पटना, 15 सितंबर 2026। बिहार की राजधानी पटना में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का गुस्सा एक बार फिर सड़क पर दिखाई दिया। BSSC, BPSSC और 70वीं BPSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। 15 सितंबर को छात्रों के महाआंदोलन की घोषणा पहले ही की गई थी, जिसमें 70वीं/71वीं/72वीं BPSC, दारोगा और BSSC परीक्षाओं में सुधार समेत कई मांगें शामिल थीं।
गांधी मैदान से निकला अभ्यर्थियों का हुजूम
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी गांधी मैदान से नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। प्रशासन ने उन्हें रोकने के लिए जेपी गोलंबर समेत प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। अभ्यर्थियों ने आगे बढ़ने की कोशिश की और इसी दौरान बैरिकेडिंग के पास पुलिस के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई।
छात्रों का कहना है कि भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
जेपी गोलंबर पर तनाव
जेपी गोलंबर के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी। जब कुछ अभ्यर्थियों ने बैरिकेड के किनारे से आगे निकलने की कोशिश की तो पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।
पटना में छात्र आंदोलनों के दौरान जेपी गोलंबर और डाकबंगला जैसे प्रमुख स्थानों पर प्रशासन द्वारा बैरिकेडिंग और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती पहले भी की जाती रही है।
70वीं BPSC समेत कई परीक्षाओं को लेकर सवाल
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में 70वीं BPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच और परीक्षा को रद्द करने की मांग शामिल है। इसके अलावा BSSC की भर्ती प्रक्रिया में तेजी, दारोगा भर्ती से जुड़े मामलों की जांच और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग भी उठाई गई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में किसी भी तरह की गड़बड़ी से हजारों युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है। इसलिए परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों को पूरी प्रक्रिया पारदर्शी रखने और शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने की जरूरत है।
उच्चस्तरीय जांच और पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने भर्ती प्रक्रियाओं में कथित गड़बड़ियों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में अभ्यर्थियों का भरोसा बनाए रखने के लिए जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और दोष पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।
पटना में इससे पहले भी BPSC और अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र आंदोलन कर चुके हैं। अगस्त 2026 में 70वीं BPSC और TRE-4 से संबंधित मांगों को लेकर हुए प्रदर्शन में भी छात्रों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बनी थी।
रिपोर्टर; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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