मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: सौरभ राजपूत की हत्या में मुस्कान और साहिल की सजा पर आज फैसला
126 पेशियों और 22 गवाहों के बयानों के बाद अदालत में सुनवाई पूरी, मर्चेंट नेवी अधिकारी की हत्या के मामले में सजा का इंतजार
मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा को लेकर बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को अदालत में सुनवाई होनी है। यह मामला मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अपना पक्ष रखा था। अंतिम बहस 17 सितंबर को पूरी हुई थी।
इस हत्याकांड ने मार्च 2025 में उस समय सुर्खियां बटोरी थीं, जब सौरभ राजपूत की हत्या और उनके शव को नीले ड्रम में छिपाने का मामला सामने आया था। घटना के खुलासे के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मुस्कान रस्तोगी तथा साहिल शुक्ला के खिलाफ कार्रवाई की।
126 पेशियों के बाद पूरी हुई सुनवाई
इस मामले में मार्च 2025 से सितंबर 2026 तक अदालत में सुनवाई चली। इस दौरान कुल 126 पेशियां हुईं और 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने अदालत में मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अपनी दलीलें रखीं।
17 सितंबर को अंतिम बहस पूरी होने के बाद अदालत के फैसले को लेकर इंतजार बढ़ गया। इसके बाद मामले में दोषसिद्धि और सजा से जुड़ी कार्यवाही आगे बढ़ी।
सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़ा है मामला
सौरभ राजपूत मर्चेंट नेवी में अधिकारी थे। मार्च 2025 में उनकी हत्या का मामला सामने आया था। जांच के दौरान उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला के नाम सामने आए। पुलिस ने मामले की जांच कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
जांच के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद उनके शव को नीले ड्रम में छिपाया गया था। इस घटना ने मेरठ सहित देश के अन्य हिस्सों में भी लोगों का ध्यान खींचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साक्ष्य जुटाए और जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया।
मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराया गया
मामले में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई।
अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कठोरतम सजा की मांग की है। हालांकि, दोषियों को किस प्रकार की सजा दी जाएगी, इसका फैसला अदालत के अंतिम आदेश से ही स्पष्ट होगा।
जेल में मुस्कान और साहिल से जुड़ी जानकारी
मेरठ जेल के अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने मीडिया से बातचीत में दोनों के जेल में रहने के दौरान की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों को नशे की लत से बाहर निकालने के लिए प्रयास किए जाने की बात भी सामने आई थी।
यह भी बताया गया कि जेल में मुस्कान से मिलने के लिए उसके परिवार का कोई सदस्य नहीं पहुंचा था। हालांकि, जेल में मुलाकातों से जुड़ी जानकारी को संबंधित अधिकारियों के बयानों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
अब अदालत के फैसले पर नजरें
नीला ड्रम हत्याकांड में लंबी सुनवाई, 126 पेशियों और 22 गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद मामला सजा के चरण तक पहुंचा है। सौरभ राजपूत के परिवार के लिए यह न्याय की प्रतीक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण पड़ाव है।
फिलहाल, सजा के संबंध में अदालत के अंतिम आदेश की पुष्टि आवश्यक है। अदालत का निर्णय ही स्पष्ट करेगा कि मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को किस प्रकार की सजा दी जाती है।

