USS Abraham Lincoln: 286 दिन समुद्र में रहने के बाद थाईलैंड पहुंचा अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर, 5 हजार सैनिक सवार
अमेरिका का परमाणु ऊर्जा से चलने वाला एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln बुधवार को थाईलैंड पहुंच गया. करीब 286 दिनों तक समुद्र में रहने के बाद यह अमेरिकी युद्धपोत थाईलैंड के लाम चाबांग बंदरगाह पर पहुंचा है. जहाज पर करीब 5 हजार अमेरिकी नौसैनिक और मरीन मौजूद हैं. यह जहाज लंबे समय से मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियान का हिस्सा रहा है और ईरान के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान भी इसकी तैनाती रही.
अमेरिकी नौसेना के मुताबिक, Abraham Lincoln Carrier Strike Group के कई जहाज थाईलैंड पहुंचे हैं. USS Abraham Lincoln लाम चाबांग में, जबकि USS Frank E. Petersen Jr. सिरीचा और USS Robert Smalls माप ता फुत में निर्धारित पोर्ट विजिट के लिए पहुंचे हैं.
286 दिनों बाद मिला आराम का मौका
USS Abraham Lincoln की यह तैनाती सामान्य नौसैनिक तैनाती की तुलना में काफी लंबी रही. Reuters के मुताबिक, जहाज 286 दिनों तक समुद्र में रहा. इस दौरान करीब 5,000 नौसैनिकों और मरीन की मौजूदगी वाले इस कैरियर ने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों में हिस्सा लिया.
आमतौर पर अमेरिकी नौसेना की तैनाती करीब छह से नौ महीने तक होती है, लेकिन युद्ध जैसी परिस्थितियों में इसे बढ़ाया जा सकता है. Abraham Lincoln की तैनाती भी इसी वजह से लंबी होती चली गई.
अब थाईलैंड में इसका पांच दिन का ठहराव रखा गया है. इस दौरान जहाज पर तैनात सैनिकों को आराम और रिकवरी का मौका मिलेगा. अमेरिकी नौसेना के अधिकारियों ने भी इसे लंबे अभियान के बाद सैनिकों के लिए आराम और खुद को तरोताजा करने का अवसर बताया है.
मध्य पूर्व में ईरान के खिलाफ अभियान का हिस्सा
USS Abraham Lincoln को शुरुआत में प्रशांत क्षेत्र में तैनाती के लिए भेजा गया था, लेकिन बाद में इसे मध्य पूर्व की ओर मोड़ दिया गया. वहां इसने ईरान से जुड़े अमेरिकी सैन्य अभियानों में भूमिका निभाई.
Reuters के अनुसार, कैरियर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी और ईरान के साथ युद्ध के दौरान सैन्य अभियानों में शामिल रहा. इसकी लंबी तैनाती ने इसे आधुनिक दौर में लगातार सबसे लंबे समय तक समुद्र में रहने वाले अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर में शामिल कर दिया.
इस दौरान जहाज और उसके चालक दल को लगातार सैन्य दबाव के बीच काम करना पड़ा. अमेरिकी मीडिया में लंबे मिशन के दौरान जहाज पर मौजूद सैनिकों की परिस्थितियों और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल उठे.
जहाज पर सुविधाओं को लेकर उठे सवाल
लंबी तैनाती के दौरान USS Abraham Lincoln पर मौजूद सैनिकों की स्थिति को लेकर अमेरिका में चर्चा हुई. कुछ रिपोर्टों में भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी, खराब रखरखाव और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का जिक्र किया गया.
कुछ अमेरिकी सांसदों ने जहाज पर सैनिकों की परिस्थितियों की जांच की मांग भी उठाई. हालांकि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने गंभीर आरोपों पर अलग रुख रखा और कहा कि मीडिया में कुछ मामलों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है. इसलिए जहाज पर सैनिकों की स्थिति से जुड़े सभी दावों को एक ही तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.
थाईलैंड में क्यों रुका है अमेरिकी युद्धपोत?
थाईलैंड में USS Abraham Lincoln का ठहराव मुख्य रूप से आराम और रिकवरी के लिए है. थाई अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकी सैनिक करीब पांच दिनों तक यहां रहेंगे. जहाज के थाईलैंड पहुंचने से आसपास के पर्यटन क्षेत्र, खासकर पटाया में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है.
करीब 5 हजार अमेरिकी सैनिकों के पहुंचने को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और परिवहन की विशेष व्यवस्था की है. सैनिकों को बंदरगाह से पटाया और आसपास के इलाकों तक पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है. स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और पर्यटकों तथा अमेरिकी सैनिकों के लिए उचित माहौल बनाए रखने पर जोर दिया है.
अमेरिका-थाईलैंड संबंधों का भी संदेश
USS Abraham Lincoln की थाईलैंड यात्रा सिर्फ सैनिकों के आराम तक सीमित नहीं है. अमेरिकी नौसेना ने इसे अमेरिका और थाईलैंड के बीच मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों का भी प्रतीक बताया है.
अमेरिकी नौसेना के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप-3 के कमांडर रियर एडमिरल रॉबर्ट लफ्रॉन ने कहा कि लाम चाबांग पहुंचना नौसैनिकों और मरीन को आराम करने और खुद को फिर से तैयार करने का मौका देता है. उन्होंने इस तैनाती को ऐतिहासिक उपलब्धि भी बताया.
आगे क्या होगा?
थाईलैंड में पांच दिन के ठहराव के बाद USS Abraham Lincoln के आगे के कार्यक्रम के तहत इसकी वापसी की तैयारी होगी. इस बीच अमेरिकी नौसेना ने मध्य पूर्व में इसकी जगह दूसरे एयरक्राफ्ट कैरियर की तैनाती की है.
लंबी और चुनौतीपूर्ण तैनाती के बाद थाईलैंड पहुंचना USS Abraham Lincoln के चालक दल के लिए महत्वपूर्ण ब्रेक माना जा रहा है. करीब 286 दिनों तक समुद्र में रहने के बाद अब हजारों अमेरिकी सैनिकों को जमीन पर आराम करने का अवसर मिला है.
रिपोर्टर; तेजिंदर सिंह, मुख्य संवाददता उत्तराखण्ड

