Dussehra 2026: कहीं 221 फीट का रावण तो कहीं नकली दवाओं और MRP की लूट का पुतला, जानें दशहरे की खास झलकियां
देशभर में विजयादशमी का पर्व उत्साह और धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस बार रावण दहन के साथ सामाजिक बुराइयों और रोजमर्रा की समस्याओं को भी प्रतीकात्मक रूप से दिखाया गया है। कहीं नकली दवाओं और MRP की लूट को ‘आज का रावण’ बनाया गया है, तो कहीं विशाल रावण के पुतले लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। दिल्ली के द्वारका में 221 फीट ऊंचा रावण तैयार किया गया है, जबकि देहरादून के परेड ग्राउंड में 181 फीट ऊंचे पुतले की तैयारी की गई है।
नकली दवाओं और MRP की लूट को दिखाया गया ‘आज का रावण’
दशहरे के अवसर पर रामलीला कमेटी इंद्रप्रस्थ के विजयादशमी उत्सव में ‘आज का रावण’ नाम से एक विशेष पुतला तैयार किया गया है। इसके जरिए नकली दवाओं और अधिकतम खुदरा मूल्य यानी MRP के नाम पर होने वाली कथित लूट जैसे मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की गई है।
इस पहल का संदेश है कि रावण दहन केवल एक पौराणिक प्रसंग तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में मौजूद बुराइयों के खिलाफ जागरूकता का अवसर भी हो सकता है। ऐसे प्रतीकात्मक पुतलों के जरिए लोगों का ध्यान उन समस्याओं की ओर खींचा जाता है, जिनका सामना आम नागरिकों को करना पड़ता है।
दिल्ली के द्वारका में 221 फीट ऊंचा रावण
दिल्ली के द्वारका श्री रामलीला सोसायटी की ओर से 221 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया है। इसे भारत के सबसे ऊंचे रावण के पुतलों में से एक बताया जा रहा है। इसकी विशाल ऊंचाई के कारण यह दशहरा उत्सव का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।
दशहरे पर रावण दहन देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग रामलीला मैदानों और आयोजन स्थलों पर पहुंचते हैं। विशाल पुतलों के साथ आतिशबाजी और रामलीला के मंचन से उत्सव का माहौल और भव्य हो जाता है।
कॉकरोच के पुतले के जरिए सफाई का संदेश
दिल्ली के द्वारका में आयोजित दशहरा कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी में कॉकरोच के पुतले का भी जिक्र है। इस तरह के प्रतीकात्मक आयोजन के जरिए सफाई और स्वच्छता के महत्व को सामने लाने की कोशिश की गई है।
समिति के अध्यक्ष अशोक गोयल ने कहा कि यह पहल किसी राजनीतिक दल या मुद्दे से प्रेरित नहीं है। इसका उद्देश्य अच्छाई की बुराई पर जीत के संदेश के साथ साफ-सफाई के महत्व को उजागर करना है।
देहरादून में तैयार हुआ 181 फीट ऊंचा रावण
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में भी दशहरे को लेकर खास तैयारियां की गई हैं। यहां रावण का 181 फीट ऊंचा पुतला तैयार किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के रिमोट की मदद से रावण दहन करने की जानकारी दी गई है।
विशाल पुतले और पारंपरिक आयोजन दशहरे के उत्सव को खास बनाते हैं। देहरादून में भी विजयादशमी के मौके पर लोगों के बीच उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा है।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है विजयादशमी
विजयादशमी को भगवान श्रीराम की रावण पर विजय और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। देश के अलग-अलग हिस्सों में रामलीला, रावण दहन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।
इस बार कई जगहों पर पारंपरिक रावण दहन के साथ सामाजिक समस्याओं को भी प्रतीकात्मक रूप से जोड़ा गया है। नकली दवाओं, MRP के नाम पर कथित लूट और सफाई जैसे मुद्दों को सामने लाने का प्रयास इसी का उदाहरण है।
दशहरे का संदेश यही है कि समाज में मौजूद बुराइयों को पहचानकर उन्हें दूर करने की दिशा में कदम उठाए जाएं। दिल्ली से देहरादून तक विशाल पुतलों और अलग-अलग संदेशों के साथ मनाया जा रहा विजयादशमी उत्सव लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

