CM Devendra Fadnavis का बड़ा फैसला, महाराष्ट्र में सूखे और फसल नुकसान पर राहत की तैयारी
मुंबई: महाराष्ट्र में कम बारिश और खरीफ फसलों को हुए नुकसान के बीच राज्य सरकार ने 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन को तेजी से काम करना होगा और कोई भी पात्र किसान सहायता से वंचित नहीं रहेगा। सरकार ने 29 सितंबर 2026 से राज्यभर में फसल नुकसान के पंचनामे शुरू करने का फैसला किया है।
358 में से 265 तालुके सूखा प्रभावित
महाराष्ट्र में कुल 358 तालुके हैं, जिनमें से 265 को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। यह राज्य के करीब 75 प्रतिशत तालुकों के बराबर है। सरकार का यह फैसला 2026 के मानसून में बारिश की कमी और सूखे की स्थिति के आकलन के बाद लिया गया है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, 1 जून से 26 सितंबर के बीच महाराष्ट्र में सामान्य 970.9 मिमी के मुकाबले 798.2 मिमी बारिश दर्ज हुई, यानी करीब 18 प्रतिशत की कमी रही। मराठवाड़ा में बारिश की कमी करीब 38 प्रतिशत और विदर्भ में करीब 27 प्रतिशत बताई गई है।
29 सितंबर से फसल नुकसान का पंचनामा
कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे के अनुसार, मंगलवार यानी 29 सितंबर से पूरे महाराष्ट्र में फसल नुकसान के पंचनामे शुरू किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य खेतों में हुए वास्तविक नुकसान का आधिकारिक आकलन करना है।
अधिकारियों को प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर नुकसान की जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार के अनुसार, फसल नुकसान का विस्तृत आकलन पूरा होने के बाद किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता के संबंध में अलग से निर्णय लिया जाएगा।
किसानों के लिए 12 तरह की राहत
सूखा प्रभावित घोषित 265 तालुकों के लिए सरकार ने राहत और रियायतों से जुड़े कई कदमों की घोषणा की है। इनमें प्रभावित किसानों के लिए भूमि राजस्व में छूट, कृषि ऋणों के पुनर्गठन और कृषि ऋणों की वसूली पर रोक जैसे उपाय शामिल हैं।
इसके अलावा कृषि पंपों के बिजली बिलों में रियायत, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की परीक्षा फीस में छूट और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा से जुड़े नियमों में राहत का प्रावधान किया गया है। जरूरत वाले इलाकों में पेयजल के लिए टैंकर उपलब्ध कराने और पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
पानी की व्यवस्था पर भी सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सूखे की स्थिति को देखते हुए जिलावार पानी का बजट तैयार करने और जरूरत वाले क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात कही है। रिपोर्टों के मुताबिक, सरकार की योजना प्रभावित इलाकों में पेयजल और पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारी करने की है।
सरकार ने यह भी कहा है कि जिन तालुकों को मौजूदा सूची में शामिल नहीं किया गया है और जहां से सूखे की शिकायतें सामने आती हैं, वहां भी स्थिति का सर्वे कराया जाएगा।
किसानों को मदद का आश्वासन
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा है कि सरकार का ध्यान किसानों, कृषि मजदूरों और प्रभावित ग्रामीण आबादी को राहत पहुंचाने पर है। उन्होंने प्रशासन को फसल नुकसान का आकलन तेजी से पूरा करने और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के साथ राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के अनुसार, पंचनामे के बाद फसल नुकसान का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा। इसके आधार पर प्रभावित किसानों को मिलने वाली आर्थिक सहायता को लेकर आगे निर्णय लिया जाएगा। यानी फिलहाल 265 तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित करने के साथ राहत एवं रियायतों की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जबकि फसल नुकसान के लिए अलग वित्तीय सहायता का निर्धारण आकलन के बाद होगा।
कई क्षेत्रों में बारिश की कमी
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लंबे समय तक बारिश में अंतराल रहने से खरीफ फसलों पर असर पड़ा है। मराठवाड़ा और विदर्भ के कई जिलों में बारिश की कमी अपेक्षाकृत ज्यादा दर्ज की गई है। सरकार का कहना है कि सूखा प्रभावित क्षेत्रों में पानी, चारा और रोजगार जैसी जरूरतों पर भी समानांतर रूप से काम किया जाएगा।
इस बीच विपक्षी दलों ने फसल नुकसान के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की है और कहा है कि किसानों को पंचनामे की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार किए बिना राहत दी जानी चाहिए। सरकार की ओर से फिलहाल पंचनामे के जरिए नुकसान का आधिकारिक आकलन कराने और उसके बाद वित्तीय सहायता तय करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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