फसलों के सूखने और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। यही वजह है कि सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराने का फैसला लिया है।
जलसाठों के इस्तेमाल की भी होगी योजना
बारिश की कमी को देखते हुए राज्य सरकार ने उपलब्ध जलसाठों के इस्तेमाल की दीर्घकालीन योजना बनाने पर भी जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने उपलब्ध पानी और जलसाठों का सालभर के लिए नियोजन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पानी का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक किया जा सके।
इसमें सिंचाई के साथ पेयजल और अन्य जरूरी जरूरतों को ध्यान में रखने की बात कही गई है।
किसानों को राहत की उम्मीद
फसल सर्वेक्षण और पंचनामा पूरा होने के बाद सरकार के पास प्रभावित क्षेत्रों और किसानों के नुकसान का अधिक स्पष्ट आकलन उपलब्ध होगा। इसके आधार पर राहत और सहायता से जुड़े अगले कदम तय किए जा सकते हैं।
फिलहाल किसानों की सबसे बड़ी उम्मीद पर्याप्त बारिश और सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता पर टिकी है। सरकार के 12 घंटे बिजली देने के निर्देश ऐसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जहां बारिश का लंबा अंतराल चल रहा है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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