IND vs WI 2nd T20I: 250 रन भी नहीं बचा पाई टीम इंडिया, गौतम गंभीर ने उठाए बल्ले और गेंद के संतुलन पर सवाल
रांची: भारत और वेस्टइंडीज के बीच रांची में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में जमकर चौके-छक्के बरसे। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 249 रन बनाए, लेकिन वेस्टइंडीज ने इस विशाल लक्ष्य को 18.3 ओवर में 4 विकेट खोकर हासिल कर लिया। मेहमान टीम ने भारत को 6 विकेट से हराकर पांच मैचों की सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली। इस हार के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी के बीच संतुलन को लेकर चिंता जताई।
गेंदबाजों के करियर पर भी पड़ता है असर: गंभीर
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम गंभीर ने कहा कि क्रिकेट में बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच बराबरी का मुकाबला होना जरूरी है। उनके मुताबिक, अगर पिचें पूरी तरह बल्लेबाजों के अनुकूल होंगी और मुकाबले में लगातार चौके-छक्के ही देखने को मिलेंगे, तो गेंदबाजों के लिए अपनी क्षमता दिखाना मुश्किल हो जाएगा।
गंभीर ने कहा कि भारतीय गेंदबाजों ने टीम में जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है और उनके करियर भी दांव पर हैं। इसलिए ऐसी परिस्थितियां होनी चाहिए, जहां गेंदबाजों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले। इससे मुकाबला अधिक प्रतिस्पर्धी होगा और क्रिकेट की गुणवत्ता भी बेहतर होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारतीय टीम हार को केवल पिच या मौसम के सिर पर नहीं डाल सकती। टीम को अपनी गलतियों से सीखकर आगे बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
ओस और सपाट पिच ने बढ़ाई गेंदबाजों की मुश्किल
रांची में खेले गए इस मुकाबले में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला। सपाट पिच और भारी ओस के कारण गेंदबाजों के लिए गेंद पर नियंत्रण बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा। भारतीय टीम ने 249 रन का बड़ा स्कोर खड़ा किया, लेकिन इसके बावजूद वह वेस्टइंडीज को लक्ष्य तक पहुंचने से नहीं रोक सकी।
गंभीर ने माना कि ऐसी परिस्थितियों में गेंदबाजी करना आसान नहीं होता। हालांकि, उन्होंने कहा कि भारत जैसी विश्व चैंपियन टीम को मुश्किल परिस्थितियों में भी विरोधी टीम को रोकने का रास्ता तलाशना होगा।
उनके मुताबिक, वेस्टइंडीज ने शुरुआत में विकेट गंवाए थे, लेकिन इसके बावजूद भारतीय गेंदबाज मैच पर पकड़ बनाए रखने में सफल नहीं रहे। टीम को ऐसे हालात में अपनी रणनीति और क्रियान्वयन में सुधार करना होगा।
शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड ने पलटा मैच
भारत की ओर से संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 41 गेंदों पर 82 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में 9 चौके और 4 छक्के लगाए। ईशान किशन ने 43 रन बनाए, जबकि श्रेयस अय्यर ने 40 रन का योगदान दिया। तिलक वर्मा ने 18 गेंदों पर नाबाद 44 रन बनाकर भारत को 249 के स्कोर तक पहुंचाया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत अच्छी नहीं रही। तेज गेंदबाज मयंक यादव ने शुरुआती ओवर में ही दो विकेट लेकर भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। इसके बाद भी वेस्टइंडीज ने हार नहीं मानी।
कप्तान शाई होप ने 45 गेंदों पर नाबाद 102 रन की विस्फोटक पारी खेली। वहीं, शेरफेन रदरफोर्ड ने 37 गेंदों पर 84 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों के बीच चौथे विकेट के लिए हुई 120 रन की साझेदारी ने मुकाबले का रुख बदल दिया। होप और रदरफोर्ड की आक्रामक बल्लेबाजी के सामने भारतीय गेंदबाज बेबस नजर आए।
मयंक यादव की रफ्तार से प्रभावित हुए गंभीर
भारतीय टीम की हार के बावजूद मयंक यादव का प्रदर्शन चर्चा में रहा। उन्होंने तीन ओवर में 36 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। मयंक ने अपनी तेज रफ्तार से वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों को परेशान किया और कई गेंदें 145 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से फेंकीं।
गौतम गंभीर ने मयंक की तारीफ करते हुए कहा कि वह तेज गेंदबाज हैं और उन्हें अपनी ताकत के अनुसार गेंदबाजी करनी चाहिए। अगर कोई गेंदबाज 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद फेंक सकता है, तो उसे अपनी इस क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिए।
गंभीर के मुताबिक, मयंक ने रांची में अपनी स्वाभाविक गति से गेंदबाजी की और इसी वजह से उन्हें सफलता मिली। उन्होंने युवा तेज गेंदबाज को अपनी ताकत पर भरोसा बनाए रखने का संदेश दिया।
कैच छूटने पर गंभीर ने क्या कहा?
मुकाबले के दौरान भारतीय टीम से एक अहम कैच भी छूटा। शेरफेन रदरफोर्ड जब 38 रन पर बल्लेबाजी कर रहे थे, तब मयंक यादव ने उनका कैच छोड़ दिया। इसके बाद रदरफोर्ड ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी और 84 रन बनाकर भारत की मुश्किलें बढ़ा दीं।
हालांकि, गंभीर ने हार के लिए इस कैच को जिम्मेदार ठहराने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में कैच छूटते हैं और कोई खिलाड़ी जानबूझकर ऐसा नहीं करता। इसलिए किसी एक गलती को हार का कारण बताने के बजाय पूरी टीम को अपने प्रदर्शन का आकलन करना चाहिए।
इंदौर में होगा तीसरा टी20 मुकाबला
रांची में मिली हार के बाद भारतीय टीम की नजरें अब सीरीज के तीसरे टी20 मुकाबले पर होंगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच अगला मैच 11 अक्टूबर को इंदौर में खेला जाना है। पांच मैचों की सीरीज फिलहाल 1-1 से बराबर है।
भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी चुनौती गेंदबाजी में सुधार करना और बड़े स्कोर का बचाव करने की रणनीति तैयार करना होगा। वहीं, वेस्टइंडीज की टीम शाई होप और शेरफेन रदरफोर्ड की शानदार फॉर्म को आगे भी बरकरार रखना चाहेगी।


