लुधियाना में करोड़ों की GST बोगस बिलिंग का मामला, शारू स्टील के संचालक KK गर्ग और बेटा गिरफ्तार
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DGGI की कार्रवाई से लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ की स्टील फर्नेस इंडस्ट्री में हलचल; GST बिलिंग और कथित कर देनदारी से जुड़े लेनदेन की जांच जारी
रिपोर्टर: अमनदीप सिंह
लुधियाना में करोड़ों रुपये की कथित GST बोगस बिलिंग के मामले में डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने शारू स्टील के संचालक केके गर्ग और उनके बेटे को गिरफ्तार किया है। केके गर्ग ऑल इंडिया फर्नेस एसोसिएशन, लुधियाना के अध्यक्ष भी हैं। गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद लुधियाना और मंडी गोबिंदगढ़ की स्टील फर्नेस इंडस्ट्री से जुड़े कारोबारियों के बीच हलचल बढ़ गई है।
बताया जा रहा है कि GST से संबंधित कथित बोगस बिलिंग की जांच के दौरान DGGI की कार्रवाई आगे बढ़ी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, किसी कारोबारी सौदे में GST से संबंधित बिल उपलब्ध नहीं होने और लेनदेन की वास्तविकता को लेकर विभाग को संदेह हुआ था। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और शारू स्टील से जुड़े कारोबारियों तक जांच पहुंची।
हालांकि, मामले में वास्तविक लेनदेन, जारी किए गए बिल, इनपुट टैक्स क्रेडिट और कथित कर देनदारी से जुड़े सभी तथ्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल विभाग की कार्रवाई के बाद स्टील कारोबारियों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
DGGI की जांच के बाद गिरफ्तारी
GST से जुड़ी कथित बोगस बिलिंग के मामलों में DGGI फर्जी या संदिग्ध लेनदेन, गलत तरीके से लिए गए इनपुट टैक्स क्रेडिट और टैक्स देनदारी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच करता है। इसी क्रम में शारू स्टील से जुड़े मामले की भी जांच की गई।
जांच के दौरान कारोबारी लेनदेन और GST बिलिंग से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई। इसके बाद विभाग ने केके गर्ग और उनके बेटे को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया और मामले में लगाए गए आरोपों की विस्तृत जानकारी जांच के आगे बढ़ने के साथ सामने आने की उम्मीद है।
स्टील फर्नेस इंडस्ट्री में बढ़ी हलचल
केके गर्ग के ऑल इंडिया फर्नेस एसोसिएशन, लुधियाना के अध्यक्ष होने के कारण इस कार्रवाई का असर कारोबारी जगत में भी देखने को मिल रहा है। लुधियाना के साथ-साथ मंडी गोबिंदगढ़ में बड़ी संख्या में स्टील फर्नेस से जुड़े कारोबारी इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
कारोबारियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि GST विभाग की जांच का दायरा आगे और बढ़ सकता है। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जांच में और किन कारोबारियों या कंपनियों की भूमिका सामने आती है।
राजस्व जुटाने के आरोप
वर्ल्ड एमएसएमई के अध्यक्ष बदीश जिंदल ने इस कार्रवाई को लेकर केंद्रीय GST अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की ओर से राजस्व जुटाने के उद्देश्य से इस तरह की कार्रवाई की गई है।
हालांकि, यह बदीश जिंदल का आरोप है। विभाग की ओर से जांच के आधार, कथित बोगस बिलिंग की पूरी रकम और गिरफ्तारी के संबंध में विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में मामले से जुड़े आरोपों और दावों की अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
आगे की जांच पर नजर
फिलहाल DGGI की जांच में GST बिलिंग, कारोबारी लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मामले में गिरफ्तार किए गए केके गर्ग और उनके बेटे के खिलाफ जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और कथित GST बोगस बिलिंग में कितनी रकम शामिल है, इसकी पूरी तस्वीर विभाग की विस्तृत जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद साफ होगी।

