मुर्शिदाबाद: आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चेयरमैन हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को लेकर की गई अपनी टिप्पणी पर सफाई दी है। उनके पहले बयान में मुख्यमंत्री के संदर्भ में ऐसी बात कही गई थी, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। अब कबीर ने कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम लेकर वह टिप्पणी नहीं की थी और उनकी नाराजगी मुख्य रूप से पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर है।
हुमायूं कबीर ने सफाई देते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री की लंबी उम्र की कामना करते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि मुख्यमंत्री अपना कार्यकाल पूरा करें और भविष्य में देश के प्रधानमंत्री भी बनें। उनका कहना है कि उनके बयान को जिस संदर्भ में लिया गया, वह उनकी पुलिस से जुड़ी शिकायतों के संदर्भ में था।
पुलिस पर लगाए परेशान करने के आरोप
रेजीनगर उपचुनाव से पहले हुमायूं कबीर ने पुलिस पर अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को परेशान करने और कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान उनके साथ रहने वाले लोगों को धमकाया जा रहा है और उन्हें इलाका छोड़ने के लिए कहा जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कबीर ने कहा कि पुलिस ने उन्हें कई बार बुलाया है। इसी वजह से उन्होंने जमीनी स्तर पर चुनाव प्रचार से दूरी बनाने और सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचने की बात कही थी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मतदान के दिन वह अपने चुनाव क्षेत्र में सक्रिय रहेंगे।
रेजीनगर सीट पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव
रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर 2026 को उपचुनाव होना है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इसे खाली करने के बाद उपचुनाव के लिए गई है। 2026 के विधानसभा चुनाव में कबीर ने रेजीनगर और नवदा दोनों सीटों से जीत हासिल की थी, जिसके बाद उन्होंने रेजीनगर सीट छोड़ दी थी।
रेजीनगर उपचुनाव में हुमायूं कबीर की पार्टी ने उनके बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। कबीर ने पहले ही कहा था कि वह अपने बेटे के लिए जमीनी प्रचार नहीं करेंगे और सोशल मीडिया के जरिए मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाएंगे।
बयान पर सफाई के बाद राजनीतिक चर्चा
मुख्यमंत्री को लेकर अपनी टिप्पणी पर सफाई देते हुए हुमायूं कबीर ने कहा कि वह मुख्यमंत्री की लंबी उम्र की कामना करते हैं और उन्हें भविष्य में प्रधानमंत्री के पद पर देखना चाहते हैं। दूसरी ओर, उनके पहले बयान को लेकर राजनीतिक विवाद जारी है।
रेजीनगर उपचुनाव से पहले पुलिस और चुनाव प्रचार को लेकर उनके आरोप भी चर्चा में हैं। वहीं, पुलिस से जुड़े मामलों में कार्रवाई को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पक्षों की अपनी-अपनी दलीलें सामने आई हैं। ऐसे में उपचुनाव से पहले हुमायूं कबीर की टिप्पणी और उसके बाद दी गई सफाई ने राज्य की सियासत में चर्चा बढ़ा दी है।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
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