CM Nayab Singh Saini का बड़ा बयान, HKRN भर्ती पर बोले- परिवार की आय और उम्र के आधार पर होता है चयन
चंडीगढ़: हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के जरिए होने वाली संविदा भर्तियों को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में सरकार का पक्ष रखा। कांग्रेस विधायकों की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि HKRN में नियुक्तियां निर्धारित नीति के तहत की जाती हैं और चयन प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों का पालन किया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि HKRN के जरिए होने वाली नियुक्तियों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कंप्यूटरीकृत मेरिट-कम-एलिजिबिलिटी आधारित पॉइंट सिस्टम अपनाया गया है। उनके मुताबिक, इस प्रक्रिया में उम्मीदवारों की पात्रता और उपलब्ध मानदंडों के आधार पर अंक तय किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा या इंटरव्यू के बजाय निर्धारित पॉइंट सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है। सरकार का दावा है कि कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया होने के कारण मानवीय हस्तक्षेप की संभावना कम रहती है।
कांग्रेस ने HKRN भर्ती प्रक्रिया पर उठाए सवाल
विधानसभा में कांग्रेस विधायकों ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम की संविदा भर्तियों को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे। विपक्ष ने आरोप लगाया कि HKRN के जरिए होने वाली नियुक्तियों में नियमित सरकारी भर्ती जैसी प्रक्रिया नहीं अपनाई जा रही है।
कांग्रेस की ओर से आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए। विपक्ष का कहना है कि संविदा भर्ती के इस मॉडल से संविधान के तहत निर्धारित आरक्षण व्यवस्था और सामाजिक न्याय के सिद्धांत प्रभावित हो सकते हैं।
विधायकों ने Family ID में दर्ज परिवार की आय, संपत्ति और अन्य जानकारी में संभावित गलतियों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि यदि Family ID में किसी परिवार की आर्थिक स्थिति गलत दर्ज है तो उसका असर उम्मीदवार की मेरिट पर पड़ सकता है।
इसके जवाब में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकार की चयन प्रक्रिया का बचाव किया और कहा कि परिवार की आय से संबंधित आंकड़ों का सत्यापन संबंधित सरकारी व्यवस्था के जरिए किया जाता है।
परिवार की आय के आधार पर मिलते हैं 40 अंक
CM नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में HKRN की चयन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उम्मीदवारों को अलग-अलग मानदंडों के आधार पर अंक दिए जाते हैं।
सरकार द्वारा बताए गए मानदंडों के अनुसार, उम्मीदवार की सत्यापित पारिवारिक वार्षिक आय के आधार पर अधिकतम 40 अंक दिए जाते हैं। इसके अलावा उम्र, कौशल, शैक्षणिक योग्यता और CET समेत अन्य मानदंड भी चयन प्रक्रिया में शामिल हैं।
सरकार के मुताबिक अंक व्यवस्था इस प्रकार है:
- 40 अंक सत्यापित पारिवारिक वार्षिक आय के आधार पर।
- 10 अंक उम्मीदवार की उम्र के आधार पर।
- 5 अंक कौशल योग्यता के लिए।
- 5 अंक बेसिक योग्यता से अधिक उच्च शैक्षणिक योग्यता के लिए।
- 10 अंक कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट यानी CET के आधार पर।
- 10 अंक डिप्लॉयमेंट की सुविधा से जुड़े मानदंड के आधार पर।
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार की आय से संबंधित जानकारी को सत्यापित करने के लिए हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण (HPPA) की व्यवस्था का इस्तेमाल किया जाता है।
उम्र और योग्यता भी चयन में अहम
HKRN की इस चयन प्रक्रिया में केवल परिवार की आय ही नहीं, बल्कि उम्मीदवार की उम्र और योग्यता को भी महत्व दिया जाता है। सरकार के अनुसार, उम्र के लिए 10 अंक निर्धारित हैं।
इसी तरह कौशल योग्यता के लिए 5 अंक और बेसिक योग्यता से अधिक उच्च शैक्षणिक योग्यता के लिए भी 5 अंक दिए जाते हैं। उम्मीदवार के CET प्रदर्शन को भी चयन प्रक्रिया में शामिल किया गया है।
सरकार का कहना है कि अलग-अलग मानदंडों के आधार पर अंक देने से उम्मीदवारों की मेरिट तैयार होती है और इसी आधार पर उपलब्ध पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
आरक्षण व्यवस्था पर CM सैनी का जवाब
HKRN में आरक्षण को लेकर विपक्ष के सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम के माध्यम से होने वाली नियुक्तियों में वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल आरक्षण की व्यवस्था लागू है।
सरकार द्वारा विधानसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, 30 अगस्त तक HKRN के माध्यम से तैनात कर्मचारियों में 23.94 प्रतिशत SC वर्ग, 16.72 प्रतिशत BC-A और 11.94 प्रतिशत BC-B वर्ग से हैं।
मुख्यमंत्री ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि संबंधित वर्गों की भागीदारी निर्धारित आरक्षण प्रतिशत से अधिक है। सरकार का तर्क है कि इससे यह साबित होता है कि HKRN की प्रक्रिया में आरक्षण व्यवस्था का पालन किया जा रहा है।
हालांकि, विपक्ष इस व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दे विधानसभा में उठाता रहा है।
2021 से मिले 32,956 इंडेंट
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने विधानसभा में बताया कि वर्ष 2021 से अलग-अलग सरकारी विभागों, बोर्ड और निगमों की ओर से HKRN को कुल 32,956 इंडेंट प्राप्त हुए हैं।
इन इंडेंट के आधार पर संबंधित सरकारी संस्थानों में कर्मचारियों की जरूरत का आकलन किया जाता है और HKRN के जरिए कर्मचारियों की तैनाती की जाती है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि HKRN के जरिए होने वाली नियुक्तियां नियमित सरकारी भर्ती का विकल्प नहीं हैं। इसका उद्देश्य सरकारी विभागों में कर्मचारियों की कमी को अस्थायी तौर पर पूरा करना है, खासकर तब तक जब तक नियमित भर्ती प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।
उन्होंने कहा कि आवश्यक सरकारी सेवाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए इस तरह की व्यवस्था की जरूरत पड़ती है।
EPF और ESI को लेकर भी हुई चर्चा
विधानसभा में HKRN कर्मचारियों से जुड़े EPF और ESI के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। विपक्ष की ओर से आरोप लगाए गए कि कुछ कर्मचारियों के EPF और ESI जमा करने में देरी होती है।
इसके अलावा कर्मचारियों को छुट्टी, मातृत्व लाभ और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों को नियमों के तहत मिलने वाले अधिकारों की रक्षा की जाएगी। यदि किसी मामले में नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित अधिकारी या संस्था के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का कहना है कि संविदा कर्मचारियों से जुड़े मामलों में शिकायतों के समाधान के लिए भी व्यवस्था बनाई गई है।
1.83 लाख शिकायतें मिलीं, 1.75 लाख का निपटारा
CM नायब सैनी ने विधानसभा में HKRN से जुड़े शिकायत मॉड्यूल की जानकारी भी दी। सरकार के अनुसार, अब तक कर्मचारियों और उम्मीदवारों की ओर से करीब 1.83 लाख शिकायतें दर्ज की गई हैं।
इनमें से 1.75 लाख शिकायतों का निपटारा 30 अगस्त तक किए जाने का दावा सरकार ने किया है।
सरकार का कहना है कि शिकायत मॉड्यूल के जरिए उम्मीदवार और कर्मचारी अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। शिकायतों को संबंधित विभाग या अधिकारी के स्तर पर भेजकर समाधान की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
HKRN का मामला हाईकोर्ट में लंबित
HKRN की भर्ती और चयन प्रक्रिया से जुड़े कुछ संवैधानिक और कानूनी सवाल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में भी लंबित हैं।
सरकार के जवाब के मुताबिक, इस मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होनी है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे कुछ कानूनी सवालों पर अंतिम स्थिति अदालत के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगी।
जब तक अदालत का अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक HKRN की चयन प्रक्रिया को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बहस जारी रहने की संभावना है।
CM सैनी का कांग्रेस पर निशाना
विधानसभा में जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष HKRN को लेकर लगातार सवाल उठाता है और उसे लेकर एक तरह का ‘फोबिया’ बना हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि HKRN को नियमित सरकारी रोजगार की जगह नहीं माना जाना चाहिए। यह व्यवस्था सरकारी विभागों की तत्काल जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई है।
उन्होंने सरकार की ओर से भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और कंप्यूटरीकृत बताते हुए कहा कि चयन निर्धारित मानदंडों के आधार पर किया जाता है।
सरकार और विपक्ष के बीच जारी है बहस
HKRN की भर्ती प्रक्रिया को लेकर हरियाणा की राजनीति में बहस लगातार जारी है। सरकार इसे पारदर्शी और जरूरत आधारित व्यवस्था बता रही है, जबकि विपक्ष परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों, आरक्षण और संविदा रोजगार की प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है।
एक तरफ सरकार का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र उम्मीदवारों को पॉइंट सिस्टम के जरिए प्राथमिकता दी जाती है। दूसरी तरफ विपक्ष का तर्क है कि परिवार की आय और अन्य आंकड़ों में संभावित गलतियों का असर उम्मीदवारों के चयन पर पड़ सकता है।
अब इस पूरे मामले में हाईकोर्ट की आगामी सुनवाई भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगे क्या होगा?
HKRN की भर्ती प्रक्रिया पर सरकार के विधानसभा में दिए गए जवाब के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है। सरकार चयन प्रणाली और आरक्षण व्यवस्था का बचाव कर रही है, जबकि विपक्ष इसमें सुधार और अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहा है।
फिलहाल 23 सितंबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई पर भी नजर रहेगी। अदालत की कार्यवाही के बाद HKRN की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कानूनी पहलुओं पर तस्वीर और साफ हो सकती है

