पंजाब में पुलिसकर्मियों पर टारगेटेड हमलों से बढ़ी चिंता, इस साल पांच पुलिसकर्मियों की हत्या
तरनतारन। पंजाब में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार, 11 अक्टूबर को तरनतारन जिले के नौशहरा पन्नूआ इलाके में अज्ञात हमलावरों ने सहायक उपनिरीक्षक (ASI) इकबाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना ने राज्य में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इकबाल सिंह फिरोजपुर में पुलिस की सीआईए शाखा में तैनात थे। वह अपने गांव नौशहरा पन्नूआ में गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकने के बाद बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया और ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
वारदात के बाद हमलावर फरार हो गए। सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और हमलावरों की पहचान करने के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
इस साल पुलिसकर्मियों पर हमलों की पांचवीं घटना
पंजाब में इस साल पुलिसकर्मियों पर लक्षित हमलों की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अब तक पांच पुलिसकर्मियों की हत्या हो चुकी है, जबकि दो अन्य पुलिसकर्मी गोलीबारी में घायल हुए हैं या हमलों में बच गए हैं।
इन घटनाओं में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ-साथ ऐसे कर्मचारी भी निशाने पर आए हैं, जो ड्यूटी के बाद या निजी काम से कहीं जा रहे थे। तरनतारन में इकबाल सिंह की हत्या भी इसी तरह की घटना है, जिसमें हमलावरों ने उन्हें रास्ते में घेरकर गोली मार दी।
लगातार सामने आ रही ऐसी वारदातों के कारण पुलिसकर्मियों की सुरक्षा, अपराधियों की पहचान और हमलों के पीछे की वजहों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
अमृतसर, मजीठा और गुरदासपुर में भी हो चुकी हैं घटनाएं
इस साल पंजाब के अलग-अलग जिलों में पुलिसकर्मियों पर कई गंभीर हमले हुए हैं। मई में मजीठा क्षेत्र में एएसआई जोगा सिंह की हत्या कर दी गई थी। गुरदासपुर जिले के दोरांगला क्षेत्र में भी दो पुलिसकर्मियों की जान गई थी।
सितंबर में अमृतसर के भगतांवाला अनाज मंडी के पास पीसीआर ड्यूटी पर तैनात एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं, 12 सितंबर को राजासांसी क्षेत्र में एएसआई जसवंत सिंह पर गोली चलाई गई, लेकिन वह बच गए।
अक्टूबर की शुरुआत में अजनाला क्षेत्र के जगदेव खुर्द के पास सरकारी रेलवे पुलिस में तैनात एएसआई सुखचैन सिंह को गोली लगी थी। वह इस हमले में घायल हो गए थे। इसके बाद 11 अक्टूबर को तरनतारन में एएसआई इकबाल सिंह की हत्या ने पुलिस विभाग की चिंता और बढ़ा दी है।
इकबाल सिंह के भतीजे की भी हुई थी हत्या
इकबाल सिंह की हत्या का एक और पहलू सामने आया है। रिपोर्टों के अनुसार, करीब एक महीने पहले 11 सितंबर को उनके भतीजे अजमीत सिंह की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में मुख्य आरोपी को बाद में पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इकबाल सिंह की हत्या का उनके भतीजे की हत्या से कोई संबंध है या नहीं। हालांकि, जांच पूरी होने से पहले किसी निश्चित कारण या आपसी रंजिश को हत्या की वजह मानना जल्दबाजी होगी।
सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच
हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक कथित पोस्ट सामने आने की रिपोर्ट है, जिसमें विदेश में बैठे कुछ गैंगस्टरों के नाम से वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पोस्ट में इकबाल सिंह पर एक गैंगस्टर की मदद करने का आरोप भी लगाया गया।
हालांकि, इस पोस्ट की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच में यह पता लगाया जाना बाकी है कि हत्या के पीछे कौन लोग थे और वारदात किस मकसद से की गई।
मान सरकार पर विपक्ष के सवाल
पंजाब में पुलिसकर्मियों पर लगातार हो रहे हमलों को लेकर राज्य की कानून-व्यवस्था पर राजनीतिक बहस तेज होने की आशंका है। विपक्षी दल भगवंत मान सरकार से पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और अपराधियों पर कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
विपक्ष का कहना है कि पुलिसकर्मियों को ही निशाना बनाए जाने की घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं। दूसरी ओर, इन मामलों में हमलावरों की पहचान, हत्या के पीछे की वजह और संभावित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस के सामने हमलावरों की पहचान बड़ी चुनौती
तरनतारन की घटना के बाद पुलिस घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने, सीसीटीवी फुटेज की जांच करने और संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण है कि वारदात किसी निजी रंजिश का परिणाम थी या इसके पीछे संगठित अपराध से जुड़ा कोई मकसद था।
निष्कर्ष: पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हो रहे लगातार हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। तरनतारन में एएसआई इकबाल सिंह की हत्या इस साल पुलिसकर्मियों की जान लेने वाली पांचवीं घटना बताई जा रही है। अब पुलिस के सामने हमलावरों को गिरफ्तार करने, हत्या की वजह का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की चुनौती है।

