CM Himachal सुक्खू का बड़ा अपडेट, किशाऊ परियोजना से सालाना ₹1,200-1,500 करोड़ का लाभ
शिमला, 16 सितंबर 2026: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। 15 सितंबर को छह राज्यों के बीच परियोजना को लेकर समझौता हुआ। मुख्यमंत्री सुक्खू के मुताबिक परियोजना पूरी होने के बाद हिमाचल प्रदेश को हर साल करीब ₹1,200 से ₹1,500 करोड़ का आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
किशाऊ परियोजना को लेकर छह राज्यों में समझौता
किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजना के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और दिल्ली के बीच समझौता हुआ है। यह परियोजना टोंस नदी पर हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा के पास प्रस्तावित है। परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹15,624 करोड़ बताई गई है।
हिमाचल को मिलेगी 211 मेगावाट बिजली
CM Himachal सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि समझौते के तहत हिमाचल प्रदेश को किशाऊ बांध से पैदा होने वाली 211 मेगावाट बिजली मिलेगी और राज्य को इसके उत्पादन की लागत नहीं उठानी होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार बिजली घटक की लागत का भार उन राज्यों पर पड़ेगा जिन्हें परियोजना के जल संसाधनों से लाभ मिलेगा।
राज्य के हितों को प्राथमिकता देने का दावा
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि परियोजना को लेकर हुई लंबी बातचीत के दौरान हिमाचल प्रदेश के हितों को प्राथमिकता दी गई। उनके अनुसार समझौते में राज्य के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक परियोजना के पावर कंपोनेंट से जुड़े करीब ₹2,000 करोड़ के खर्च को लाभान्वित राज्यों द्वारा वहन किए जाने की व्यवस्था बनी है।
पानी और बिजली दोनों से जुड़े हैं परियोजना के लाभ
किशाऊ परियोजना का उद्देश्य केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है। परियोजना से यमुना बेसिन में जल भंडारण और विभिन्न राज्यों में पानी की उपलब्धता को बेहतर करने की योजना है। समझौते के तहत छह राज्यों के बीच जल संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर व्यवस्था की गई है।
लंबे समय से अटकी थी परियोजना
किशाऊ परियोजना को लेकर राज्यों के बीच लागत और पानी के बंटवारे जैसे मुद्दों पर लंबे समय से चर्चा चल रही थी। 15 सितंबर 2026 को हुए समझौते के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इसे हिमाचल प्रदेश के लिए आर्थिक लाभ से जुड़ा महत्वपूर्ण समझौता बताया है। परियोजना पूरी होने के बाद बिजली और जल संसाधनों से जुड़े प्रावधानों के जरिए राज्य को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है।
दैनिक रुस्तम-ए-हिंद
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
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