Uttarakhand Aaj Ka Mausam 20 August: भारी बारिश का अलर्ट, कई जिलों में भूस्खलन का खतरा
Uttarakhand Aaj Ka Mausam 20 August: उत्तराखंड में मानसून का रौद्र रूप थमता नजर नहीं आ रहा है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और मौसम केंद्र देहरादून ने राज्य के कई जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, जबकि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक राज्य में मानसूनी गतिविधियां जारी रह सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले लोगों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
ऋषिकेश में मौसम सुहावना
ऋषिकेश में आज सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण शहर के मौसम में ठंडक बनी हुई है।
ऋषिकेश में तापमान करीब 24 से 30 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। कभी हल्की बारिश तो कभी बादलों के बीच मौसम शांत नजर आ रहा है। बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिली है।
हालांकि, दिन के दौरान एक-दो बार फिर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। निचले इलाकों और नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
बारिश के बीच नैनीताल में पर्यटकों की चहल-पहल
बारिश के बावजूद नैनीताल में पर्यटकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। माल रोड और आसपास की सड़कों पर पर्यटक छतरियां लेकर घूमते नजर आ रहे हैं।
बारिश और धुंध के कारण नैनीताल में मौसम काफी सुहावना हो गया है। यहां अधिकतम तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 15 डिग्री सेल्सियस रहने की जानकारी है।
हालांकि, पहाड़ी इलाकों में बारिश और धुंध के कारण विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती है। ऐसे में वाहन चालकों को सावधानी से सफर करने की सलाह दी गई है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों में उत्तराखंड के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। वहीं कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और नैनीताल समेत कई इलाकों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज गर्जना और आकाशीय बिजली के साथ भारी बौछारें पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।
पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय जिलों में भूस्खलन और मलबा गिरने का खतरा बढ़ गया है। कई जगह पहाड़ियों से पत्थर और मलबा सड़कों पर आने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है।
बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर अचानक मलबा आने से दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
नदियों का जलस्तर बढ़ा
पहाड़ों में लगातार बारिश के कारण गंगा, यमुना, अलकनंदा और मंदाकिनी समेत कई नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ा हुआ है।
ऋषिकेश में गंगा के जलस्तर पर भी प्रशासन लगातार नजर रख रहा है। घाटों पर स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों से गहरे पानी में नहीं जाने की अपील की गई है।
प्रशासन ने लोगों से बरसाती नालों, रपटों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने को कहा है।
देहरादून में भारी बारिश की संभावना
राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में आज भी बादल छाए रहने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज गर्जना के साथ भारी बारिश हो सकती है।
लगातार बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है। सहस्रधारा और मालदेवता जैसे पहाड़ी इलाकों में बरसाती नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से नदी, नालों और रपटों के पास न जाएं।
पिथौरागढ़ में बैली ब्रिज टूटा
पिथौरागढ़ जिले के धारचूला क्षेत्र में भारी बारिश और मलबे के दबाव के कारण कुलागाड़ में बीआरओ द्वारा बनाया गया बैली ब्रिज टूट गया।
यह पुल सीमा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण था। इसके टूटने से व्यास, दारमा और चौदास घाटी का सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। इससे सीमांत क्षेत्र में रहने वाले लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सीमा सड़क संगठन और स्थानीय प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में जुटे हैं।
उधम सिंह नगर में अगले पांच दिनों तक येलो अलर्ट
कुमाऊं मंडल के मैदानी जिले उधम सिंह नगर में भी बारिश को देखते हुए अगले पांच दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
खटीमा, सितारगंज, काशीपुर और रुद्रपुर जैसे इलाकों में जलभराव की स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। नदियों और नालों में अचानक पानी बढ़ने की आशंका के मद्देनजर आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जल पुलिस की निगरानी बढ़ाई गई है।
ऋषिकेश में बारिश थमी, लेकिन नदियों का बहाव तेज
ऋषिकेश और आसपास के इलाकों में तेज बारिश का दौर कुछ समय के लिए थमा है। इससे स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, ऊपरी पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश जारी रहने के कारण बरसाती नदियों और चंद्रभागा में पानी का बहाव तेज बना हुआ है।
त्रिवेणी घाट समेत अन्य घाटों पर गंगा के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गई है, लेकिन बहाव अभी भी तेज है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों से नदी में जाने से बचने की अपील की है।
चमोली में बद्रीनाथ हाईवे खुला, नंदानगर मार्ग बंद
चमोली में बारिश रुकने के बाद बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया है। इससे बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थयात्रियों को राहत मिली है।
हालांकि, नंदप्रयाग से नंदानगर को जोड़ने वाले मुख्य मोटर मार्ग पर पहाड़ी का एक हिस्सा दरकने से भारी मलबा और बोल्डर सड़क पर आ गए हैं। इसके कारण मार्ग बंद हो गया है।
लोक निर्माण विभाग की मशीनें मलबा हटाने में जुटी हैं और सड़क को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
बागेश्वर और नैनीताल में भी खतरा
बागेश्वर और नैनीताल के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली की आशंका जताई गई है। संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में प्रशासन को सतर्क किया गया है।
नैनीताल, भीमताल और भवाली के आसपास बारिश और धुंध के कारण विजिबिलिटी कम हो सकती है। ऐसे में पर्वतीय मार्गों पर वाहन चलाने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
21 से 25 अगस्त तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 21 से 25 अगस्त के बीच उत्तराखंड में मानसूनी गतिविधियां बनी रह सकती हैं।
21 अगस्त को टिहरी, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
22 अगस्त को चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, चंपावत और टिहरी समेत कई जिलों में बारिश तेज हो सकती है। इस दौरान कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली और गरज-चमक की भी आशंका है।
23 से 25 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर तेज बौछारें जारी रहने का अनुमान है।
मैदानी इलाकों में तापमान सामान्य के आसपास रह सकता है, जबकि लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने की संभावना है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
लगातार बारिश और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पर्यटकों को भी मौसम की स्थिति और सड़क मार्ग की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने को कहा गया है।
रिपोर्टर; तेजिंदर सिंह, मुख्य संवाददता उत्तराखण्ड

