CM Rekha Gupta Solar Scheme: दिल्ली के 2.30 लाख घरों में लगेंगे मुफ्त सोलर पैनल, जानें पूरा फायदा
नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने राजधानी के लाखों परिवारों को राहत देने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। CM Rekha Gupta Solar Scheme के तहत दिल्ली के करीब 2.30 लाख घरों की छतों पर मुफ्त रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे। दिल्ली कैबिनेट ने दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023 में दूसरे संशोधन को मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ-साथ घरेलू बिजली खर्च को कम करना है।
इस योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को बिना शुरुआती भुगतान के सोलर सिस्टम उपलब्ध कराने की तैयारी है। सरकार का कहना है कि इससे लोगों को बिजली बिल में राहत मिलेगी और अगर सोलर सिस्टम से जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा होती है, तो उसे ग्रिड में भेजकर अतिरिक्त आय भी हासिल की जा सकेगी।
400 यूनिट तक बिजली खपत वाले परिवारों को मिलेगा लाभ
CM Rekha Gupta Solar Scheme के तहत ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनकी मासिक बिजली खपत 400 यूनिट तक है। पात्र परिवारों की छतों पर करीब 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाया जाएगा।
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि लाभार्थी परिवारों को सोलर सिस्टम लगवाने के लिए शुरुआत में अपनी जेब से बड़ी रकम खर्च नहीं करनी होगी। सरकार की ओर से सिस्टम लगाने की व्यवस्था की जाएगी, जिससे सौर ऊर्जा को अपनाने में आने वाली शुरुआती लागत की बाधा कम होगी।
सरकार का उद्देश्य सिर्फ बिजली बिल कम करना नहीं है। योजना के जरिए घरों को बिजली उत्पादन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है, ताकि उपभोक्ता भविष्य में अपनी जरूरत की बिजली खुद पैदा कर सकें।
पांच साल तक सरकार संभालेगी रखरखाव
मुफ्त सोलर सिस्टम लगाने के साथ-साथ उसके संचालन और रखरखाव को लेकर भी सरकार ने व्यवस्था की है। रिपोर्ट के अनुसार, लगाए गए सोलर सिस्टम के करीब पांच साल तक ऑपरेशन और मेंटेनेंस की जिम्मेदारी सरकार उठाएगी।
इससे लाभार्थी परिवारों को सिस्टम के रखरखाव पर शुरुआती वर्षों में अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इससे लोगों के बीच रूफटॉप सोलर को लेकर भरोसा बढ़ेगा और ज्यादा परिवार इस योजना का लाभ लेने के लिए आगे आएंगे।
बिजली बिल कम होने के साथ कमाई का भी मौका
रूफटॉप सोलर सिस्टम का एक बड़ा फायदा यह है कि इससे घर की बिजली जरूरत पूरी करने के बाद अतिरिक्त बिजली पैदा की जा सकती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, 3 किलोवाट का सोलर सिस्टम करीब 300 यूनिट तक बिजली पैदा कर सकता है, हालांकि वास्तविक उत्पादन मौसम और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
अगर किसी परिवार की अपनी खपत के बाद बिजली बचती है, तो अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में भेजा जा सकता है। इसके बदले उपभोक्ता को भुगतान या निर्धारित इंसेंटिव मिलने का प्रावधान हो सकता है।
सरकार के अनुमान के मुताबिक, करीब 100 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को देने पर परिवार को लगभग 950 रुपये तक की अतिरिक्त कमाई हो सकती है। ऐसे में योजना का फायदा सिर्फ बिजली बिल में बचत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कुछ परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का जरिया भी बन सकता है।
मौजूदा बिजली सब्सिडी पर भी असर नहीं
दिल्ली सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सोलर सिस्टम मिलने के बाद पात्र परिवारों को मिलने वाली मौजूदा बिजली सब्सिडी जारी रहेगी। यानी लाभार्थियों को सोलर सिस्टम का फायदा मिलने के साथ-साथ लागू बिजली राहत का लाभ भी मिल सकता है।
इससे दिल्ली के उन परिवारों को अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद है, जो पहले से बिजली सब्सिडी का लाभ उठा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य बिजली के पारंपरिक स्रोतों पर निर्भरता कम करते हुए लोगों को स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ाना है।
10 किलोवाट तक के सिस्टम पर रजिस्ट्रेशन फीस माफ
दिल्ली सरकार ने आवासीय रूफटॉप सोलर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए 10 किलोवाट तक के रेजिडेंशियल सोलर सिस्टम पर रजिस्ट्रेशन फीस माफ करने का भी फैसला किया है।
सरकार की योजना है कि दिल्ली में ज्यादा से ज्यादा घरों की छतों का इस्तेमाल सौर ऊर्जा पैदा करने के लिए किया जाए। इससे एक तरफ घरेलू बिजली खर्च कम करने में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ शहर में स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा।
मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों को जोड़ने का लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने इस योजना के तहत मार्च 2027 तक करीब 2.30 लाख घरों को रूफटॉप सोलर सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य रखा है।
सरकार की व्यापक योजना दिल्ली को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे ले जाने की है। सरकारी इमारतों और अन्य उपयुक्त स्थानों पर भी सोलर पैनल लगाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार का जोर इस बात पर है कि दिल्ली के लोग केवल बिजली के उपभोक्ता न रहें, बल्कि जरूरत के मुताबिक बिजली पैदा करने वाले भी बनें।
PM Surya Ghar Yojana से भी जुड़ा है सोलर अभियान
घरेलू रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार की PM Surya Ghar: Muft Bijli Yojana भी लागू है। इस योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलती है।
दिल्ली में राज्य सरकार की पहल और केंद्र की सोलर योजना के जरिए घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। इससे लोगों को पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
रिपोर्टर; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब

