CM Yogi पर मानहानि केस! अयोध्या के ‘मछली भोज’ विवाद में अजय राय पहुंचे कोर्ट
लखनऊ: अयोध्या में कथित ‘मछली भोज’ को लेकर शुरू हुआ राजनीतिक विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने मंगलवार, 1 सितंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि का परिवाद दाखिल किया। अजय राय लखनऊ सिविल कोर्ट पहुंचे और अपने वकील के जरिए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया।
अजय राय का आरोप है कि उनके बारे में अयोध्या में मछली खाने को लेकर गलत और बिना तथ्य के टिप्पणी की गई, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया है।
क्या है अयोध्या का मछली भोज विवाद?
विवाद की शुरुआत 23 अगस्त को अयोध्या में आयोजित निषाद समाज के एक कार्यक्रम से हुई। अजय राय कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे थे। कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम के बाद निषाद समाज की ओर से अपने समुदाय के लोगों के लिए मत्स्य भोज का आयोजन किया गया था।
अजय राय का दावा है कि वह कार्यक्रम स्थल से पहले ही जा चुके थे और बाद में आयोजित भोज की तस्वीरों को उनके साथ जोड़कर यह प्रचार किया गया कि उन्होंने अयोध्या में रामलला के दर्शन के बाद मछली खाई। इसी दावे को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई है।
CM योगी के बयान पर बढ़ा विवाद
इस मामले ने तब राजनीतिक रंग ले लिया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 24 अगस्त को रायबरेली की एक जनसभा में अयोध्या में सावन के दौरान मछली खाने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा था।
अजय राय का कहना है कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी उनके बारे में थी और इसमें उन्हें मछली खाने से जोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से आरोपों के समर्थन में सबूत सामने रखने की चुनौती भी दी थी।
अजय राय ने खुद को बताया शाकाहारी
अजय राय ने इस विवाद के दौरान कहा है कि वह शाकाहारी हैं और उनके खिलाफ मछली खाने का आरोप गलत है। उनका कहना है कि जिस कार्यक्रम में वह शामिल हुए थे, वह निषाद समाज के निमंत्रण पर आयोजित किया गया था।
कांग्रेस नेता के मुताबिक, कार्यक्रम खत्म होने के बाद आयोजकों ने अपने समाज के लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की थी। अजय राय का आरोप है कि उस भोज की तस्वीरों को उनके साथ जोड़कर राजनीतिक तौर पर इस्तेमाल किया गया।
पहले भी लिख चुके हैं CM योगी को खुला पत्र
मानहानि का परिवाद दाखिल करने से पहले अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मुद्दे पर एक खुला पत्र भी लिखा था। उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि उनके खिलाफ सार्वजनिक रूप से ऐसी बातें कही गईं, जिनसे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।
अजय राय ने यह भी कहा था कि अगर उनके मछली खाने का कोई फोटो या वीडियो मौजूद है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने आरोपों को साबित करने की चुनौती दी थी।
भाजपा और कांग्रेस के बीच बढ़ी बयानबाजी
मछली भोज विवाद के सामने आने के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई। भाजपा नेताओं ने सावन के दौरान कथित मछली भोज को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और इसे धार्मिक आस्था से जोड़कर सवाल उठाए।
वहीं, कांग्रेस ने भाजपा पर अजय राय के खिलाफ गलत प्रचार करने का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि अजय राय को जिस भोज से जोड़ा जा रहा है, वह उनके कार्यक्रम से जाने के बाद आयोजित किया गया था।
अब कोर्ट में होगी आगे की सुनवाई
अजय राय की ओर से दाखिल किए गए परिवाद पर अदालत आगे की दलील और कानूनी प्रक्रिया के बाद यह तय करेगी कि मामले में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए या नहीं। फिलहाल इस मामले ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में अयोध्या का यह विवाद आने वाले दिनों में भी राजनीतिक बयानबाजी का मुद्दा बन सकता है।
विवाद ने पकड़ा कानूनी रंग
अयोध्या के मछली भोज विवाद की शुरुआत राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से हुई थी, लेकिन अब अजय राय के मानहानि परिवाद दाखिल करने के बाद मामला कानूनी प्रक्रिया में प्रवेश कर गया है। दोनों पक्षों के बयानों के बीच अब अदालत की कार्यवाही पर नजर रहेगी।
अजय राय ने जहां आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है, वहीं इस मामले में उनके द्वारा उठाए गए कानूनी कदम से उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस विवाद को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा

