CM Maharashtra: फडणवीस सरकार का बड़ा फैसला, आदिवासी छात्रों के हॉस्टल से 30 साल की उम्र सीमा हटी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से जुड़ी 26 अगस्त 2026 की बड़ी खबर आदिवासी छात्रों के लिए राहत से जुड़ी है। महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी विकास विभाग के सरकारी छात्रावासों में दाखिले के लिए लागू 30 साल की अधिकतम उम्र सीमा को खत्म कर दिया है। यह फैसला छात्रों के लंबे आंदोलन और इस मुद्दे को लेकर बढ़े राजनीतिक दबाव के बीच लिया गया।
आदिवासी छात्रों को बड़ी राहत
महाराष्ट्र के आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावासों में प्रवेश के लिए पहले 30 वर्ष की अधिकतम उम्र सीमा लागू थी। इसके कारण 30 वर्ष से अधिक उम्र के कई आदिवासी छात्र सरकारी हॉस्टल की सुविधा से वंचित हो रहे थे।
अब राज्य सरकार ने यह सीमा हटा दी है। इसका मतलब है कि पात्र आदिवासी छात्र केवल उम्र की वजह से हॉस्टल सुविधा से बाहर नहीं होंगे। सरकार के इस फैसले को आदिवासी छात्रों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर बड़ा कदम माना जा रहा है।
13 दिन तक चला था छात्रों का आंदोलन
उम्र सीमा हटाने का फैसला ऐसे समय आया जब आदिवासी छात्र इस मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे थे। रिपोर्टों के मुताबिक छात्रों का आंदोलन करीब 13 दिनों तक चला था। आंदोलन के दौरान छात्र हॉस्टल में प्रवेश से जुड़ी उम्र सीमा समेत अपनी अन्य मांगों को लेकर सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे थे।
सरकार के फैसले के बाद छात्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
राहुल गांधी ने CM फडणवीस को लिखा था पत्र
इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया था। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर आदिवासी छात्रों की मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, राहुल गांधी के पत्र के अगले दिन राज्य सरकार ने 30 साल की उम्र सीमा हटाने का फैसला किया। इसके बाद कांग्रेस ने इसे छात्रों के आंदोलन की सफलता बताया, जबकि बीजेपी ने इस मुद्दे को राजनीतिक रूप देने के आरोप लगाए।
CM फडणवीस की प्रशासनिक शक्तियां भी चर्चा में
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रशासनिक शक्तियों को लेकर भी हाल में बड़ा बदलाव चर्चा में रहा है। राज्य सरकार ने Maharashtra Government Rules of Business, 2026 को अधिसूचित किया है।
नए नियमों के तहत मुख्यमंत्री को सार्वजनिक हित में किसी मंत्री के फैसले की समीक्षा करने, उसे बदलने या रद्द करने का अधिकार स्पष्ट रूप से दिया गया है। हालांकि, ऐसा करते समय मुख्यमंत्री को अपने फैसले के कारण लिखित रूप में दर्ज करने होंगे।
नए नियमों के तहत मुख्यमंत्री किसी विभाग की फाइल, दस्तावेज या रिकॉर्ड भी मंगवा सकते हैं। इस बदलाव को महाराष्ट्र सरकार के कामकाज में मुख्यमंत्री की भूमिका को और स्पष्ट करने वाला कदम माना जा रहा है।
महायुति में भी समन्वय पर जोर
महाराष्ट्र में बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन में नेताओं के अलग-अलग बयानों को लेकर भी चर्चा होती रही है। हाल की बैठक में फडणवीस ने गठबंधन के नेताओं से सार्वजनिक बयानों में सावधानी बरतने और एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री का संदेश साफ है कि गठबंधन के सभी घटक दलों को सरकार की नीतियों पर समन्वित और जिम्मेदार तरीके से अपनी बात रखनी चाहिए।
मराठी भाषा को लेकर भी CM का बयान
मुंबई में ऑटो और टैक्सी चालकों के बीच मराठी भाषा से जुड़े मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री फडणवीस ने हाल में बयान दिया। उन्होंने कहा कि ड्राइवरों को मराठी का विशेषज्ञ होना जरूरी नहीं है, लेकिन बुनियादी संवाद के स्तर पर भाषा समझना उपयोगी है।
उनका यह बयान भाषा को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। सरकार की कोशिश मराठी के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ-साथ दूसरे भाषाई समुदायों के लोगों की व्यावहारिक परेशानियों को भी ध्यान में रखने की बताई जा रही है।
खुले खाद्य तेल की बिक्री पर सरकार का रुख
महाराष्ट्र में खुले खाद्य तेल की बिक्री को लेकर FDA और राज्य सरकार के बीच भी हालिया घटनाक्रम सामने आया है। FDA की ओर से खुले तेल की बिक्री पर सख्ती की बात कही गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक स्पष्ट SOP तैयार करने का निर्देश दिया।
26 अगस्त को इस मामले में FDA की तरफ से बयान और अनुपालन आदेश वापस लेने की खबर भी सामने आई, जिससे खाद्य तेल की बिक्री को लेकर स्थिति चर्चा में आ गई।
आध्यात्मिक नेताओं की सुरक्षा पर सख्त रुख
मुख्यमंत्री फडणवीस ने आध्यात्मिक नेताओं को मिल रही कथित धमकियों को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि ऐसी धमकियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सुरक्षा एजेंसियों को आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
सरकार का कहना है कि सार्वजनिक शांति और सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानून के मुताबिक कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विकास के लिए अहिल्याबाई होलकर से प्रेरणा
मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र के विकास एजेंडे में ऐतिहासिक व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेने की बात भी कही है। उन्होंने राजमाता अहिल्याबाई होलकर के प्रशासन और विकास कार्यों को उदाहरण बताते हुए कहा कि उनके कार्यों से आधुनिक शासन के लिए भी प्रेरणा ली जा सकती है।
CM Maharashtra की बड़ी खबर
फिलहाल CM Maharashtra Devendra Fadnavis से जुड़ी सबसे अहम खबर आदिवासी छात्रों के सरकारी हॉस्टल में दाखिले की 30 साल की उम्र सीमा खत्म होना है। 13 दिन के आंदोलन के बाद लिया गया यह फैसला हजारों छात्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा मुख्यमंत्री की बढ़ी प्रशासनिक शक्तियां, महायुति में समन्वय, मराठी भाषा और खाद्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा में हैं।
रिपोर्टर; चरणप्रीत सिंह, मुख्य संवाददता देहरादून

