राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के सांसदों को सुनाया नेहरू का ऐतिहासिक भाषण, CEC ज्ञानेश कुमार पर भी उठाए सवाल
नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को संसद के सेंट्रल हॉल में INDIA ब्लॉक के सांसदों को देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के ऐतिहासिक भाषण का एक अंश सुनाया। यह बैठक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की नाराजगी और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने से पहले हुई।
राहुल गांधी ने नेहरू के 14 अगस्त 1947 के भाषण का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत, पूरे एशिया और दुनिया के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण था। उन्होंने स्वतंत्रता की उम्मीद और उसके साथ जुड़े सपनों को याद करते हुए सांसदों के सामने भाषण का अंश पढ़ा।
राहुल गांधी ने नेहरू के भाषण में क्या कहा?
राहुल गांधी ने सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त 1947 को संसद के सेंट्रल हॉल से एक ऐतिहासिक भाषण दिया था। उन्होंने उसी भाषण का कुछ हिस्सा पढ़कर सुनाया।
राहुल गांधी ने नेहरू के शब्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में स्वतंत्रता का नया सितारा उभरा था, जिससे पूर्व में एक नई उम्मीद पैदा हुई और लंबे समय से संजोया गया सपना साकार हुआ।
उन्होंने नेहरू के भाषण के जरिए आजादी से जुड़े आदर्शों और लोकतंत्र की बुनियादी प्रतिबद्धताओं को याद किया। यह संबोधन ऐसे समय में हुआ, जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग पर क्या बोले राहुल गांधी?
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की मांग का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें कथित गड़बड़ियों के बारे में तब पता चला, जब उनके हाथ में सबूत आए।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल ज्ञानेश कुमार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे जुड़े व्यापक सवालों पर भी चर्चा होनी चाहिए। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।
INDIA ब्लॉक के नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर अपनी आपत्तियां राष्ट्रपति के सामने रखने की तैयारी की। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने जा रहे थे विपक्षी सांसद
INDIA ब्लॉक के सांसद 9 अक्टूबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करने के लिए संसद से राष्ट्रपति भवन की ओर रवाना हुए। इस मुलाकात का उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और कथित चुनावी अनियमितताओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रपति के सामने रखना था।
NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, संसद के सेंट्रल हॉल में विपक्षी गठबंधन के करीब 150 सांसदों की बैठक हुई। इस दौरान 16 राजनीतिक दलों के नेताओं ने राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
विपक्ष की ओर से आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन आरोपों के संदर्भ में स्पष्ट किया है कि संबंधित नाम अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट मतदाताओं जैसी श्रेणियों में चिह्नित किए गए थे और प्रक्रिया में सत्यापन किया गया।
7 अक्टूबर को भी राहुल गांधी ने किया था विरोध प्रदर्शन
इससे पहले 7 अक्टूबर को राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मुलाकात की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए प्रदर्शन किया और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया।
इसके बाद INDIA ब्लॉक के नेताओं ने विरोध जारी रखा और राष्ट्रपति से मुलाकात का कार्यक्रम बनाया। विपक्ष का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। वहीं, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया का बचाव किया है।
नेहरू के भाषण के जरिए लोकतांत्रिक मूल्यों का संदेश
राहुल गांधी का संसद के सेंट्रल हॉल में नेहरू के ऐतिहासिक भाषण का अंश पढ़ना विपक्ष की बैठक का प्रमुख हिस्सा रहा। उन्होंने स्वतंत्रता के समय दिए गए संदेश को मौजूदा राजनीतिक बहस के संदर्भ में सामने रखा।
फिलहाल INDIA ब्लॉक की प्रमुख मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली से जुड़े सवालों पर राष्ट्रपति का ध्यान आकर्षित करना है। इस पूरे विवाद में विपक्ष के आरोपों और चुनाव आयोग के पक्ष को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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