MOTN Survey 2026: Gen-Z प्रोटेस्ट के बाद बदली देश की सोच, युवाओं के मौकों से लेकर 2029 के चुनाव तक क्या है जनता का मूड?
नई दिल्ली, 27 अगस्त 2026। इंडिया टुडे और सी-वोटर के मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे में देश की बदलती राजनीतिक और सामाजिक सोच की तस्वीर सामने आई है। अगस्त 2026 के इस सर्वे में मौजूदा हालात से लेकर आने वाले चुनावों तक कई अहम मुद्दों पर लोगों की राय जानने की कोशिश की गई है।
सर्वे ऐसे समय में सामने आया है जब देश में युवाओं और खासकर Gen-Z से जुड़े मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं। सर्वे के जरिए यह समझने की कोशिश की गई है कि हालिया Gen-Z प्रोटेस्ट के बाद लोगों की सोच और उनकी प्राथमिकताओं में कितना बदलाव आया है।
मौजूदा हालात से 2029 के चुनाव तक सवाल
MOTN Survey 2026 में देश के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक हालात से जुड़े कई सवाल पूछे गए। इनमें शिक्षा, युवाओं के अवसर, NEET संकट और भविष्य की राजनीतिक दिशा जैसे मुद्दे शामिल रहे।
सर्वे में लोगों से यह जानने की कोशिश की गई कि वे देश की मौजूदा स्थिति को किस नजरिए से देखते हैं और आने वाले वर्षों में उनकी प्राथमिकताएं क्या होंगी। इसके साथ ही 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी जनता की राय समझने की कोशिश की गई।
युवाओं को उपलब्ध मौकों पर क्या राय?
सर्वे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा युवाओं को देश में उपलब्ध अवसरों से जुड़ा रहा। युवाओं से पूछा गया कि उन्हें शिक्षा, रोजगार और आगे बढ़ने के लिए देश में कितने मौके उपलब्ध दिखाई देते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 32 प्रतिशत लोगों ने युवाओं के लिए उपलब्ध अवसरों को लेकर अपनी राय सकारात्मक रूप में रखी। यह आंकड़ा बताता है कि युवाओं के लिए अवसर और उनकी गुणवत्ता आने वाले समय में भी बड़ा राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बने रह सकते हैं।
युवाओं की उम्मीदों और उनकी चिंताओं का असर देश की राजनीति पर भी दिखाई दे रहा है। रोजगार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे लगातार सार्वजनिक बहस का हिस्सा बने हुए हैं।
NEET संकट भी सर्वे के फोकस में
NEET संकट को लेकर भी सर्वे में लोगों की राय जानने की कोशिश की गई। मेडिकल प्रवेश परीक्षा और उससे जुड़े विवादों ने पिछले कुछ समय में छात्रों, अभिभावकों और राजनीतिक दलों के बीच काफी चर्चा पैदा की है।
सर्वे में इस मुद्दे को युवाओं की आकांक्षाओं और शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर देखा गया है। NEET जैसे मुद्दे यह संकेत देते हैं कि शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवाल युवाओं के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं।
Gen-Z प्रोटेस्ट के बाद कितना बदला देश का मूड?
मूड ऑफ द नेशन सर्वे का एक अहम उद्देश्य Gen-Z प्रोटेस्ट के बाद देश की सोच में आए बदलाव को समझना भी है। युवाओं की नई पीढ़ी सोशल मीडिया, रोजगार, शिक्षा, अवसर और शासन से जुड़े मुद्दों पर पहले की तुलना में अधिक मुखर दिखाई दे रही है।
सर्वे के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि इन घटनाओं के बाद आम लोगों की राजनीतिक प्राथमिकताओं और देश को लेकर उनकी सोच में कितना बदलाव आया है।
2029 के बैलेट पर भी नजर
देश की राजनीति में अगला बड़ा राष्ट्रीय चुनाव 2029 में होना है। ऐसे में MOTN सर्वे में भविष्य के चुनाव को लेकर जनता की राय भी महत्वपूर्ण है।
हालांकि 2029 का चुनाव अभी दूर है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल, युवाओं के मुद्दे, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक प्राथमिकताएं आने वाले वर्षों में चुनावी विमर्श को प्रभावित कर सकती हैं।
MOTN Survey 2026 इसी बदलते माहौल को समझने की कोशिश करता है। सर्वे के आंकड़े बताते हैं कि युवाओं के अवसर, शिक्षा और भविष्य की राजनीति जैसे मुद्दे जनता के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। Gen-Z प्रोटेस्ट के बाद इन मुद्दों पर लोगों की सोच किस दिशा में जाती है, इसका असर आने वाले राजनीतिक घटनाक्रम और 2029 के चुनावी माहौल में भी दिखाई दे सकता है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब

