यूपी बारिश से बिगड़े हालात, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
दीप सिंह, लखनऊ मुख्य संवाददाता, दैनिक रुस्तम-ए-हिंद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही यूपी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। जगह-जगह जलभराव की स्थिति है, जबकि तेज बारिश और हवाओं के कारण पेड़ गिरने तथा कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं। शनिवार को बारिश से जुड़ी घटनाओं में प्रदेश में 10 लोगों की मौत और 17 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। वहीं, पिछले 48 घंटे में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मौतों का आंकड़ा 15 बताया गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना मौसम तंत्र उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर से गुजरने और अगले कुछ घंटों में धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग इस सिस्टम पर लगातार निगरानी रख रहा है।
कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। पूर्वी यूपी में बारिश का असर अधिक रहने की संभावना है, जबकि केंद्रीय तराई क्षेत्र में कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही मध्य और तराई यूपी के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का हल्का से मध्यम खतरा भी बताया गया है।
27 सितंबर को भी प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। IMD के मुताबिक उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन, बिजली और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है।
63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
शनिवार को उत्तर प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना ज्यादा बारिश दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई।
लखनऊ में शनिवार सुबह तक 21 घंटे के दौरान 125.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। फतेहगढ़ में 224 मिलीमीटर, बांदा में 227.6 मिलीमीटर, बहराइच के नानपारा में 217 मिलीमीटर, हरदोई में 214 मिलीमीटर और कन्नौज में 204 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
जलभराव से बढ़ी परेशानी
लगातार बारिश के कारण कई शहरों और निचले इलाकों में पानी भर गया है। मुरादाबाद में कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और जिला पशु चिकित्सालय में भी बारिश का पानी पहुंच गया। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई स्थानों पर पेड़ गिरे, जबकि कच्चे मकानों की दीवारें गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। बारिश और तेज हवाओं से 117 मकानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी दी गई है।
बारिश का असर फसलों पर भी पड़ा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलभराव और संभावित बाढ़ के कारण ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इन जिलों में फ्लैश फ्लड पर नजर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, गोरखपुर, बस्ती, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, कौशांबी और चित्रकूट सहित कई जिलों में अचानक बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। नेपाल में भी भारी बारिश के मद्देनजर सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव की व्यवस्था सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी ने दिए राहत के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को जनहानि और पशुहानि होने पर नियमानुसार मुआवजा देने तथा बारिश के कारण मकान गिरने से प्रभावित परिवारों को जल्द सहायता उपलब्ध कराने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता देने के निर्देश भी दिए हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत एवं शरणालय केंद्रों तक पहुंचाने और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर रहकर स्थिति की निगरानी करने को कहा गया है।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
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