मेरठ के अजंता अस्पताल में प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में गढ़ रोड स्थित अजंता अस्पताल में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। महिला की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। परिजनों ने महिला की मौत के लिए अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकीय व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराते हुए मामले की जांच की मांग उठाई।
12 अक्टूबर को अस्पताल में कराया था भर्ती
परिजनों के मुताबिक, गर्भवती महिला राधा को 12 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे गढ़ रोड स्थित अजंता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि अस्पताल में उपचार और प्रसव की प्रक्रिया सुरक्षित तरीके से पूरी होगी, लेकिन बाद में महिला की तबीयत बिगड़ने और उसकी मौत की खबर से परिजनों में आक्रोश फैल गया।
सीपीआर देते दिखा अस्पताल का स्टाफ
परिजनों के अनुसार, मंगलवार दोपहर करीब दो बजे वे राधा को देखने अस्पताल पहुंचे तो वहां का स्टाफ उसे सीपीआर यानी कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन दे रहा था। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार के लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध जताया।
महिला की मौत के बाद अस्पताल में हंगामा
राधा की मौत के बाद परिजन बेहद दुखी और आक्रोशित हो गए। उन्होंने अस्पताल में उपचार के दौरान हुई घटनाओं और चिकित्सकीय देखरेख पर सवाल उठाए। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर उचित इलाज और देखभाल मिलती, तो महिला की जान बच सकती थी। हालांकि, लापरवाही के इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
प्रसव के दौरान गर्भवती महिला की मौत का मामला गंभीर है। इसमें यह पता लगाना जरूरी है कि राधा की तबीयत किन परिस्थितियों में बिगड़ी, उसे क्या उपचार दिया गया और क्या चिकित्सा प्रक्रिया में किसी स्तर पर लापरवाही हुई थी। इन सवालों का जवाब चिकित्सकीय रिकॉर्ड और निष्पक्ष जांच से ही मिल सकेगा।
फिलहाल, इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। अस्पताल पर लगाए गए आरोपों की जांच और मौत की परिस्थितियों को स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा, ताकि मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और जांच से जुड़े आधिकारिक निष्कर्ष सामने आने पर मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।

