UP Flood: भारी बारिश और नदियों के उफान से यूपी में तबाही, सीतापुर में 2 मौतें; बलिया-वाराणसी-चित्रकूट में बाढ़ का कहर
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। मंगलवार को हुई मूसलाधार बारिश के बाद सीतापुर, गाजीपुर, बलिया, वाराणसी और चित्रकूट समेत कई इलाकों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। कई जगह लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जबकि प्रशासन और राहत-बचाव टीमें प्रभावित इलाकों में सक्रिय हैं।
मौसम विभाग ने भी उत्तर प्रदेश में 6 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है। राहत आयुक्त कार्यालय ने कई जिलों के प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। कुछ जिलों में आकस्मिक बाढ़ और वज्रपात की आशंका को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
सीतापुर में कच्ची दीवार गिरने से दो लोगों की मौत
सीतापुर जिले के कमलापुर थाना क्षेत्र के गौरा गांव में भारी बारिश के दौरान एक कच्ची दीवार अचानक गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। बारिश के कारण कमजोर हुई दीवार अचानक भरभराकर गिर पड़ी, जिससे उसके नीचे मौजूद लोग चपेट में आ गए।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई।
लगातार बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और कमजोर निर्माण को लेकर भी खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से लोगों से जर्जर और कमजोर ढांचों से दूर रहने की अपील की जा रही है। 
गाजीपुर में दो बच्चियां गंगा में लापता
गाजीपुर में भी बाढ़ और बढ़ते जलस्तर के बीच दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां दो बच्चियों के गंगा नदी में बह जाने की सूचना है। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर उनकी तलाश के लिए अभियान चलाया गया।
नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के इलाकों में पहले से ही खतरा बना हुआ है। प्रशासन और स्थानीय लोग बच्चियों की तलाश में जुटे हैं।
बलिया में 20 हजार की आबादी प्रभावित
बलिया में गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, गंगा यहां खतरे के निशान से करीब 1.60 मीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ की वजह से करीब 20 हजार लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों पर नजर रख रही हैं और जरूरत के अनुसार लोगों तक सहायता पहुंचाई जा रही है।
निचले इलाकों में पानी पहुंचने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ रही है। प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति पर लगातार निगरानी की जा रही है।
वाराणसी में घाट डूबे, छतों पर अंतिम संस्कार
वाराणसी में गंगा का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर को पार कर 70.28 मीटर तक पहुंच गया है। बढ़ते पानी के कारण कई घाट जलमग्न हो गए हैं।
मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के आसपास भी बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। घाटों पर पानी बढ़ने के कारण अंतिम संस्कार की व्यवस्था प्रभावित हुई है। कुछ स्थानों पर लोगों को छतों पर अंतिम संस्कार करने की मजबूरी का सामना करना पड़ा।
प्रशासन की ओर से नदी के किनारे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नौका संचालन पर भी सुरक्षा के लिहाज से प्रतिबंध जारी रहने की जानकारी सामने आई है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी उफान पर
चित्रकूट में मध्य प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में हुई भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। मंदाकिनी नदी उफान पर है और नदी का जलस्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर पहुंच गया है।
रामघाट समेत कई इलाके बाढ़ के पानी से प्रभावित हुए हैं। नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण आसपास के मंदिरों और निचले इलाकों में भी पानी पहुंच गया है। प्रशासन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, चित्रकूट में रामघाट स्थित बड़ा मठ मंदिर भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हुआ। प्रशासनिक अधिकारी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए समझा रहे हैं।
सेना के हेलीकॉप्टर से राहत-बचाव
चित्रकूट में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव अभियान तेज किया गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों तक मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन की टीमें काम कर रही हैं। जरूरत वाले क्षेत्रों में हवाई माध्यम से भी बचाव अभियान चलाया गया।
मंदाकिनी के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है। बाढ़ के पानी और खराब मौसम का असर यातायात पर भी पड़ा है। कुछ स्थानों पर ट्रेन सेवाएं बाधित होने की जानकारी सामने आई है।
कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में मौसम अभी सामान्य होने के आसार नहीं हैं। आईएमडी के पूर्वानुमान के आधार पर 6 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, बलिया, सीतापुर, लखनऊ, आगरा समेत 50 जिलों को लेकर प्रशासन को सतर्क किया गया है।
सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, गाजीपुर, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, भदोही, चित्रकूट और कौशाम्बी में आकस्मिक बाढ़ की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खासकर नदी, नाले और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है।
तेज बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों पर जाने से बचने और बिजली गिरने की स्थिति में खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि किसी भी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक राहत और बचाव सहायता जल्द से जल्द पहुंचाई जा सके।
उत्तर प्रदेश में फिलहाल बारिश और बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर में होने वाले बदलाव के आधार पर हालात और बदल सकते हैं।
रिपोर्टर; जसलीन कौर, मुख्य प्रबंधक

