लखनऊ एयरपोर्ट पर अंडरवियर में छिपाकर लाया 70 लाख रुपये का सोना, कस्टम विभाग ने यात्री को पकड़ा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की टीम ने सोने की कथित तस्करी का मामला पकड़ा है। शारजाह से लखनऊ पहुंचे एक यात्री के पास से करीब 70 लाख रुपये का सोना बरामद किया गया। आरोप है कि यात्री ने सोने को अंडरवियर में छिपाकर रखा था, ताकि कस्टम जांच के दौरान उसे पकड़ा न जा सके।
पकड़े गए यात्री की पहचान बिहार के गोपालगंज निवासी केदार महतो के रूप में हुई है। कस्टम अधिकारियों ने सोना बरामद करने के बाद यात्री से पूछताछ शुरू की और मामले की जांच की जा रही है।
शारजाह से आई फ्लाइट के यात्री पर हुआ शक
जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-1424 बुधवार सुबह करीब 7:20 बजे शारजाह से लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर पहुंची थी। टर्मिनल पर कस्टम विभाग की टीम सामान्य जांच कर रही थी। इसी दौरान एक यात्री की गतिविधियों पर संदेह होने के बाद उसकी तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान यात्री के अंडरवियर में छिपाकर रखा गया सोना बरामद हुआ। इसके बाद कस्टम अधिकारियों ने सोने को अपने कब्जे में ले लिया और यात्री से पूछताछ शुरू कर दी।
सोने के वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका यात्री
कस्टम विभाग के मुताबिक, पकड़े गए यात्री से बरामद सोने से संबंधित दस्तावेज और टैक्स रसीद मांगी गई, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद सोने को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई।
बरामद सोने की कीमत करीब 70 लाख रुपये बताई जा रही है। हालांकि, मामले में सोने के वजन, शुद्धता और अन्य विवरणों से संबंधित आधिकारिक जानकारी जांच के आधार पर स्पष्ट होगी।
कस्टम विभाग कर रहा मामले की जांच
कस्टम विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि सोना कहां से लाया गया था और इसे लखनऊ में किसे सौंपा जाना था। इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि यात्री पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है या नहीं।
फिलहाल केदार महतो से पूछताछ जारी है। जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एयरपोर्ट पर तस्करी रोकने के लिए निगरानी
विदेश से आने वाले यात्रियों के सामान और उनकी गतिविधियों की जांच कस्टम विभाग की जिम्मेदारी होती है। सोने की तस्करी रोकने के लिए एयरपोर्ट पर यात्रियों की जांच की जाती है। लखनऊ एयरपोर्ट पर सामने आया यह मामला इसी निगरानी के दौरान पकड़ा गया।
कस्टम विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि सोना किस उद्देश्य से लाया गया था और इस मामले में आगे किन लोगों की भूमिका सामने आती है।

