CM Sukhvinder Singh Sukhu का बड़ा बयान, राहुल गांधी पर FIR को लेकर BJP पर बरसे, बोले- विपक्ष की आवाज दबाना लोकतंत्र के लिए खतरनाक
शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए CM सुक्खू ने आरोप लगाया कि बीजेपी विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ हुई कानूनी कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राहुल गांधी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े विवाद को लेकर FIR दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई राहुल गांधी के खिलाफ कर दी गई। इसी मुद्दे को लेकर हिमाचल कांग्रेस ने शिमला में प्रदर्शन किया।
शिमला में कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन
राहुल गांधी के खिलाफ FIR के विरोध में हिमाचल कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शिमला में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने किया।
प्रदर्शन में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विनय कुमार, विधायक और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को वापस लेने की मांग की।
कांग्रेस का आरोप है कि राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है और उनके सवाल उठाने तथा बयान देने पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
क्या है राहुल गांधी पर FIR का मामला?
राहुल गांधी के खिलाफ FIR उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद को लेकर दर्ज की गई है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल पर कथित तौर पर शुद्धिकरण किए जाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। कांग्रेस नेताओं ने इस घटना को लेकर आपत्ति जताई थी और इसे जातिगत भेदभाव से जोड़कर सवाल उठाए थे।
राहुल गांधी ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद उनके खिलाफ FIR दर्ज किए जाने को लेकर कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
CM सुक्खू बोले- FIR किसके खिलाफ होनी चाहिए थी?
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का कथित रूप से अपमान किया था तो FIR उन लोगों के खिलाफ होनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने केवल उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी, जिन्होंने कथित तौर पर खरगे का अपमान किया। सुक्खू ने सवाल किया कि कार्रवाई मांगने वाले राहुल गांधी के खिलाफ FIR क्यों दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि खरगे दलित समुदाय से आते हैं और उनके कथित अपमान को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
‘प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए FIR पहली बार सुनी’
CM सुक्खू ने राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही गई बातों को लेकर FIR दर्ज किया जाना असामान्य है।
उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया और कहा कि विपक्षी नेताओं को अपनी बात रखने का अधिकार होना चाहिए।
सुक्खू के मुताबिक, अगर किसी बयान पर आपत्ति है तो लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से उसका जवाब दिया जा सकता है, लेकिन विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए कानूनी कार्रवाई करना उचित नहीं है।
BJP पर लगाया विपक्ष को दबाने का आरोप
मुख्यमंत्री ने BJP पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और विपक्ष दोनों की अपनी भूमिका होती है और विपक्ष को सवाल पूछने तथा सरकार की नीतियों पर आलोचना करने का अधिकार है।
सुक्खू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से BJP चिंतित है और इसी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की कार्रवाई के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
‘तानाशाही का नया ट्रेंड शुरू’
CM सुक्खू ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर इसे ‘तानाशाही का नया ट्रेंड’ बताया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाना खतरनाक है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस और उनकी सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के किसी भी प्रयास का विरोध करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
कांग्रेस ने पूरे देश में विरोध का किया ऐलान
राहुल गांधी के खिलाफ FIR को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को कई स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताते हुए केंद्र और BJP पर निशाना साधा।
हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिमला में प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान पार्टी नेताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए और FIR वापस लेने की मांग की।
यह विवाद कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
BJP का जवाब भी आया सामने
इस पूरे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश में BJP ने भी कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपना विरोध तेज करने का ऐलान किया है। BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने सितंबर में राज्यभर में कई स्थानों पर प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
BJP की ओर से कांग्रेस सरकार के खिलाफ महिलाओं से जुड़े मुद्दों और चुनावी गारंटियों को लेकर अभियान चलाने की बात कही गई है। इससे हिमाचल की राजनीति में आने वाले दिनों में सियासी टकराव और बढ़ने के संकेत हैं।
राहुल गांधी के मुद्दे पर हिमाचल कांग्रेस एकजुट
शिमला प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री सुक्खू के साथ उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। इससे संकेत मिलता है कि हिमाचल कांग्रेस राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर पार्टी नेतृत्व के साथ खड़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस किसी भी तरह से विपक्ष की आवाज दबाने के प्रयास को स्वीकार नहीं करेगी।
दूसरी ओर स्वास्थ्य क्षेत्र में भी CM सुक्खू का बड़ा ऐलान
राहुल गांधी FIR विवाद के बीच CM सुक्खू की सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है। राज्य सरकार ने 650 डॉक्टरों की भर्ती करने की योजना की जानकारी दी है।
इसमें 300 मेडिकल ऑफिसर, 200 विशेषज्ञ डॉक्टर और 150 सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टर शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और लोगों को उनके घर के नजदीक बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर काम कर रही है।
मेडिकल कॉलेजों में 500 करोड़ रुपये के उपकरण
CM सुक्खू ने यह भी बताया कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इसके लिए करीब 500 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरण लगाए जा रहे हैं।
सरकार का उद्देश्य मरीजों को बेहतर और तेज जांच सुविधा उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक उपकरणों से बीमारियों की पहचान और इलाज की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
हिमाचल की राजनीति में बढ़ा सियासी तापमान
राहुल गांधी के खिलाफ FIR और उसके विरोध में CM सुक्खू के नेतृत्व में प्रदर्शन के बाद हिमाचल प्रदेश की राजनीति में सियासी तापमान बढ़ गया है।
एक तरफ कांग्रेस इस कार्रवाई को विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है, वहीं BJP राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ अलग-अलग मुद्दों को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रही है।
ऐसे में आने वाले दिनों में हिमाचल में कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।

