CM उमर अब्दुल्ला का युवाओं को बड़ा संदेश, बोले- हर किसी को सरकारी नौकरी नहीं दे सकते
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने युवाओं के रोजगार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर व्यक्ति को सरकारी नौकरी नहीं दे सकती। ऐसे में युवाओं को भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करना जरूरी है। इसके लिए स्किल डेवलपमेंट और वोकेशनल एजुकेशन पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को सिर्फ जम्मू-कश्मीर में ही नहीं, बल्कि देश के दूसरे हिस्सों और विदेशों में उपलब्ध रोजगार के अवसरों के लिए भी तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह बात श्रीनगर स्थित कश्मीर गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक में विकास कार्यों की आधारशिला रखने के दौरान कही।
हर युवा को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं
CM उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट कहा कि सरकार सभी युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध नहीं करा सकती। इसलिए युवाओं की स्किल को इस तरह विकसित करने की जरूरत है कि वे अलग-अलग क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकें।
मुख्यमंत्री के मुताबिक भविष्य में रोजगार का बाजार तेजी से बदल रहा है। ऐसे में केवल पारंपरिक शिक्षा पर्याप्त नहीं होगी। युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे कुशल युवाओं को तैयार करना है जो जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर रोजगार के अवसर हासिल कर सकें।
स्किल डेवलपमेंट पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों को रोजगार बाजार की मौजूदा और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटन, कृषि, बागवानी, मैन्युफैक्चरिंग, निर्माण, स्वास्थ्य और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में रोजगार की नई संभावनाएं पैदा हो रही हैं।
ऐसे में ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों में चलाए जा रहे कोर्स और ट्रेनिंग प्रोग्राम की नियमित समीक्षा होनी चाहिए। पुराने और अप्रासंगिक पाठ्यक्रमों को हटाकर आधुनिक उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
पॉलिटेक्निक संस्थानों को मिलेगी नई दिशा
CM उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के कश्मीर गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक में कई विकास कार्यों की आधारशिला रखी। इसके अलावा उन्होंने किश्तवाड़, रामबन, कुलगाम और कुपवाड़ा के सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में ₹4.20 करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन का ई-उद्घाटन किया।
इन परियोजनाओं का उद्देश्य तकनीकी शिक्षा संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना और छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है।
पुराने कोर्स और उपकरण बदलने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों में केवल पुराने पाठ्यक्रमों को चलाते रहना पर्याप्त नहीं है। समय के साथ तकनीक और उद्योगों की जरूरत बदल रही है, इसलिए ट्रेनिंग प्रोग्राम और उपकरणों को भी उसी के अनुसार अपडेट करना होगा।
उन्होंने कहा कि स्किल संस्थानों में आधुनिक मशीनरी और तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि छात्रों को वास्तविक रोजगार बाजार के लिए तैयार किया जा सके।
आने वाले निवेश और उद्योगों के हिसाब से होगी ट्रेनिंग
CM उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आने वाली नई परियोजनाओं और निवेश से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। ऐसे में स्किल डेवलपमेंट का पूरा सिस्टम इन परियोजनाओं और उद्योगों की जरूरत के हिसाब से तैयार किया जाना चाहिए।
सरकार की कोशिश है कि स्थानीय युवाओं को इन परियोजनाओं में रोजगार के बेहतर अवसर मिलें। इसके लिए कंपनियों को प्रशिक्षित स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
अगले तीन साल में मजबूत होगा स्किल नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अगले तीन वर्षों में जम्मू-कश्मीर के स्किल डेवलपमेंट संस्थानों के नेटवर्क को मजबूत करने पर काम करेगी। इसका उद्देश्य संस्थानों का इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण की गुणवत्ता और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता बेहतर करना है।
उन्होंने कहा कि जिस तरह विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षा संस्थानों पर ध्यान दिया जाता है, उसी तरह ITI और पॉलिटेक्निक संस्थानों को भी पर्याप्त महत्व मिलना चाहिए।
सिर्फ बाहर मजदूरी के लिए नहीं, कुशल रोजगार के लिए तैयार हों युवा
CM उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का लक्ष्य केवल युवाओं को रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों या देशों में भेजना नहीं होना चाहिए। युवाओं को ऐसी स्किल दी जानी चाहिए जिससे वे बेहतर वेतन वाली नौकरियां हासिल कर सकें और अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार में भी प्रतिस्पर्धा कर सकें।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विदेशों में प्लेसमेंट हासिल करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया। इससे तकनीकी शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के बीच संबंध को लेकर सरकार की प्राथमिकता का संकेत मिलता है।
तकनीकी शिक्षा से रोजगार तक जोड़ने की कोशिश
जम्मू-कश्मीर सरकार रोजगार के मुद्दे को स्किल डेवलपमेंट और तकनीकी शिक्षा के साथ जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार का जोर इस बात पर है कि छात्रों को डिग्री या प्रमाणपत्र के साथ ऐसी व्यावहारिक स्किल भी मिले जिसकी बाजार में वास्तविक मांग हो।
इससे युवाओं को सरकारी नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय निजी क्षेत्र, उद्योग, स्टार्टअप और अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार में अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है।
सरकार के सामने रोजगार की बड़ी चुनौती
जम्मू-कश्मीर में युवाओं के लिए रोजगार एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। सरकारी नौकरियां सीमित होने के कारण सभी युवाओं को सरकारी सेवा में शामिल करना संभव नहीं है। ऐसे में स्किल आधारित रोजगार को बढ़ावा देना सरकार के लिए अहम रणनीति बन सकता है।
CM उमर अब्दुल्ला का ताजा बयान इसी दिशा में देखा जा रहा है। सरकार अब तकनीकी शिक्षा संस्थानों को उद्योगों की जरूरत से जोड़कर स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने पर जोर दे रही है।
निष्कर्ष
CM उमर अब्दुल्ला सरकारी नौकरी को लेकर दिया गया बयान जम्मू-कश्मीर में रोजगार की दिशा को लेकर सरकार के फोकस को दिखाता है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि हर युवा को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है, इसलिए स्किल डेवलपमेंट और वोकेशनल एजुकेशन को मजबूत करना जरूरी है।
श्रीनगर समेत जम्मू-कश्मीर के अन्य सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों में इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार, आधुनिक प्रशिक्षण और उद्योगों की जरूरत के अनुसार कोर्स तैयार करने पर सरकार का जोर है। आने वाले तीन वर्षों में स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क को मजबूत करने की योजना के जरिए सरकार स्थानीय युवाओं को बेहतर और ज्यादा रोजगार योग्य बनाने की दिशा में काम करेगी।
रिपोर्टर; सतविंदर, कौर मुख्य संवाददाता हरियाणा

