UP Election 2027 Congress: 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ने का संकेत, सपा से सीट शेयरिंग पर पेच
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि कांग्रेस गठबंधन के तहत 150 से कम विधानसभा सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस और उसके गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट शेयरिंग पर फैसला अक्टूबर में होने की उम्मीद है।
सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार होने का दावा
राजेंद्र पाल गौतम के मुताबिक कांग्रेस के पास उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार उपलब्ध हैं। उनका कहना है कि गठबंधन के तहत कांग्रेस को सीटों में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलनी चाहिए और पार्टी 150 से कम सीटों पर चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं है।
कांग्रेस प्रभारी ने बताया कि पिछले करीब दो महीनों से उत्तर प्रदेश में सीट शेयरिंग को लेकर पार्टी के स्तर पर काम चल रहा है। उनके अनुसार राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और वह स्वयं इस प्रक्रिया से जुड़े हैं।
अक्टूबर में सीट शेयरिंग पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद
कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अक्टूबर में सहमति बनने की संभावना जताई गई है। इसका मतलब है कि आने वाले दिनों में गठबंधन के भीतर सीटों की संख्या के साथ-साथ किन विधानसभा क्षेत्रों में कौन दल चुनाव लड़ेगा, इस पर बातचीत आगे बढ़ सकती है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन के प्रमुख घटक हैं। दोनों दलों ने 2024 का लोकसभा चुनाव भी गठबंधन के रूप में लड़ा था।
सीटों की संख्या के साथ चयन भी अहम मुद्दा
सीट शेयरिंग में केवल कुल सीटों की संख्या ही नहीं, बल्कि विधानसभा क्षेत्रों के चयन को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस कुछ खास सामाजिक समीकरण वाले क्षेत्रों और उन इलाकों में अधिक सीटें चाहती है, जहां पार्टी का हालिया चुनावी प्रदर्शन रहा है। वहीं समाजवादी पार्टी की ओर से सीटों के चयन को लेकर अलग प्राथमिकताएं बताई गई हैं।
कांग्रेस की ओर से कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ने की बात सामने आने के बाद अब गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत का अगला चरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि अंतिम सीटों की संख्या और विधानसभा क्षेत्रों का बंटवारा अभी तय नहीं हुआ है।
सपा-कांग्रेस के बीच बातचीत पर नजर
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। कांग्रेस की ओर से 150 सीटों से कम पर चुनाव नहीं लड़ने का रुख सामने आने के बाद सपा के साथ बातचीत का दायरा स्पष्ट हुआ है। हालांकि सीट शेयरिंग का अंतिम फॉर्मूला अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
सितंबर में दोनों दलों के बीच सीटों और बातचीत की समय-सीमा को लेकर अलग-अलग संकेत सामने आते रहे हैं। इंडिया टुडे ने 21 सितंबर की रिपोर्ट में बताया था कि कांग्रेस सीट शेयरिंग जल्द तय करने की इच्छा जता रही थी, जबकि समाजवादी पार्टी अपनी तैयारियों के बाद बातचीत आगे बढ़ाने के पक्ष में थी।
कांग्रेस की चुनावी तैयारियां जारी
राजेंद्र पाल गौतम के बयान के मुताबिक कांग्रेस संगठन उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों की उपलब्धता का दावा कर रहा है। पार्टी अब गठबंधन में अपनी हिस्सेदारी और सीटों के चयन को लेकर बातचीत आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
अक्टूबर में सीट शेयरिंग पर फैसला होने की स्थिति में गठबंधन के दोनों दलों को उम्मीदवारों और संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ाने के लिए अधिक स्पष्टता मिल सकती है। फिलहाल 150 सीटों का आंकड़ा कांग्रेस की ओर से रखी गई स्थिति है, अंतिम गठबंधन समझौता नहीं।
2027 चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधि
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख दल अपनी संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों को आगे बढ़ा रहे हैं। कांग्रेस और सपा के बीच सीट शेयरिंग का मुद्दा गठबंधन की आगामी रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है।
कांग्रेस के यूपी प्रभारी के ताजा बयान के बाद अब अक्टूबर में होने वाली बातचीत पर नजर रहेगी। अंतिम समझौते में कांग्रेस और उसके सहयोगियों के बीच कितनी सीटों का बंटवारा होता है और किन विधानसभा क्षेत्रों का चयन किया जाता है, यह बातचीत पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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