Deoria Pregnant Woman Murder Case: देवरिया में गर्भवती गुड़िया विश्वकर्मा की हत्या का सनसनीखेज खुलासा, 3 लाख की सुपारी, पुलिस मुठभेड़ में शूटर गिरफ्तार
रुद्रपुर सीएचसी के सरकारी आवास में गला दबाकर और हथौड़े से वार कर की गई थी हत्या, ढाई लाख रुपये एडवांस देने की बात आई सामने, पुलिस की गोली से घायल हुआ आरोपी राम आशीष यादव, दूसरा आरोपी फरार
देवरिया, 27 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में गर्भवती महिला गुड़िया विश्वकर्मा की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। रुद्रपुर थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के सरकारी आवास में महिला की हत्या के पीछे तीन लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, हत्या की साजिश में महिला के ससुराल पक्ष के लोगों की कथित भूमिका भी सामने आई है।
Deoria Pregnant Woman Murder Case में पुलिस ने मंगलवार 27 अक्टूबर की सुबह मुठभेड़ के दौरान हत्या के आरोपी राम आशीष यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुद्रपुर ले जाया गया। इस दौरान उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
सीएचसी के सरकारी आवास में मिली थी गर्भवती गुड़िया की लाश
जानकारी के अनुसार, रुद्रपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित सरकारी आवास में 24-25 अक्टूबर की मध्यरात्रि के आसपास गुड़िया विश्वकर्मा की हत्या कर दी गई थी।
गुड़िया अपने पति के परिवार के साथ सीएचसी परिसर स्थित उस सरकारी आवास में रह रही थीं, जो उनकी ननद पूर्णिमा विश्वकर्मा को आवंटित था। पूर्णिमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत हैं।
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। महिला के गले और सिर पर चोट के निशान मिले थे। शुरुआती जांच में गला दबाकर और सिर पर किसी भारी वस्तु से प्रहार कर हत्या किए जाने की बात सामने आई।
बाद में पुलिस जांच में हथौड़े से हमला किए जाने की जानकारी सामने आई।
तीन लाख रुपये में तय हुआ था हत्या का सौदा
इस मामले की जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को हत्या की कथित साजिश से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।
पुलिस के अनुसार, गोरखपुर के गगहा क्षेत्र के रहने वाले सत्य प्रकाश यादव ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी।
जांच में सामने आया कि राम आशीष यादव और उसके साथी नरेश के साथ कथित तौर पर तीन लाख रुपये में हत्या का सौदा तय किया गया था।
पुलिस के मुताबिक, राम आशीष यादव को वारदात से पहले ढाई लाख रुपये नकद दिए जा चुके थे, जबकि पचास हजार रुपये का भुगतान बाकी था।
आरोपी शेष रकम लेने जा रहा था, तभी पुलिस चेकिंग के दौरान मुठभेड़ की घटना हुई।
ननद ने डायल 112 पर दी थी हत्या की सूचना
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के बाद गुड़िया विश्वकर्मा की ननद पूर्णिमा ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी थी।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम सरकारी आवास पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
महिला की मौत की जानकारी मिलते ही उसके मायके पक्ष के लोग भी देवरिया पहुंचे। उन्होंने ससुराल वालों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या कराने का आरोप लगाया।
मायके पक्ष की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
पति, सास, ननद, जेठ और जेठानी पर दर्ज हुआ मुकदमा
मृतका की मां लालती देवी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शादी के बाद से ही गुड़िया को दहेज के लिए परेशान किया जा रहा था।
परिजनों का आरोप है कि दहेज की मांग को लेकर पहले भी परिवार के बीच विवाद हुआ था और समझौते के प्रयास किए गए थे।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने गुड़िया के पति चमन लाल विश्वकर्मा, सास उर्मिला देवी, ननद पूर्णिमा विश्वकर्मा, जेठ अभिमन्यु और जेठानी वनदेवी के खिलाफ दहेज हत्या और उत्पीड़न से संबंधित मामला दर्ज किया।
पुलिस ने परिवार के कुछ सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की। इसी जांच के दौरान कथित सुपारी देकर हत्या कराने की साजिश की जानकारी सामने आई।
27 अक्टूबर की सुबह पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़
देवरिया पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह रुद्रपुर थाना पुलिस नियमित वाहन चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध व्यक्ति आते दिखाई दिए। पुलिस टीम ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि दोनों ने रुकने के बजाय पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया।
पुलिस ने संदिग्धों का पीछा किया। कुछ दूरी पर उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर फिसल गई।
पुलिस के मुताबिक, गिरने के बाद भी आरोपियों ने पुलिस टीम पर दोबारा गोली चलाई। इसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की।
जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के बाएं पैर में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया।
घायल आरोपी की पहचान राम आशीष यादव के रूप में
पुलिस मुठभेड़ में घायल व्यक्ति की पहचान राम आशीष यादव के रूप में हुई।
पुलिस के अनुसार, राम आशीष गुड़िया विश्वकर्मा हत्याकांड में वांछित था। उसे घायल अवस्था में उपचार के लिए सीएचसी रुद्रपुर ले जाया गया।
वहीं, मोटरसाइकिल पर उसके साथ मौजूद दूसरा आरोपी नरेश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
पुलिस उसकी तलाश कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
एसपी ने बताया मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
देवरिया पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर के अनुसार, नियमित चेकिंग के दौरान संदिग्ध मोटरसाइकिल सवारों ने पुलिस पर गोली चलाई थी।
पुलिस ने उनका पीछा किया और जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी घायल हो गया। घायल व्यक्ति की पहचान गुड़िया विश्वकर्मा हत्याकांड में वांछित राम आशीष यादव के रूप में हुई।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम लगाई गई है।
गर्भवती गुड़िया की मौत से परिवार में मातम
गुड़िया विश्वकर्मा की हत्या ने उसके मायके पक्ष को गहरे सदमे में डाल दिया है।
प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, गुड़िया की शादी करीब पांच साल पहले हुई थी और उसकी एक छोटी बेटी भी है। गुड़िया गर्भवती थीं। उनकी मौत के साथ गर्भस्थ शिशु की भी जान चली गई।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद से गुड़िया को दहेज की मांग को लेकर परेशान किया जा रहा था।
मृतका की मां ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस जांच में सामने आई साजिश की नई परतें
शुरुआत में यह मामला दहेज हत्या के आरोपों के आधार पर दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस विवेचना में कथित सुपारी किलिंग की बात सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है।
अब पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। हत्या की योजना किसने बनाई, आरोपियों को रकम किसने दी, साजिश में किन लोगों की भूमिका थी और हत्या के पीछे वास्तविक कारण क्या था?
पुलिस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि घटना में शामिल प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका रही और हत्या को अंजाम देने के लिए किन परिस्थितियों में योजना तैयार की गई।
देवरिया हत्याकांड में फरार आरोपी की तलाश जारी
Deoria Pregnant Woman Murder Case में राम आशीष यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस का ध्यान फरार आरोपी नरेश और कथित साजिश में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच पर है।
मामले में अब तक सामने आए तथ्य पुलिस की विवेचना और आरोपों पर आधारित हैं। आरोपियों की आपराधिक जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
देवरिया की घटना ने उठाए गंभीर सवाल
रुद्रपुर सीएचसी के सरकारी आवास में गर्भवती महिला की हत्या और उसके पीछे कथित रूप से तीन लाख रुपये की सुपारी दिए जाने के खुलासे ने पूरे मामले को बेहद गंभीर बना दिया है।
इस घटना ने दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और पारिवारिक विवादों के हिंसक परिणामों को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।
Deoria Pregnant Woman Murder Case में पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया है, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका और फरार व्यक्ति की तलाश को लेकर जांच जारी है।
अब इस मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई, साक्ष्यों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है।

