CM Pushkar Singh Dhami का बड़ा ऐलान, 60+ महिलाओं को उत्तराखंड रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षाबंधन के मौके पर राज्य की महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की। इससे पहले राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह सुविधा 65 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मिलती थी। अब उम्र की सीमा घटाकर 60 वर्ष किए जाने से 60 से 64 वर्ष की महिलाओं को भी इसका लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री धामी ने यह घोषणा रुद्रपुर के छकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन कार्यक्रम के दौरान की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं और उन्होंने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण ऐलान भी किए।
60 साल की उम्र से मिलेगी मुफ्त बस यात्रा
CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब उत्तराखंड की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं राज्य परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। सरकार का उद्देश्य बुजुर्ग महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ बनाना और उनके यात्रा खर्च को कम करना है।
पहाड़ी राज्य होने के कारण उत्तराखंड के कई ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में बस परिवहन लोगों की आवाजाही का प्रमुख साधन है। ऐसे में इस फैसले से बुजुर्ग महिलाओं को स्वास्थ्य केंद्रों, बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
पहले निर्धारित आयु सीमा 65 वर्ष थी। अब इसे घटाकर 60 वर्ष किया गया है, जिससे बड़ी संख्या में महिलाएं इस सुविधा के दायरे में आ जाएंगी।
रक्षाबंधन पर महिलाओं को मिली कई सौगात
मुख्यमंत्री धामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर मुफ्त बस यात्रा के अलावा महिलाओं के लिए कई अन्य घोषणाएं भी कीं। इनमें पिंक ई-बस, महिला स्वरोजगार योजना के तहत ऋण सीमा में बढ़ोतरी और सार्वजनिक स्थानों पर हाईटेक शौचालयों के निर्माण की घोषणा शामिल है।
सरकार इन पहलों के जरिए महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।
देहरादून में चलेंगी 10 पिंक ई-बसें
महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के लिए देहरादून में 10 पिंक ई-बसें शुरू करने की घोषणा की गई है।
इन बसों का उद्देश्य महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन विकल्प उपलब्ध कराना है। साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के इस्तेमाल से सार्वजनिक परिवहन में प्रदूषण कम करने की दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की रोजमर्रा की आवाजाही को देखते हुए यह योजना महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
महिला स्वरोजगार योजना में बढ़ी ऋण सीमा
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला स्वरोजगार योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाने का भी ऐलान किया।
अब इस योजना के तहत ऋण की सीमा 2.50 लाख रुपये तक किए जाने की घोषणा की गई है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को छोटे कारोबार, स्वरोजगार और अन्य आर्थिक गतिविधियां शुरू करने के लिए अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
खासकर ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं के लिए यह योजना आय का नया साधन तैयार करने में मददगार हो सकती है।
सार्वजनिक स्थानों पर बनेंगे हाईटेक शौचालय
महिलाओं की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए राज्य के सार्वजनिक स्थानों पर आधुनिक हाईटेक शौचालय विकसित करने की घोषणा भी की गई है।
सरकार के अनुसार, बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है। हाईटेक शौचालयों की व्यवस्था से सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुविधा और सुरक्षा को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।
60 से 64 वर्ष की महिलाओं को सबसे ज्यादा फायदा
इस फैसले का सबसे सीधा लाभ 60 से 64 वर्ष की उन महिलाओं को मिलेगा, जो पहले 65 वर्ष की आयु सीमा पूरी नहीं करने के कारण मुफ्त बस यात्रा की सुविधा से बाहर थीं।
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में कई गांव मुख्य बाजारों, अस्पतालों और सरकारी सेवाओं से काफी दूरी पर हैं। बुजुर्ग महिलाओं को अक्सर इन स्थानों तक पहुंचने के लिए बसों का इस्तेमाल करना पड़ता है।
ऐसे में मुफ्त यात्रा की सुविधा से उनके परिवहन खर्च में कमी आ सकती है और जरूरी सेवाओं तक उनकी पहुंच आसान हो सकती है।
रक्षाबंधन पर पहले भी दी गई थी मुफ्त यात्रा की सुविधा
रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने राज्य की महिलाओं के लिए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा भी की थी।
इस दौरान महिलाओं को त्योहार के मौके पर अपने मायके और अन्य स्थानों तक आने-जाने में सुविधा देने का उद्देश्य रखा गया था। इस सुविधा का खर्च राज्य सरकार की ओर से उत्तराखंड परिवहन निगम को वहन किया जाना था।
अब 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा को व्यापक स्तर पर लागू करने का ऐलान किया गया है।
महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री धामी की घोषणाओं में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिखाई देता है।
मुफ्त रोडवेज यात्रा से बुजुर्ग महिलाओं को आर्थिक राहत मिलेगी, जबकि पिंक ई-बसें सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने की दिशा में कदम हैं। वहीं महिला स्वरोजगार योजना की बढ़ी ऋण सीमा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने में मदद कर सकती है।
सरकार का कहना है कि महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक सहायता देने तक सीमित नहीं है। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण, बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं और स्वतंत्र रूप से आने-जाने का अवसर भी मिलना जरूरी है।
पहाड़ी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए अहम फैसला
उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में भौगोलिक परिस्थितियों के कारण परिवहन एक बड़ी चुनौती है। कई गांवों से लोगों को अस्पताल, बाजार या सरकारी कार्यालय तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
बुजुर्ग महिलाओं के लिए यात्रा खर्च कम होना एक महत्वपूर्ण राहत हो सकती है। मुफ्त बस यात्रा उन्हें जरूरी कामों के लिए अधिक स्वतंत्रता से यात्रा करने में मदद कर सकती है।
इस लिहाज से सरकार का यह फैसला केवल आर्थिक राहत ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग महिलाओं की सामाजिक भागीदारी और स्वतंत्र आवाजाही से भी जुड़ा हुआ है।
रक्षाबंधन कार्यक्रम में महिलाओं ने बांधी राखी
रुद्रपुर के छकरपुर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राखी बांधी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और राज्य सरकार की ओर से महिला सुरक्षा तथा कल्याण के लिए उठाए जा रहे कदमों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण घोषणाएं
उत्तराखंड में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं से जुड़ी योजनाओं और घोषणाओं का राजनीतिक महत्व भी माना जा रहा है। मुफ्त बस यात्रा, स्वरोजगार और सुरक्षित सार्वजनिक परिवहन जैसे मुद्दे बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक असर इनके क्रियान्वयन, बजट और पात्र लाभार्थियों तक पहुंच पर निर्भर करेगा।
क्या है CM धामी का नया फैसला?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुसार, अब 60 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाएं उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा का लाभ उठा सकेंगी।
इसके साथ ही सरकार ने देहरादून में 10 पिंक ई-बसें शुरू करने, महिला स्वरोजगार योजना की ऋण सीमा 2.50 लाख रुपये करने और सार्वजनिक स्थानों पर हाईटेक शौचालय विकसित करने की घोषणा की है।

