CM Himachal News: सुक्खू ने निवेशकों को दिया बड़ा ऑफर, बोले- हिमाचल के होटल सेक्टर में करें निवेश
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के पर्यटन और होटल सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए देशभर के निवेशकों से हिमाचल में निवेश करने की अपील की है। वाराणसी में आयोजित 56वें FHRAI Annual Convention 2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने होटल कारोबारियों, ट्रैवल एजेंसियों और टूर ऑपरेटर्स से हिमाचल के नए पर्यटन स्थलों की संभावनाओं को तलाशने का आह्वान किया।
होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश का न्योता
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि हिमाचल सरकार पर्यटन को प्राथमिकता दे रही है और राज्य के होटल एवं हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश के लिए कोई अनावश्यक प्रतिबंध नहीं है। उन्होंने उद्योग जगत से आगे बढ़कर राज्य में निवेश करने की अपील की।
सुक्खू ने हिमाचल की प्राकृतिक खूबसूरती, बर्फीले पहाड़ों, जंगलों और जल संसाधनों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में पर्यटन की संभावनाएं अभी पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हुई हैं। सरकार का लक्ष्य पर्यटन को कुछ चुनिंदा लोकप्रिय शहरों तक सीमित रखने के बजाय नए क्षेत्रों तक पहुंचाना है।
नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर जोर
मुख्यमंत्री ने पर्यटन उद्योग से हिमाचल के कम चर्चित और उभरते पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने की अपील की। सरकार का मानना है कि इससे शिमला, मनाली और दूसरे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर दबाव कम होगा और ग्रामीण व दूरदराज के इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
सुक्खू ने कहा कि सरकार पर्यटन के विस्तार के साथ राज्य की पर्यावरणीय और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने पर भी जोर दे रही है।
कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा को हिमाचल की भविष्य की पर्यटन राजधानी के रूप में विकसित करने की बात कही। इसके लिए कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तार की योजना पर काम चल रहा है।
इसके अलावा राज्य के अलग-अलग जिला मुख्यालयों के आसपास हेलीपोर्ट विकसित करने की योजना भी बताई गई है। इससे पर्यटन के साथ-साथ आपदा प्रबंधन और मेडिकल इमरजेंसी में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
होमस्टे से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा
सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ाने के लिए होमस्टे योजना पर भी जोर दे रही है। होमस्टे रूल्स 2025 के जरिए स्थानीय लोगों को अपने घरों में पर्यटकों को ठहराने और इससे रोजगार हासिल करने का अवसर देने की कोशिश की जा रही है।
इससे पर्यटकों को गांवों की स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली को करीब से जानने का मौका मिलेगा, जबकि स्थानीय परिवारों के लिए आय का अतिरिक्त स्रोत तैयार हो सकता है।
एडवेंचर और धार्मिक पर्यटन पर भी फोकस
हिमाचल में पर्यटन के विस्तार के लिए सरकार ट्रेकिंग, स्कीइंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, पर्वतारोहण, कैंपिंग, माउंटेन साइकिलिंग और वाटर स्पोर्ट्स जैसे एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना पर काम कर रही है।
इसके साथ ही शक्तिपीठों, ऐतिहासिक मंदिरों, बौद्ध मठों और गुरुद्वारों के जरिए धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा देने पर जोर है।
2025 में 3 करोड़ से ज्यादा पर्यटक पहुंचे
सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच हिमाचल प्रदेश में करीब 3.11 करोड़ पर्यटक पहुंचे। इनमें लगभग 1.66 करोड़ धार्मिक पर्यटक थे।
वहीं, जनवरी से जुलाई 2026 के बीच राज्य में करीब 1.06 करोड़ पर्यटकों के पहुंचने की जानकारी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के कारोबारियों से इस बढ़ती पर्यटक संख्या को अवसर के रूप में देखने की अपील की।
कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए भी बड़ी घोषणाएं
पर्यटन के अलावा CM सुक्खू ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाया भुगतान को लेकर भी घोषणाएं की थीं।
सरकार के मुताबिक, क्लास-IV कर्मचारियों को इसी महीने वेतन एरियर के तौर पर अतिरिक्त 20 हजार रुपये दिए जाने की घोषणा की गई। वहीं 2016 से 2021 के बीच रिटायर हुए क्लास-III पेंशनरों और फैमिली पेंशनरों को उनके पेंशन एरियर का अतिरिक्त 35 प्रतिशत तथा क्लास-I और II पेंशनरों को 15 प्रतिशत भुगतान किए जाने की बात कही गई।
सरकारी खर्च कम करने की भी तैयारी
हिमाचल सरकार ने प्रशासनिक खर्च घटाने की दिशा में भी कदम उठाने की बात कही है। CM सुक्खू ने IAS, IFS और IPS अधिकारियों के स्वीकृत पदों की संख्या कम करके सरकारी खर्च में करीब 200 करोड़ रुपये तक की बचत का लक्ष्य बताया है।
सरकार का कहना है कि खर्च में कटौती और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल से राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
इलेक्ट्रिक बसों पर सरकार का फोकस
हिमाचल सरकार सार्वजनिक परिवहन को भी हरित बनाने पर जोर दे रही है। जुलाई में मुख्यमंत्री ने 297 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई थी, जिससे HRTC के इलेक्ट्रिक बस बेड़े की संख्या बढ़कर करीब 500 हो गई।
सरकार ने इस साल 1,000 और इलेक्ट्रिक बसें खरीदने की योजना बताई है। इसके अलावा 100 हाइड्रोजन बसों को शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है।
सरकार का बड़ा लक्ष्य—पर्यटन के साथ रोजगार
CM सुक्खू सरकार की मौजूदा रणनीति में पर्यटन, निवेश, रोजगार, हरित परिवहन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को साथ लेकर चलने पर जोर दिखाई दे रहा है।
होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश आकर्षित करने की कोशिश इसी रणनीति का हिस्सा है। नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने से जहां पर्यटकों की संख्या बढ़ाने का लक्ष्य है, वहीं स्थानीय युवाओं और कारोबारियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
रिपोर्टर ; गरिमा छाबड़ा, विशेष रिपोर्टर, विपणन प्रबंधक, जनसंपर्क प्रबंधक

