विनीत मिनोचा हत्याकांड: करोड़पति दवा कारोबारी की हत्या में बहू पर मास्टरमाइंड का आरोप, पुराने नौकर ने खोला राज
कानपुर: कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिस बहू शालू को ससुर की मौत के बाद रोते-बिलखते देखा गया था, पुलिस ने अब उसी को हत्या की कथित साजिश की मुख्य आरोपी बताया है। पुलिस के मुताबिक, पुराने कर्मचारी विशाल गौतम और उसके साथी राजकिशोर ने पूछताछ में दावा किया कि हत्या के पीछे शालू की कथित भूमिका थी। पुलिस ने शालू को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
मामला कानपुर के कल्याणपुर क्षेत्र स्थित इंदिरानगर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट का है। 63 वर्षीय विनीत मिनोचा अपने फ्लैट में अकेले थे, जबकि उनका बेटा सुब्रत, बहू शालू और छह वर्षीय बेटा पार्टी के लिए बाहर गए थे। परिवार के वापस लौटने पर कारोबारी का शव घर के अंदर खून से लथपथ मिला। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और सीसीटीवी फुटेज से दो संदिग्धों की पहचान की।
पार्टी के लिए निकला था परिवार, घर में अकेले थे विनीत
पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात करीब 9:36 बजे सुब्रत अपनी पत्नी शालू और बेटे के साथ पार्टी के लिए घर से निकले थे। उनके निकलने के कुछ ही समय बाद दो संदिग्ध अपार्टमेंट में दाखिल होते दिखाई दिए।
जांच में सामने आया कि संदिग्ध कुछ समय तक फ्लैट के अंदर मौजूद रहे। पुलिस का दावा है कि उन्हें पता था कि विनीत मिनोचा कुछ देर बाद घर लौटेंगे। इसी दौरान दोनों आरोपी कथित तौर पर फ्लैट के अंदर छिपे रहे।
सीसीटीवी ने खोली हत्या की पहली कड़ी
विनीत मिनोचा की हत्या के बाद पुलिस ने अपार्टमेंट और फ्लैट के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। फुटेज में दो लोग फ्लैट की ओर जाते और फिर वहां से निकलते दिखाई दिए।
जांच के दौरान इनमें से एक की पहचान विनीत मिनोचा के पुराने कर्मचारी विशाल गौतम के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, विशाल पहले विनीत के यहां काम कर चुका था और उसे करीब छह साल पहले चोरी के आरोप में नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बावजूद परिवार से उसका संपर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ था।
पुराने नौकर विशाल पर पुलिस का शक
पुलिस की जांच में विशाल की भूमिका सामने आने के बाद उसकी तलाश शुरू हुई। बाद में पुलिस ने विशाल और उसके साथी राजकिशोर को गिरफ्तार किया। दोनों की गिरफ्तारी पुलिस मुठभेड़ के दौरान होने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार करने के साथ दावा किया कि उन्हें यह काम करने के लिए शालू की ओर से कहा गया था। हालांकि, इन दावों की पुष्टि अदालत में साक्ष्यों के आधार पर होनी बाकी है।
डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट में दाखिल होने का आरोप
जांच में फ्लैट की चाबी भी अहम कड़ी बन गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास फ्लैट में प्रवेश का रास्ता था और डुप्लीकेट चाबी के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है।
इससे पुलिस को शक हुआ कि हत्या अचानक नहीं हुई, बल्कि पहले से तैयारी की गई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, आरोपियों के बयान और फ्लैट में प्रवेश से जुड़े तथ्यों को जांच का हिस्सा बनाया है।
हत्या का मकसद क्या था?
जांच में यह सवाल भी सामने आया कि आखिर विनीत मिनोचा की हत्या क्यों की गई। शुरुआत में मामला लूटपाट से जुड़ा लग सकता था, लेकिन पुलिस की जांच में ऐसा कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला कि वारदात का मुख्य उद्देश्य घर से कीमती सामान लूटना था।
पुलिस के सामने आई कथित कहानी के अनुसार, परिवार में पैसे और खर्च को लेकर तनाव था। आरोप है कि विनीत अपने बेटे और बहू के खर्च पर नियंत्रण रखते थे और उन्हें सीमित धन दिया जाता था। इसी कथित नाराजगी को हत्या की साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है।
छह लाख रुपये की सुपारी का दावा
पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के मुताबिक, हत्या के लिए कथित तौर पर करीब 6 लाख रुपये में सौदा तय होने की बात कही गई है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में भुगतान को लेकर भी जानकारी दी है। हालांकि, इस रकम और भुगतान की पूरी स्थिति को पुलिस साक्ष्यों और जांच के अन्य पहलुओं से सत्यापित कर रही है।
पहले हत्या को प्राकृतिक मौत जैसा दिखाने की योजना?
पुलिस के सामने आए आरोपों के मुताबिक, हत्या की कथित शुरुआती योजना ऐसी थी कि विनीत मिनोचा की मौत प्राकृतिक तरीके से हुई हुई लगे। रिपोर्टों में बताया गया है कि उन्हें सोते समय तकिए से दबाने की योजना पर भी विचार किया गया था।
लेकिन घटनाक्रम कथित योजना के मुताबिक नहीं चला। विनीत उस रात बच्चों के कमरे की तरफ चले गए और वहां मौजूद हमलावरों से उनका सामना हो गया।
आमने-सामने होने के बाद चाकू से हमला
पुलिस के मुताबिक, विनीत और हमलावरों के आमने-सामने आने के बाद उन पर चाकू से हमला किया गया। उनके गले, सीने और शरीर के अन्य हिस्सों पर गंभीर चोटों के निशान मिले।
अलग-अलग रिपोर्टों में चाकू से किए गए वार की संख्या अलग-अलग बताई गई है। कुछ रिपोर्टों में 26 से अधिक वार का भी उल्लेख है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया है।
गार्ड से भी हुई पूछताछ
मामले की जांच में अपार्टमेंट के सुरक्षा गार्ड से भी पूछताछ की गई। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपी अपार्टमेंट में किस तरह दाखिल हुए और क्या उनके प्रवेश की जानकारी पहले से किसी को थी।
जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, गार्ड के बयान और आरोपियों की गतिविधियों को आपस में जोड़कर देख रही हैं।
सुबह करीब चार बजे सामने आया हत्या का राज
पार्टी से लौटने के बाद परिवार को घर के अंदर विनीत मिनोचा का शव मिला। रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार तड़के करीब 4:13 बजे परिवार वापस पहुंचा। इसके बाद घर में खून के निशान दिखाई दिए और विनीत का शव मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फ्लैट से साक्ष्य जुटाए गए और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई।
बहू के रोने से लेकर पुलिस की गिरफ्तारी तक
हत्या के बाद शालू को ससुर की मौत पर रोते हुए देखा गया। शुरुआती तौर पर परिवार भी इस घटना को बाहर से आए हत्यारों की वारदात मान रहा था।
लेकिन पुलिस जांच आगे बढ़ने के साथ कहानी बदलती गई। सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों की मौजूदगी, पुराने कर्मचारी की पहचान और पूछताछ में सामने आए कथित बयानों ने जांच को परिवार के अंदर तक पहुंचा दिया।
पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने शालू की कथित भूमिका के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने शालू को भी गिरफ्तार कर लिया।
तीन किरदारों पर टिकी जांच
इस मामले में फिलहाल तीन नाम जांच के केंद्र में हैं—शालू, विशाल गौतम और राजकिशोर।
पुलिस के मुताबिक, शालू पर हत्या की साजिश में कथित भूमिका का आरोप है, जबकि विशाल और राजकिशोर पर हत्या को अंजाम देने का आरोप है।
हालांकि, पुलिस की ओर से सामने रखी गई कहानी और आरोपों का अंतिम न्यायिक निर्धारण अदालत में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।
करोड़ों की संपत्ति और पारिवारिक विवाद की कथित कहानी
विनीत मिनोचा लंबे समय से दवा कारोबार से जुड़े थे और कानपुर के प्रमुख दवा कारोबारियों में गिने जाते थे। उनकी हत्या के बाद यह मामला सिर्फ एक कारोबारी की हत्या तक सीमित नहीं रहा।
पुलिस जांच अब कथित तौर पर परिवार के भीतर के आर्थिक और व्यक्तिगत विवादों पर भी केंद्रित है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या खर्च और पारिवारिक बंदिशों को लेकर वास्तव में लंबे समय से तनाव था और क्या इसी वजह से हत्या की साजिश रची गई।
रिपोर्टर; तेजिंदर सिंह, मुख्य संवाददता उत्तराखण्ड
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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