मां चंद्रघंटा की आराधना के साथ सीएम योगी का नारी सशक्तीकरण पर जोर, गिनाईं सरकारी योजनाएं
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की तृतीया पर मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप मां चंद्रघंटा की आराधना की। इस अवसर पर उन्होंने मां चंद्रघंटा के दिव्य स्वरूप को नारी शक्ति, तेज, गरिमा और अदम्य साहस का प्रतीक बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने संदेश में नारी सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तीकरण के महत्व पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां चंद्रघंटा का स्वरूप समाज को यह संदेश देता है कि नारी शक्ति का सम्मान और उसकी क्षमता को पहचानना आवश्यक है। उन्होंने महिलाओं और बेटियों के विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नारी सशक्तीकरण के लिए सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता पर ध्यान देना जरूरी है।
मां चंद्रघंटा का स्वरूप नारी शक्ति का प्रतीक
नवरात्र के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में मां का यह स्वरूप साहस, शक्ति और दुष्टों के विनाश का प्रतीक माना जाता है। मां के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र होने के कारण उन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में मां चंद्रघंटा के स्वरूप को नारी शक्ति के तेज, गरिमा और अदम्य साहस से जोड़ा। उन्होंने कहा कि यह स्वरूप समाज को महिलाओं के सम्मान और उनकी शक्ति को पहचानने की प्रेरणा देता है।
नवरात्र के दौरान शक्ति की उपासना के साथ महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों पर चर्चा भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री ने बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख किया।

