Putrada Ekadashi 2026: पुत्रदा एकादशी पर बन रहा त्रिवेणी योग, इन 5 राशियों को मिलेगा शुभ फल
सावन शुक्ल पक्ष की पुत्रदा एकादशी 2026 इस बार धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास मानी जा रही है। इस दिन एकादशी तिथि के साथ कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है और इस दिन विधि-विधान से पूजा करने से सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है।
इस बार पुत्रदा एकादशी पर सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का संयोग बनने की बात कही जा रही है। इन शुभ योगों के कारण इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन योगों का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ रह सकता है।
पुत्रदा एकादशी पर बन रहा त्रिवेणी योग
पुत्रदा एकादशी के दिन तीन शुभ योगों का संयोग बन रहा है। इसमें सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग शामिल हैं। ज्योतिष में इन योगों को शुभ कार्यों, सफलता और सकारात्मक परिणामों से जोड़कर देखा जाता है।
मान्यता है कि सिद्धि योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग को मनोकामनाओं की पूर्ति और कार्यों में सफलता के लिए शुभ माना जाता है। रवि योग भी धार्मिक और शुभ कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व
पुत्रदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
पूजा के दौरान भगवान विष्णु को पीले फूल, तुलसी दल, फल और अन्य पूजा सामग्री अर्पित की जाती है। भक्त भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करते हैं और व्रत कथा का पाठ या श्रवण करते हैं।
पुत्रदा एकादशी का व्रत विशेष रूप से संतान सुख और संतान की मंगलकामना से भी जोड़ा जाता है। हालांकि, इसके धार्मिक फल आस्था और मान्यताओं पर आधारित हैं।
इन 5 राशियों के लिए शुभ रह सकती है पुत्रदा एकादशी
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, त्रिवेणी योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से सकारात्मक रह सकता है। इन राशियों को करियर, आर्थिक स्थिति, पारिवारिक जीवन और कार्यक्षेत्र में लाभ मिलने के संकेत बताए जा रहे हैं।
1. मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए पुत्रदा एकादशी का दिन शुभ रह सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके किसी काम में प्रगति होने की संभावना है।
आर्थिक मामलों में भी दिन सकारात्मक रह सकता है। निवेश या धन से जुड़े फैसले लेते समय हालांकि सोच-समझकर कदम उठाना बेहतर रहेगा।
2. वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय करियर के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है।
परिवार में भी सुखद माहौल बना रह सकता है। किसी पुराने परिचित या रिश्तेदार से मुलाकात होने की संभावना है।
3. सिंह राशि
सिंह राशि के लोगों के लिए पुत्रदा एकादशी पर बनने वाले शुभ योग लाभकारी हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं।
कारोबार करने वाले लोगों को भी कोई अच्छा अवसर मिल सकता है। समाज और कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ने की संभावना है।
4. तुला राशि
तुला राशि के जातकों को इस दिन भाग्य का साथ मिल सकता है। शिक्षा, नौकरी और व्यवसाय से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।
लंबे समय से किसी योजना पर काम कर रहे हैं तो उसमें आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। परिवार के सदस्यों का सहयोग भी प्राप्त होगा।
5. धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए भी पुत्रदा एकादशी का दिन शुभ रह सकता है। करियर में नई संभावनाएं बन सकती हैं और कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।
आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। यात्रा या किसी महत्वपूर्ण काम के सिलसिले में शुभ समाचार मिल सकता है।
एकादशी पर बन रहा है त्योहारों का खास संयोग
पुत्रदा एकादशी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इसके आसपास झूलनोत्सव और जन्माष्टमी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्वों का माहौल रहता है। सावन और भाद्रपद के बीच आने वाले इन पर्वों के दौरान देशभर में भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा और अगले दिनों में श्रीकृष्ण से जुड़े उत्सवों के कारण धार्मिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं।
कैसे करें पुत्रदा एकादशी की पूजा?
पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थल की सफाई कर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
भगवान विष्णु को पीले फूल, फल, तुलसी दल और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद दीपक जलाकर भगवान विष्णु का ध्यान करें और विष्णु मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
पूरे दिन सात्विक आहार और धार्मिक गतिविधियों का पालन करें। व्रत रखने वाले लोग अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार फलाहार कर सकते हैं। एकादशी व्रत का पारण निर्धारित समय पर द्वादशी तिथि में किया जाता है।
शुभ योगों में पूजा से बढ़ेगा धार्मिक महत्व
पुत्रदा एकादशी पर सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का संयोग इसे धार्मिक दृष्टि से विशेष बनाता है। मान्यता के अनुसार, ऐसे शुभ समय में भगवान विष्णु की आराधना करने से सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।
हालांकि, राशि आधारित भविष्यवाणियां ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित होती हैं। इन्हें निश्चित भविष्यवाणी के तौर पर नहीं लेना चाहिए।
निष्कर्ष
Putrada Ekadashi 2026 इस बार कई शुभ योगों के संयोग के कारण खास मानी जा रही है। सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग के साथ भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मेष, वृषभ, सिंह, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ रह सकता है।
रिपोर्टर;जैस्मिन कौर, मुख्य संवाददता दिल्ली

