LPU छात्र प्रदर्शन: रेप और छात्रा की आत्महत्या की अफवाह पर कैंपस में बवाल, SIT करेगी जांच
जालंधर। पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में शनिवार देर रात से रविवार तक छात्रों का जोरदार प्रदर्शन देखने को मिला। सोशल मीडिया पर एक छात्रा के कथित रेप और उसके बाद आत्महत्या की खबरें फैलने के बाद बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जुट गए। प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है।
सोशल मीडिया पोस्ट के बाद कैंपस में जुटे छात्र
रिपोर्टों के मुताबिक, शनिवार देर रात सोशल मीडिया पर एक मैसेज और कुछ पोस्ट तेजी से प्रसारित हुए। इनमें दावा किया गया कि LPU के गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ कथित तौर पर रेप हुआ और बाद में उसकी मौत की बात कही गई। कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि कथित घटना 24 सितंबर को हुई थी और इसमें किसी बाहरी व्यक्ति के शामिल होने की बात कही जा रही थी।
हालांकि, पुलिस ने शुरुआत में कहा कि उसे ऐसी किसी घटना की पुष्टि करने वाली जानकारी या शिकायत पहले नहीं मिली थी। इसी वायरल दावे के बाद छात्रों की बड़ी संख्या कैंपस में जुटने लगी।
रात करीब 2 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन
पुलिस के अनुसार, रविवार तड़के करीब 1:45 से 2 बजे के आसपास बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में एकत्र हुए। प्रदर्शन की शुरुआत गर्ल्स हॉस्टल के आसपास से होने की बात सामने आई। इसके बाद छात्र मुख्य गेट की ओर बढ़े और जालंधर-फगवाड़ा हाईवे पर भी पहुंच गए।
प्रदर्शन के दौरान कैंपस की कई संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की खबर है। सामने आए वीडियो में कुछ छात्र खिड़कियों के शीशे और गमले तोड़ते हुए दिखाई दिए। कुछ जगहों पर सामान में आग लगाए जाने की तस्वीरें और वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए।
हाईवे जाम होने से यातायात प्रभावित
प्रदर्शनकारी छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाईवे को भी जाम कर दिया। इसके चलते सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत की और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
कपूरथला के एसएसपी गौरव तूरा ने कहा कि पुलिस को वायरल मैसेज के जरिए कथित घटना की जानकारी मिली थी। उनके मुताबिक, पुलिस के पास पहले से ऐसी किसी घटना की सूचना नहीं थी और छात्रों के बीच सोशल मीडिया पर फैली जानकारी के कारण बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए।
पुलिस ने दर्ज की FIR, SIT करेगी जांच
बाद में पुलिस ने छात्रों की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की। जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला के मुताबिक, पुलिस ने एक छात्रा का बयान लिया और उसी के आधार पर मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
पुलिस ने जांच के लिए SIT गठित की है। जांच में CCTV फुटेज, मोबाइल फोन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी पहलुओं को शामिल किया जाएगा। पुलिस ने यह भी कहा है कि मामले की जांच छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत के साथ वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी।
पुलिस ने पहले कहा था- घटना की पुष्टि नहीं
कपूरथला SSP गौरव तूरा ने शुरुआती चरण में कहा था कि पुलिस को कथित रेप या आत्महत्या की पुष्टि करने वाला कोई सबूत नहीं मिला था। पुलिस के मुताबिक, पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया पर वायरल हुए अपुष्ट संदेश से हुई।
SSP ने यह भी बताया कि पुलिस ने छात्रों और छात्र संगठनों से बातचीत की है। छात्रों ने कैंपस प्रशासन से जुड़ी कई शिकायतें भी पुलिस के सामने रखीं, जिनकी जांच और समाधान की बात कही गई।
यूनिवर्सिटी ने अफवाहों को बताया झूठा
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित दावों को झूठा और बेबुनियाद बताया। यूनिवर्सिटी ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए ऐसी जानकारी फैला रहे हैं, जिससे छात्रों के बीच भ्रम पैदा हो रहा है और शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
यूनिवर्सिटी ने छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और किसी भी सूचना को आगे बढ़ाने से पहले आधिकारिक स्रोतों से उसकी पुष्टि करें।
कर्मचारियों को लेकर भी सोशल मीडिया पर दावे
इस मामले में सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी पर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस की जांच में इन आरोपों और वायरल संदेशों की वास्तविकता की भी पड़ताल की जाएगी।
फिलहाल पुलिस ने छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों और वायरल दावों को अलग-अलग पहलुओं से जांचने की बात कही है। इसलिए कथित घटना को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
स्थिति नियंत्रण में, जांच जारी
प्रदर्शन के बाद कैंपस में पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है और पूरे मामले की जांच जारी है।
LPU छात्र प्रदर्शन का यह मामला सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट जानकारी के तेजी से असर का उदाहरण भी बनकर सामने आया है। एक ओर छात्र कथित घटना की जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं यूनिवर्सिटी ने वायरल दावों को खारिज किया है। अब SIT की जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वायरल आरोपों में कितनी सच्चाई है और सोशल मीडिया पर जानकारी फैलाने के पीछे कौन लोग थे।\
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
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