CM धामी का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- खड़गे की जाति किसी को नहीं पता, धार्मिक नारों की वजह से हुआ शुद्धिकरण
CM धामी का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- खड़गे की जाति किसी को नहीं पता, धार्मिक नारों की वजह से हुआ शुद्धिकरण
देहरादून/हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस घटना को दलित सम्मान और छुआछूत से जोड़ते हुए बीजेपी और आरएसएस पर निशाना साधा है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शुद्धिकरण किसी व्यक्ति या जाति का नहीं किया गया था। उनके मुताबिक, कार्यक्रम के दौरान लगाए गए कथित धार्मिक नारों से आहत भावनाओं के बाद धार्मिक संगठनों ने यह आयोजन किया था।
राहुल गांधी ने लगाया छुआछूत का आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को इस मुद्दे को लेकर बीजेपी और आरएसएस पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे के दलित होने की वजह से उनके कार्यक्रम के बाद सभा स्थल का शुद्धिकरण किया गया।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग भी की। उन्होंने इसे सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए कहा कि ऐसे मामलों में कार्रवाई होनी चाहिए।
राहुल गांधी के बयान के बाद यह मामला उत्तराखंड की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया है। कांग्रेस के कई नेताओं ने भी इसे सामाजिक न्याय और दलित सम्मान का मुद्दा बताते हुए सरकार से कार्रवाई की मांग की है।
CM धामी ने आरोपों को किया खारिज
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि शुद्धिकरण कार्यक्रम को जातिगत भेदभाव से जोड़ना सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम स्थल पर किसी व्यक्ति या जाति का शुद्धिकरण नहीं किया गया।
CM धामी के मुताबिक, कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर धर्म विशेष से जुड़े नारे लगाए गए थे। इससे कुछ धार्मिक संगठनों की भावनाएं आहत हुईं और इसके बाद रामलीला मैदान में शुद्धिकरण यज्ञ का आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि उत्तराखंड में कितने लोग मल्लिकार्जुन खड़गे की जाति के बारे में जानते हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले को जातिगत विवाद के रूप में पेश करना उचित नहीं है।
बीजेपी कार्यकर्ताओं के शामिल होने से भी इनकार
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि कथित शुद्धिकरण कार्यक्रम में बीजेपी कार्यकर्ताओं की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इस मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाकर प्रदेश में अनावश्यक विवाद पैदा कर रही है।
बीजेपी की ओर से भी कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि घटना को खड़गे की जाति से जोड़ना राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
कांग्रेस लगातार मांग रही कार्रवाई
दूसरी ओर, कांग्रेस इस मामले में कार्रवाई की मांग पर कायम है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के बाद शुद्धिकरण जैसा आयोजन गंभीर सवाल खड़े करता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 30 अगस्त को भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के कई दिन बाद भी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई।
इस बीच राहुल गांधी के खिलाफ भी हल्द्वानी में पुलिस शिकायत और एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग का मामला सामने आया। बाद में 30 अगस्त को उपलब्ध रिपोर्टों में राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
विवाद ने पकड़ा राष्ट्रीय राजनीतिक रंग
हल्द्वानी का यह विवाद अब केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रह गया है। राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।
कांग्रेस इसे दलित सम्मान और सामाजिक समानता से जोड़ रही है, जबकि बीजेपी और मुख्यमंत्री धामी का कहना है कि घटना को जातिगत नजरिए से देखना गलत है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के कारण विवाद और गहरा गया है।
आयोजकों ने क्या कहा?
विवाद के बीच कार्यक्रम के शुद्धिकरण से जुड़े आयोजकों की ओर से भी अपना पक्ष रखा गया है। एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, आयोजकों ने दावा किया कि हवन में दलित समाज के लोग भी शामिल थे और आयोजन का उद्देश्य किसी व्यक्ति या समुदाय का अपमान करना नहीं था।
इस दावे के बाद विवाद को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें और ज्यादा चर्चा में आ गई हैं। हालांकि, घटना को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद अभी भी कायम हैं।
आगे क्या?
हल्द्वानी के इस विवाद पर आने वाले दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। एक तरफ कांग्रेस मामले में कार्रवाई की मांग कर रही है, वहीं बीजेपी और मुख्यमंत्री धामी कांग्रेस पर घटना को जातिगत रंग देने का आरोप लगा रहे हैं।
मामले में पुलिस स्तर पर सामने आई शिकायत और एफआईआर के बाद अब कानूनी पहलू भी महत्वपूर्ण हो गया है।
निष्कर्ष
हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित शुद्धिकरण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उत्तराखंड की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है। राहुल गांधी इसे दलित सम्मान और छुआछूत से जोड़ रहे हैं, जबकि CM पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि शुद्धिकरण किसी व्यक्ति या जाति का नहीं, बल्कि कथित धार्मिक नारों के बाद किया गया था। दोनों पक्षों के बीच जारी इस राजनीतिक टकराव के बीच अब पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच पर नजर रहेगी।

