प्रयागराज में CM योगी का बड़ा ऐलान, बोले- ‘कसारी-मसारी अब कृष्णपुरी के नाम से जानी जाएगी’
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कसारी-मसारी का नाम बदलकर कृष्णपुरी करने का ऐलान किया। इस दौरान उन्होंने माफिया अतीक अहमद का नाम लिए बिना उसके प्रभाव और पुराने माफिया राज का जिक्र करते हुए कहा कि अब प्रदेश में माफियाओं के लिए कोई जगह नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय प्रयागराज की पहचान माफिया गतिविधियों के कारण प्रभावित हुई थी। व्यापारियों, महिलाओं, प्रशासन और न्यायपालिका के सामने भय का माहौल था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को माफियामुक्त बनाने की दिशा में सरकार काम कर रही है और इसके परिणाम दिखाई दे रहे हैं।
अतीक अहमद से जुड़कर चर्चा में रहा कसारी-मसारी
प्रयागराज का कसारी-मसारी इलाका माफिया अतीक अहमद से जोड़कर देखा जाता रहा है। अतीक अहमद और उसके परिवार के कुछ सदस्यों को इसी क्षेत्र के कब्रिस्तान में दफनाया गया था। ऐसे में मुख्यमंत्री की ओर से इस इलाके का नाम कृष्णपुरी करने की घोषणा चर्चा का विषय बन गई है।
हालांकि, नाम बदलने की घोषणा के बाद इसकी औपचारिक प्रक्रिया और प्रशासनिक आदेश से जुड़ी जानकारी सामने आना बाकी है।
‘माफियाओं के लिए कोई रियासत नहीं होगी’
जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में माफियाओं को किसी तरह की विशेष छूट नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और उत्तर प्रदेश में माफियामुक्त व्यवस्था स्थापित करने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने पुराने दौर का जिक्र करते हुए कहा कि माफिया कभी भय और दहशत का प्रतीक हुआ करते थे, लेकिन अब उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति में बदलाव आया है।
प्रयागराज की छवि बदलने पर दिया जोर
सीएम योगी ने कहा कि प्रयागराज धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व वाला शहर है। उन्होंने कहा कि पहले माफिया गतिविधियों के कारण शहर की छवि को नुकसान पहुंचा था, लेकिन अब इसे विकास और बेहतर कानून-व्यवस्था के लिए पहचाना जाना चाहिए।
उन्होंने व्यापारियों और आम लोगों की सुरक्षा को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नाम बदलने की घोषणा पर टिकी नजरें
मुख्यमंत्री के इस ऐलान के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कसारी-मसारी का नाम कृष्णपुरी करने के लिए प्रशासन की ओर से क्या औपचारिक कदम उठाए जाते हैं। नाम परिवर्तन की प्रक्रिया संबंधित सरकारी आदेशों और प्रशासनिक औपचारिकताओं के जरिए पूरी होगी।
फिलहाल मुख्यमंत्री का यह बयान प्रयागराज की स्थानीय राजनीति और माफिया राज को लेकर चल रही बहस के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

