जयपुर में दिनदहाड़े 20 लाख रुपये की लूट: कचौड़ी खाने रुका था कलेक्शन एजेंट, स्कूटर सवार बदमाश बैग लेकर फरार
राजस्थान की राजधानी जयपुर में सनसनीखेज वारदात, नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में कलेक्शन एजेंट चंपालाल को बनाया निशाना, हेलमेट पहने दो बदमाशों की तलाश में जुटी पुलिस
जयपुर, 27 अक्टूबर 2026। राजस्थान की राजधानी जयपुर में दिनदहाड़े 20 लाख रुपये की लूट का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में कचौड़ी खाने के लिए रुके एक कलेक्शन एजेंट को स्कूटर सवार दो बदमाशों ने निशाना बनाया। बदमाश उसके पास मौजूद करीब 20 लाख रुपये की नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए। वारदात इतनी तेजी से हुई कि पीड़ित को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
Jaipur 20 Lakh Robbery की इस घटना ने शहर में नकदी लेकर आने-जाने वाले व्यापारियों और कलेक्शन एजेंटों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद नाहरगढ़ थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
कचौड़ी खाने के लिए रुका था कलेक्शन एजेंट
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित की पहचान चंपालाल के रूप में हुई है। वह कलेक्शन एजेंट के तौर पर काम करता है और घटना के समय उसके पास करीब 20 लाख रुपये की नकदी मौजूद थी।
चंपालाल अपनी स्कूटर से जा रहा था। इसी दौरान वह रास्ते में कचौड़ी खाने के लिए एक दुकान पर रुका। उसने अपनी स्कूटर खड़ी की और कुछ देर के लिए वहां ठहर गया।
इसी बीच हेलमेट पहने दो बदमाश स्कूटर पर सवार होकर पीछे की तरफ से पहुंचे। उन्होंने मौके का फायदा उठाकर नकदी से भरा बैग उठा लिया और तेजी से फरार हो गए।
घटना इतनी अचानक हुई कि आसपास मौजूद लोगों को भी शुरुआत में पूरी स्थिति समझने का अवसर नहीं मिला।
20 लाख रुपये से भरा बैग लेकर भागे बदमाश
बताया जा रहा है कि दोनों बदमाशों ने वारदात को बेहद तेजी से अंजाम दिया। उनका निशाना चंपालाल के पास मौजूद नकदी से भरा बैग था।
बैग में करीब 20 लाख रुपये होने की जानकारी सामने आई है। इतनी बड़ी रकम की लूट के बाद पीड़ित ने पुलिस को घटना की सूचना दी।
इस वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि बदमाशों ने उस समय हमला किया, जब कलेक्शन एजेंट कुछ देर के लिए खाने-पीने के उद्देश्य से रुका हुआ था।
बदमाशों के भागने के बाद मौके पर मौजूद लोगों के बीच भी घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
हेलमेट पहनकर पहुंचे थे दोनों आरोपी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वारदात में शामिल दोनों आरोपी हेलमेट पहने हुए थे और स्कूटर से मौके पर पहुंचे थे।
हेलमेट पहने होने के कारण उनकी पहचान करना पुलिस के लिए चुनौती हो सकता है।
पुलिस अब आरोपियों के आने-जाने के रास्तों और आसपास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज की जांच के माध्यम से उनकी पहचान करने का प्रयास कर रही है।
इसके साथ ही यह पता लगाने की कोशिश भी की जा रही है कि बदमाशों को नकदी के बारे में पहले से जानकारी थी या उन्होंने मौके पर स्थिति देखकर वारदात को अंजाम दिया।
हालांकि, आरोपियों की पूर्व योजना या किसी अंदरूनी व्यक्ति की भूमिका के संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
नाहरगढ़ थाने में मामला दर्ज, पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पीड़ित चंपालाल ने नाहरगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच के दौरान पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इसके जरिए आरोपियों की पहचान और उनके फरार होने की दिशा का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस के सामने यह भी महत्वपूर्ण सवाल है कि बदमाशों ने कलेक्शन एजेंट को पहले से निशाना बनाया था या अचानक मौका मिलने पर बैग लेकर भाग निकले।
इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच की जा रही है।
लूट के बाद कचौड़ी की प्लेट लेकर बदमाशों के पीछे दौड़ा चंपालाल
इस वारदात का सबसे हैरान करने वाला पहलू पीड़ित की प्रतिक्रिया रही। जैसे ही चंपालाल ने बदमाशों को बैग लेकर भागते देखा, वह उन्हें पकड़ने के लिए दौड़ पड़ा।
उस समय उसके हाथ में कचौड़ी की प्लेट थी। जल्दबाजी में वह प्लेट नीचे रखने के बजाय उसी को हाथ में लेकर बदमाशों के पीछे दौड़ने लगा।
चंपालाल ने अपना स्कूटर वहीं छोड़ दिया और पैदल ही आरोपियों का पीछा किया। हालांकि, स्कूटर सवार बदमाश तेजी से मौके से निकल गए और वह उन्हें पकड़ नहीं सका।
स्कूटर के फुटबोर्ड पर रखा था नकदी से भरा बैग
घटना के दौरान करीब 20 लाख रुपये से भरा बैग चंपालाल के स्कूटर के फुटबोर्ड पर रखा हुआ था।
बताया जा रहा है कि बदमाश पीछे से आए और उन्होंने इसी बैग को निशाना बनाया। मौका मिलते ही एक बदमाश ने बैग उठाया और दोनों स्कूटर से भाग निकले।
इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी मात्रा में नकदी लेकर रुकना सुरक्षा के लिहाज से जोखिम भरा हो सकता है।
हालांकि, आरोपियों को नकदी की जानकारी पहले से थी या नहीं, इसका खुलासा पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई पूरी वारदात
लूट की पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।
फुटेज में दोनों बदमाश स्कूटर से भागते दिखाई दे रहे हैं, जबकि चंपालाल उनके पीछे पैदल दौड़ रहा है। उसके हाथ में कचौड़ी की प्लेट भी दिखाई देती है।
यह फुटेज पुलिस जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकती है।
पुलिस आरोपियों के भागने की दिशा का पता लगाने के लिए आसपास के अन्य सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है।
क्या बदमाश पहले से कर रहे थे रेकी?
इस वारदात के बाद एक बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि कलेक्शन एजेंट के पास इतनी बड़ी रकम मौजूद है।
बदमाशों का सीधे नकदी से भरे बैग को निशाना बनाना जांच का महत्वपूर्ण पहलू हो सकता है।
पुलिस को यह पता लगाना होगा कि आरोपियों ने चंपालाल का पहले से पीछा किया था या फिर मौके पर बैग देखकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
फिलहाल किसी पूर्व नियोजित साजिश, रेकी या अंदरूनी मिलीभगत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
व्यापारियों और कलेक्शन एजेंटों की सुरक्षा पर सवाल
जयपुर में हुई इस घटना ने नकदी संग्रह करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
कलेक्शन एजेंट अक्सर विभिन्न प्रतिष्ठानों से रकम एकत्र कर उसे निर्धारित स्थान तक पहुंचाते हैं। ऐसे में बड़ी नकदी का परिवहन करते समय अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है।
सुरक्षा विशेषज्ञ सामान्यतः बड़ी रकम को खुले या आसानी से उठाए जा सकने वाले स्थान पर न रखने, अनावश्यक ठहराव से बचने और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था अपनाने की सलाह देते हैं।
यह घटना इस बात का उदाहरण है कि कुछ क्षणों की असावधानी का फायदा उठाकर अपराधी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
पुलिस जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर नजर
नाहरगढ़ थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अब पुलिस के सामने आरोपियों का पता लगाने और लूटी गई रकम बरामद करने की चुनौती है।
फिलहाल दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी या 20 लाख रुपये की बरामदगी की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच जारी है।
जयपुर की इस वारदात में जहां लाखों रुपये की नकदी की लूट ने लोगों को चौंकाया, वहीं कचौड़ी की प्लेट हाथ में लेकर बदमाशों के पीछे दौड़ते कलेक्शन एजेंट का दृश्य भी चर्चा का विषय बन गया है।

