यूपी राज्यसभा चुनाव 2026: अखिलेश के सामने तीसरी सीट का गणित, 2024 के ‘संजय सेठ मॉडल’ की फिर चर्चा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। 16 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले बीजेपी और समाजवादी पार्टी अपने-अपने सियासी समीकरण साधने में जुटी हैं। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर बीजेपी-एनडीए के लिए सात सीटों पर मजबूत गणित बनता है, जबकि समाजवादी पार्टी दो सीटों की स्थिति में है। ऐसे में 10वीं सीट के लिए दोनों खेमों के बीच अतिरिक्त विधायकों के समर्थन का गणित महत्वपूर्ण हो गया है।
10 सीटों पर होना है चुनाव
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा की 10 सीटों का कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है। इनमें मौजूदा तौर पर बीजेपी की आठ, सपा की एक और बसपा की एक सीट शामिल है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 6 अक्टूबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है, 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे। जरूरत पड़ने पर 16 अक्टूबर को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी।
मौजूदा आंकड़ों में क्या है गणित?
राज्यसभा चुनाव में एक उम्मीदवार को जीत के लिए करीब 38 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत पड़ती है। विधानसभा में मौजूदा संख्या के आधार पर बीजेपी-एनडीए के पास सात सीटें निकालने के लिए पर्याप्त संख्या है, जबकि सपा के लिए दो सीटों का गणित बनता है। इसके बाद बचने वाली 10वीं सीट के लिए दोनों पक्षों को अतिरिक्त समर्थन जुटाने की जरूरत होगी।
इसी सीट को लेकर सपा और बीजेपी दोनों की रणनीति पर नजर है। सपा के सामने अपने विधायकों को एकजुट रखने के साथ-साथ अतिरिक्त विधायकों का समर्थन जुटाने की चुनौती है।
अखिलेश यादव की बैठक के बाद बढ़ी हलचल
राज्यसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने लखनऊ में बैठक की। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने नेताओं के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा की। सपा की कोशिश अपने हिस्से में आने वाली सीटों के साथ तीसरी सीट के लिए भी संभावनाएं तलाशने की है।
India Today की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरी सीट के लिए सपा को अपनी मौजूदा ताकत के अलावा करीब 16-17 अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में सहयोगी दलों और दूसरे दलों के विधायकों का समर्थन चुनावी गणित में अहम हो सकता है।
2024 का ‘संजय सेठ मॉडल’ क्यों चर्चा में?
राज्यसभा चुनाव के मौजूदा मुकाबले में 2024 के चुनाव का संदर्भ भी सामने आ रहा है। उस चुनाव में बीजेपी ने संजय सेठ को मैदान में उतारा था। सेठ पहले समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे थे और पार्टी के कोषाध्यक्ष भी रह चुके थे।
उस चुनाव में बीजेपी के पास अपने उम्मीदवारों को जिताने के लिए पर्याप्त संख्या थी, लेकिन अतिरिक्त उम्मीदवार के लिए मुकाबला हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक सपा के सात विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की थी, जिसके बाद संजय सेठ राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे और सपा के उम्मीदवार आलोक रंजन को हार का सामना करना पड़ा।
यही वजह है कि इस बार सपा अपने विधायकों की एकजुटता और अतिरिक्त समर्थन जुटाने के सवाल को लेकर सतर्क नजर आ रही है।
सुभासपा और आरएलडी के विधायकों पर नजर
सपा के सामने तीसरी सीट का रास्ता आसान नहीं है। पार्टी को अपने विधायकों के अलावा सहयोगी दलों और अन्य दलों के विधायकों का समर्थन हासिल करना होगा। उपलब्ध रिपोर्टों में सुभासपा और आरएलडी के कुछ विधायकों के समर्थन को लेकर भी सपा की संभावित रणनीति का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, अंतिम तस्वीर उम्मीदवारों के नामांकन और राजनीतिक दलों की ओर से समर्थन को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही सामने आएगी।
बीजेपी की रणनीति पर भी नजर
बीजेपी भी राज्यसभा के साथ-साथ विधान परिषद चुनाव को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर रही है। पार्टी की प्रदेश कोर कमेटी ने संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा की है। बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत प्रदेश संगठन के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। संभावित नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजे जाने की बात सामने आई है।
राज्यसभा की 10 सीटों के साथ उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की 11 सीटों के लिए भी चुनाव होने हैं। विधान परिषद चुनाव के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होगा।
नामांकन के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल राज्यसभा की 10 सीटों में से सात पर बीजेपी-एनडीए और दो पर सपा के पक्ष में मौजूदा संख्या के आधार पर गणित बनता है। 10वीं सीट के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना दोनों पक्षों की रणनीति का अहम हिस्सा रहेगा।
अब नजर 6 अक्टूबर तक दाखिल होने वाले नामांकनों पर है। उम्मीदवारों की अंतिम सूची सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 10वीं सीट पर मुकाबला किस तरह आकार लेता है। मतदान 16 अक्टूबर को होगा और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी।
\
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।

