CM Omar Abdullah का बड़ा कदम, जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और पहाड़ी विकास को लेकर अहम चर्चा
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को श्रीनगर के राबिता में विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों और लोगों से मुलाकात की। इस दौरान सतत पर्वतीय विकास, पर्यटन को बढ़ावा देने और खेल गतिविधियों से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठकों में जम्मू-कश्मीर के विकास को पर्यावरण के अनुकूल और लंबे समय की योजना के साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सतत पर्वतीय विकास पर हुई चर्चा
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से Integrated Mountain Initiative (IMI) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में IMI के अध्यक्ष डॉ. रमेश नेगी, LEAD Strategist डॉ. राजन कुमार कोट्रू और SKUAST-K के कुलपति प्रो. नजीर अहमद गनई शामिल रहे।
प्रतिनिधिमंडल ने जम्मू-कश्मीर में पर्वतीय क्षेत्रों के सतत विकास को बढ़ावा देने से जुड़ी रणनीतियों पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पहाड़ी इलाकों में विकास योजनाओं को स्थानीय जरूरतों और पर्यावरणीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
पर्यटन को बढ़ावा देने पर CM का फोकस
बैठक में जम्मू-कश्मीर के पर्यटन क्षेत्र को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है और सरकार नए क्षेत्रों को पर्यटन मानचित्र पर लाने तथा मौजूदा पर्यटन स्थलों को बेहतर सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पहले भी जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को सुरक्षित और टिकाऊ तरीके से बढ़ाने की जरूरत पर जोर दे चुके हैं। उनका कहना है कि पर्यटन को केवल कुछ प्रमुख स्थलों तक सीमित रखने के बजाय पूरे क्षेत्र में इसका विस्तार किया जाना चाहिए।
पहाड़ी इलाकों में विकास के साथ पर्यावरण पर जोर
जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में पर्यटन स्थल पर्वतीय और पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में स्थित हैं। ऐसे में सरकार के सामने पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण की सुरक्षा की चुनौती भी है।
सोमवार की बैठक में सतत पर्वतीय विकास पर हुई चर्चा इसी दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सरकार की कोशिश है कि विकास परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार और आर्थिक अवसर मिलें, लेकिन इसके साथ प्राकृतिक संसाधनों पर अनावश्यक दबाव भी न बढ़े।
खेल प्रतिभाओं को भी बढ़ावा देने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र से जुड़े लोगों और प्रतिनिधिमंडलों से भी मुलाकात की। बैठक में जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों की उपलब्धियों और खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
सरकार जम्मू-कश्मीर में खेलों को युवाओं के लिए अवसर के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है। बेहतर प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और खिलाड़ियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।
पर्यटन और खेल से युवाओं को रोजगार की उम्मीद
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और खेल दोनों ही युवाओं के लिए रोजगार और नए अवसर पैदा करने वाले क्षेत्र हो सकते हैं। पर्यटन के विस्तार से होटल, परिवहन, गाइड, स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य सेवाओं में रोजगार बढ़ सकता है।
इसी तरह खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलने से युवा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। सरकार इन दोनों क्षेत्रों को जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था और युवाओं के भविष्य से जोड़कर देख रही है।
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को लेकर सरकार की रणनीति
पिछले कुछ समय में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को दोबारा मजबूत करने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा और पर्यटन स्थलों की सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत पर भी बात की है।
इस साल श्रीनगर का एशिया का सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन भी पर्यटकों के लिए खोला गया था। मुख्यमंत्री ने उस समय उम्मीद जताई थी कि पर्यटन क्षेत्र पिछले वर्ष की चुनौतियों से उबरकर फिर से मजबूती हासिल करेगा।
नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर जोर
जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को कुछ चुनिंदा स्थानों तक सीमित रखने के बजाय नए क्षेत्रों तक पहुंचाने की रणनीति पर भी काम किया जा रहा है। इससे पर्यटकों की संख्या अलग-अलग इलाकों में बढ़ सकती है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिल सकता है।
विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में पर्यटन का विकास स्थानीय लोगों के लिए आय के नए साधन तैयार कर सकता है। हालांकि, इसके लिए बुनियादी सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा।
मुख्यमंत्री से लगातार मिल रहे प्रतिनिधिमंडल
राबिता में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात का सिलसिला जारी है। इन बैठकों में शिक्षा, पर्यटन, खेल, पर्वतीय विकास और अन्य क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को सामने रखा जा रहा है।
सरकार का कहना है कि लोगों और विशेषज्ञों से सीधे बातचीत करने से नीतियां तैयार करने में स्थानीय जरूरतों को बेहतर तरीके से शामिल किया जा सकता है।
जम्मू-कश्मीर के विकास को नई दिशा देने की कोशिश
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के सामने जम्मू-कश्मीर में विकास और रोजगार के साथ-साथ पर्यावरण, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को संतुलित करने की चुनौती है।
सतत पर्वतीय विकास, पर्यटन और खेल को लेकर हुई ताजा चर्चा इसी व्यापक विकास रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले समय में इन क्षेत्रों से जुड़े नए प्रोजेक्ट और नीतिगत फैसले सामने आ सकते हैं।

