PM मोदी-ट्रंप मुलाकात में भारत नहीं चाहता था सवाल-जवाब? अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर का बड़ा दावा
नई दिल्ली: भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जून में फ्रांस में हुई मुलाकात को लेकर बड़ा दावा किया है। गोर के मुताबिक, भारत की ओर से अनुरोध किया गया था कि बैठक में मीडिया को मौजूद रहने दिया जाए, लेकिन पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस या सवाल-जवाब न हों।
यह मुलाकात 17 जून 2026 को फ्रांस के एवियां-ले-बैं में G7 समिट के दौरान हुई थी। गोर ने यह बात Economic Times World Leaders Forum में कही। उनके मुताबिक, बैठक से पहले उन्होंने ट्रंप से भारत की ओर से उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर बातचीत की थी।
भारत की तरफ से था ‘नो क्वेश्चन’ का अनुरोध
सर्जियो गोर ने बताया कि बैठक से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने उनसे पूछा था कि भारतीय पक्ष किन मुद्दों को उठाने वाला है। इस दौरान गोर के अनुसार, विदेश मंत्रालय यानी MEA की ओर से एक खास अनुरोध था कि मीडिया को बैठक में आने दिया जाए, लेकिन सवाल-जवाब न हों।
गोर ने कहा कि उन्होंने ट्रंप को भारत की इस इच्छा के बारे में बताया था और ट्रंप ने उस समय इसे स्वीकार भी कर लिया था।
ट्रंप ने पूछा- Any questions?
गोर के मुताबिक, बैठक शुरू हुई तो पत्रकारों और कैमरों को अंदर आने दिया गया। दोनों नेताओं ने शुरुआती बयान दिए। इसके बाद ट्रंप ने अचानक मीडिया की ओर देखकर पूछा- “Any questions?”
गोर का कहना है कि इसके बाद पूरी स्थिति बदल गई और पत्रकारों के सवाल शुरू हो गए। उनके अनुसार, जो मुलाकात सीमित मीडिया कवरेज के साथ होनी थी, वह करीब 45 मिनट की प्रेस बातचीत में बदल गई।
बैठक में कई मुद्दों पर हुई बातचीत
सर्जियो गोर के मुताबिक, इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर सवाल-जवाब हुए और बातचीत काफी व्यापक हो गई। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों के साथ भारतीय नागरिकों से जुड़े विषय भी उठाए।
रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा भी चर्चा में आया था। इससे पहले अमेरिका की एक कार्रवाई में तीन भारतीय नाविकों की मौत की बात सामने आई थी।
भारत सरकार की ओर से अभी आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
अमेरिकी राजदूत के इस दावे पर भारत सरकार या विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल ‘भारत नहीं चाहता था सवाल-जवाब’ वाली बात सर्जियो गोर के बयान पर आधारित है।
मोदी-ट्रंप मुलाकात क्यों थी अहम?
प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की यह मुलाकात भारत-अमेरिका संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण थी। G7 समिट के दौरान हुई इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।
सर्जियो गोर ने हाल में भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर भी कहा है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत हैं और मोदी-ट्रंप के व्यक्तिगत संबंध इस साझेदारी में अहम भूमिका निभाते हैं।
Bottom Line
सर्जियो गोर के दावे के मुताबिक, भारत चाहता था कि मोदी-ट्रंप बैठक में मीडिया मौजूद रहे, लेकिन पत्रकारों के सवाल न लिए जाएं। ट्रंप ने शुरुआत में इस अनुरोध पर सहमति जताई, लेकिन बैठक के बाद उन्होंने खुद पत्रकारों से सवाल पूछने का मौका दिया और बातचीत करीब 45 मिनट तक चल गई। हालांकि, इस दावे पर भारत सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा

