CM Maharashtra देवेंद्र फडणवीस की बड़ी खबर, मराठा आरक्षण से लेकर किसानों की राहत तक बड़े अपडेट
मुंबई/छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जुड़ी 17 सितंबर 2026 की खबरों में मराठा आरक्षण आंदोलन और मराठवाड़ा में सूखे की स्थिति सबसे प्रमुख रही। मराठा आरक्षण की मांग को लेकर 20 दिनों से अनशन कर रहे मनोज जरांगे पाटील ने सरकार से बातचीत के बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। इसके साथ ही उन्होंने महाराष्ट्र सरकार को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए तीन महीने का समय दिया है।
मराठा आरक्षण आंदोलन पर बड़ा अपडेट
मनोज जरांगे पाटील ने गुरुवार को अपना 20 दिन पुराना अनशन खत्म किया। सरकार की ओर से बातचीत के बाद जरांगे ने कहा कि सरकार को उनकी मांगों पर कार्रवाई के लिए तीन महीने का समय दिया गया है। उनकी प्रमुख मांगों में पात्र मराठों को कुणबी प्रमाणपत्र और OBC आरक्षण से जुड़े लाभ दिलाने की प्रक्रिया शामिल है।
रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने कुणबी रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने और कुछ प्रमाणपत्रों को फिर से वैध करने सहित कई मुद्दों पर आश्वासन दिया है। जरांगे ने स्पष्ट किया कि तय समय में मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन फिर से शुरू किया जा सकता है।
फडणवीस ने मुंबई-पुणे नहीं आने की अपील की
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गणेशोत्सव के दौरान मनोज जरांगे पाटील से मुंबई और पुणे नहीं आने की अपील की थी। फडणवीस ने कहा कि गणेशोत्सव के दौरान दोनों शहरों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। उन्होंने सरकार की ओर से बातचीत का रास्ता खुला होने की बात भी कही।
मराठवाड़ा में सूखे का संकट
मुख्यमंत्री फडणवीस ने 17 सितंबर को मराठवाड़ा में कम बारिश के कारण पैदा हुई सूखे जैसी स्थिति को लेकर किसानों को राहत देने की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को अकेला नहीं छोड़ेगी और केंद्र से NDRF की सहायता आने का इंतजार किए बिना राज्य स्तर पर मदद उपलब्ध कराने की तैयारी है।
सरकार ने 5 अक्टूबर के बाद फसल नुकसान का सर्वे शुरू करने की तैयारी की है। इसके आधार पर प्रभावित किसानों को सहायता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार ने चारा और पीने के पानी की व्यवस्था पर भी काम शुरू करने की बात कही है।
किसानों के पुराने बिजली बिलों पर राहत
छत्रपति संभाजीनगर में मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री फडणवीस ने किसानों के पुराने बिजली बिलों को लेकर भी बड़ी घोषणा की। उनके अनुसार किसानों के 48 हजार करोड़ रुपये के पुराने बिजली बिल रद्द करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों को मुफ्त बिजली देने की दिशा में सरकार पहले ही निर्णय ले चुकी है।
मराठवाड़ा को सूखा-मुक्त बनाने का रोडमैप
फडणवीस ने मराठवाड़ा को स्थायी रूप से सूखे की समस्या से बाहर निकालने के लिए जल परियोजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उल्हास घाटी से 70 TMC पानी गोदावरी बेसिन तक लाने की योजना पर काम किया जा रहा है। सरकार के अनुसार इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से करीब सात वर्षों में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सूखे जैसी परिस्थितियों में किसानों को तत्काल राहत देने के साथ-साथ दीर्घकालिक जल प्रबंधन पर भी काम करना जरूरी है।
17 सितंबर की बड़ी तस्वीर
महाराष्ट्र में 17 सितंबर को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सामने दो बड़े मुद्दे प्रमुख रहे—मराठा आरक्षण आंदोलन और मराठवाड़ा में किसानों की स्थिति। एक ओर जरांगे पाटील ने सरकार को तीन महीने का समय दिया है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार ने फसल नुकसान के सर्वे और किसानों को राहत देने की तैयारी तेज करने की बात कही है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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