फरीदाबाद BJP विधायक फर्जी मुहर: 100 से ज्यादा दस्तावेजों का फर्जी वेरिफिकेशन, CSC संचालक गिरफ्तार
फरीदाबाद: हरियाणा के फरीदाबाद में NIT विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक सतीश फागना के नाम की कथित फर्जी मुहर, लेटरहेड और डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर दस्तावेजों का सत्यापन करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में पर्वतीय कॉलोनी निवासी सौरभ को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी लोगों से दस्तावेजों का वेरिफिकेशन कराने के नाम पर 800 से 1,000 रुपये तक लेता था और अब तक 100 से ज्यादा परिवारों के दस्तावेजों का कथित तौर पर फर्जी सत्यापन कर चुका था।
पत्नी का आधार अपडेट कराने गया था आरोपी
पुलिस के अनुसार सौरभ करीब पांच साल से पर्वतीय कॉलोनी में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) चला रहा था। यहां वह आधार कार्ड में पता और अन्य जानकारी अपडेट कराने समेत सरकारी सेवाओं से जुड़े काम करता था। इस साल किसी कारण से उसका CSC सेंटर बंद हो गया। इसके बाद उसने आसपास के लोगों के आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने का काम शुरू कर दिया।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि सौरभ अपनी पत्नी का आधार अपडेट कराने के लिए विधायक कार्यालय गया था। वहां उसने विधायक कार्यालय में इस्तेमाल होने वाला लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षर देखे। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद उसने इनकी नकल तैयार करवा ली और दस्तावेजों के वेरिफिकेशन में इस्तेमाल करने लगा।
800 से 1,000 रुपये लेकर करता था वेरिफिकेशन
पुलिस के मुताबिक आधार कार्ड अपडेट कराने के लिए कई मामलों में दस्तावेजों के सत्यापन की जरूरत पड़ती थी। सौरभ कथित तौर पर इसी जरूरत का फायदा उठाता था। वह लोगों से दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए 800 से 1,000 रुपये तक लेता था।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने करीब दो महीने के भीतर कम से कम 100 परिवारों के दस्तावेजों का फर्जी वेरिफिकेशन किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस तरीके से आरोपी ने करीब एक लाख रुपये कमाए। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कुल कितने दस्तावेजों पर फर्जी मुहर और हस्ताक्षर का इस्तेमाल हुआ।
विधायक कार्यालय पहुंचने पर खुला मामला
फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब कुछ लोग सौरभ से तैयार करवाए गए दस्तावेज लेकर विधायक के डबुआ कॉलोनी स्थित कार्यालय पहुंचे। दस्तावेजों पर विधायक के नाम की मुहर और हस्ताक्षर देखकर कार्यालय कर्मचारियों को शक हुआ।
जब इन दस्तावेजों की कार्यालय के रिकॉर्ड से पुष्टि की गई तो पता चला कि विधायक सतीश फागना ने उन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। कार्यालय ने संबंधित लोगों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि सौरभ ने उनसे पैसे लेकर विधायक कार्यालय से दस्तावेज सत्यापित कराने की बात कही थी। इसके बाद पुलिस को मामले की सूचना दी गई।
फर्जी मुहर और लेटरहेड बरामद
फरीदाबाद पुलिस के अनुसार सौरभ को गिरफ्तार करने के बाद उसके कब्जे से विधायक के नाम की कथित फर्जी मुहर, फॉर्म और लेटरहेड बरामद किए गए हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फर्जी मुहर और डिजिटल हस्ताक्षर तैयार करने में उसकी मदद किसने की थी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने इस तरीके का इस्तेमाल केवल हाल के दो महीनों में किया या इससे पहले CSC सेंटर चलाने के दौरान भी किसी दस्तावेज में फर्जी मुहर का इस्तेमाल किया था।
कंप्यूटर और लैपटॉप की जांच
पुलिस ने आरोपी के कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फर्जी लेटरहेड और डिजिटल हस्ताक्षर किस तरह तैयार किए गए और कितने दस्तावेजों में उनका इस्तेमाल हुआ।
इसके अलावा आरोपी के पुराने CSC रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसके संपर्क में कितने लोग थे और क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
पुलिस रिमांड पर आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया। पुलिस पूछताछ के जरिए फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटा रही है।
फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य फोकस फर्जी मुहर, लेटरहेड और डिजिटल हस्ताक्षर तैयार करने की प्रक्रिया, फर्जी तरीके से सत्यापित किए गए दस्तावेजों की संख्या और संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका पर है।
नोट: पुलिस के मुताबिक आरोपी पर फर्जी मुहर और दस्तावेजों के इस्तेमाल के आरोप हैं। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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