CM उमर अब्दुल्ला का बड़ा फैसला, जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य व्यवस्था होगी मजबूत
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में प्रदेश में हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल स्टाफ और जरूरी उपकरणों की उपलब्धता समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग से मौजूदा व्यवस्थाओं में मौजूद कमियों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए। खास तौर पर मैनपावर की कमी, अस्पतालों में जरूरी उपकरणों और स्वास्थ्य ढांचे से जुड़ी जरूरतों पर ध्यान देने को कहा गया।
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर
बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य क्षेत्र में अब तक किए गए सुधारों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों और आगे की जरूरतों की जानकारी दी।
CM उमर अब्दुल्ला ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में सुधार की प्रक्रिया को लगातार आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने विभाग को महत्वपूर्ण कमियों पर विशेष ध्यान देने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
स्टाफ और उपकरणों की कमी दूर करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य संस्थानों में मैनपावर से जुड़ी समस्याओं को दूर करने पर जोर दिया। इसके साथ ही अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक मेडिकल उपकरण उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम करने को कहा गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग ने पिछले करीब दो वर्षों में मैनपावर की कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर तथा उपकरणों से जुड़ी कमियों को दूर करने की दिशा में प्रगति की है।
वित्तीय सहयोग जारी रखने का भरोसा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रहे सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से लगातार सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने संकेत दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार प्रयास जारी रखेगी।
NHM कर्मचारियों की हड़ताल भी बनी चुनौती
इसी बीच जम्मू-कश्मीर में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के कर्मचारी वेतन वृद्धि, नौकरी की सुरक्षा और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 15 सितंबर को कर्मचारियों ने सरकार के साथ बातचीत में समाधान नहीं निकलने के बाद अपनी हड़ताल को 72 घंटे के लिए और बढ़ाने का फैसला किया।
ऐसे समय में स्वास्थ्य विभाग के सामने एक ओर सेवाओं को मजबूत करने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों का समाधान करना भी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक को जम्मू-कश्मीर में स्वास्थ्य व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
रिपोर्टर; जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
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