लखनऊ में सड़क पर गिरे बुजुर्ग, पत्नी की डांट का वीडियो चर्चा में; सिपाही ने CPR देकर बचाई जान
उपशीर्षक: महानगर चौराहे के पास सब्जी लेकर लौट रहे थे 60 वर्षीय अनिल, सीने में तेज दर्द के बाद बिगड़ी तबीयत; पुलिसकर्मी संदीप यादव की तत्परता आई काम
लखनऊ, उत्तर प्रदेश। राजधानी लखनऊ के महानगर इलाके में सड़क पर अचानक एक बुजुर्ग की तबीयत बिगड़ने की घटना चर्चा में है। करीब 60 वर्षीय अनिल अपनी पत्नी के साथ बाजार से सब्जी लेकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनके सीने में तेज दर्द उठा और वह सड़क पर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच रहीमनगर पुलिस चौकी में तैनात सिपाही संदीप यादव ने तत्परता दिखाते हुए बुजुर्ग को CPR दिया और उन्हें अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में आया। घटना के दौरान पत्नी की प्रतिक्रिया को लेकर भी लोगों की दिलचस्पी देखने को मिली। हालांकि, वायरल वीडियो के आधार पर घटना के हर पहलू की पुष्टि नहीं की जा सकती।
महानगर चौराहे के पास अचानक बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को दोपहर के समय अनिल अपनी पत्नी के साथ बाजार से सब्जी लेकर लौट रहे थे। वह महानगर चौराहे के पास पहुंचे, तभी उनके सीने में अचानक तेज दर्द उठा। दर्द के कारण वह खुद को संभाल नहीं पाए और सड़क पर गिर पड़े। उनके हाथ से सब्जियों का थैला भी छूट गया।
बुजुर्ग को अचानक सड़क पर गिरते देखकर आसपास मौजूद लोग मौके पर जमा होने लगे। उनकी हालत गंभीर दिखाई दे रही थी। पत्नी भी घबरा गईं और मदद के लिए आवाज लगाने लगीं। इस दौरान सड़क पर लोगों की भीड़ जुट गई।
सिपाही संदीप यादव ने तुरंत शुरू किया CPR
इसी बीच रहीमनगर पुलिस चौकी में तैनात सिपाही संदीप यादव की नजर बुजुर्ग पर पड़ी। उन्होंने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत सहायता शुरू की और बुजुर्ग को CPR देना शुरू किया।
CPR यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जिसका इस्तेमाल हृदय गति रुकने जैसी स्थिति में रक्त संचार बनाए रखने के लिए किया जाता है। इसमें छाती पर दबाव देकर शरीर में रक्त प्रवाह बनाए रखने की कोशिश की जाती है।
रिपोर्टों के मुताबिक, सिपाही ने करीब डेढ़ से दो मिनट तक प्रयास किया। इसके बाद बुजुर्ग के शरीर में हलचल दिखाई दी और उनकी स्थिति में सुधार के संकेत मिले। मौके पर मौजूद लोगों ने भी मदद की। इसके बाद एंबुलेंस की सहायता से अनिल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उन्हें चिकित्सा सहायता मिली।
सोशल मीडिया पर चर्चा में आई घटना
घटना के दौरान बुजुर्ग की पत्नी की प्रतिक्रिया और उनकी डांट को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा हुई। हालांकि, किसी वायरल वीडियो के छोटे हिस्से को देखकर पूरे घटनाक्रम या संबंधित व्यक्ति की मनःस्थिति के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं है।
इस घटना का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि सड़क पर अचानक किसी व्यक्ति की तबीयत बिगड़ने पर आसपास मौजूद लोगों की त्वरित मदद कितनी जरूरी हो सकती है। समय पर आपातकालीन सहायता मिलने से गंभीर स्थिति में मरीज को अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलती है।
पुलिसकर्मी को किया गया सम्मानित
इस घटना में दिखाई गई तत्परता के लिए सिपाही संदीप यादव को पुलिस विभाग की ओर से सराहना भी मिली। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, लखनऊ के पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने 12 अक्टूबर को संदीप यादव को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
सिपाही की इस कार्रवाई को आपात स्थिति में पुलिसकर्मियों की सक्रियता और प्राथमिक सहायता के महत्व के उदाहरण के तौर पर देखा गया। इस घटना से यह भी स्पष्ट होता है कि CPR जैसी जीवनरक्षक तकनीक का प्रशिक्षण जरूरत के समय उपयोगी साबित हो सकता है।
आपात स्थिति में क्या करें?
यदि किसी व्यक्ति को अचानक सीने में तेज दर्द हो, वह बेहोश होकर गिर पड़े या सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता बुलानी चाहिए। यदि व्यक्ति बेहोश है और सामान्य सांस नहीं ले रहा, तो आपातकालीन ऑपरेटर के निर्देशों के अनुसार CPR शुरू करना महत्वपूर्ण हो सकता है। प्रशिक्षित व्यक्ति उपलब्ध होने पर उसकी मदद लेनी चाहिए।
निष्कर्ष: लखनऊ के महानगर इलाके में हुई इस घटना में सिपाही संदीप यादव की तत्परता और समय पर मिली सहायता महत्वपूर्ण रही। सोशल मीडिया पर पत्नी की प्रतिक्रिया को लेकर चर्चा के बीच घटना का मुख्य संदेश यही है कि किसी भी चिकित्सा आपात स्थिति में समय पर सहायता और सही प्राथमिक उपचार बेहद अहम होते हैं।

