हरियाणा में सफाई कर्मचारियों को सरकार का अल्टीमेटम, 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने का आदेश; नहीं माने तो कार्रवाई
चंडीगढ़: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की चल रही राज्यव्यापी हड़ताल को लेकर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने हड़ताल पर चल रहे कर्मचारियों को 5 सितंबर 2026 तक ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय तक काम पर वापस नहीं लौटने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
6 अगस्त से जारी है सफाई कर्मचारियों की हड़ताल
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन 6 अगस्त से चल रहा है। लंबे समय से जारी हड़ताल के कारण कई शहरों और कस्बों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। जगह-जगह कूड़े के ढेर जमा होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
गुरुग्राम में भी नगर निगम के सफाई और फायर विभाग के कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे महीने में प्रवेश कर गई है। इसके कारण शहर के कई हिस्सों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था पर असर पड़ा है।
सरकार का कहना है कि सफाई और अन्य नागरिक सेवाएं आवश्यक हैं और इन्हें लंबे समय तक बाधित नहीं रहने दिया जा सकता।
5 सितंबर तक ड्यूटी ज्वाइन करने का आदेश
हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने प्रदेश के नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत हड़ताल या अनुपस्थिति के कारण ड्यूटी से बाहर कर्मचारियों को 5 सितंबर तक काम पर लौटने के लिए कहा गया है।
सरकार की ओर से यह भी निर्देश दिया गया है कि सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों और उपकरणों की व्यवस्था की जाए।
ड्यूटी पर नहीं लौटने की स्थिति में कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी ने आंदोलन और सरकार के बीच टकराव को और बढ़ा दिया है।
हड़ताल के बीच आउटसोर्सिंग का आदेश
सफाई कर्मचारियों के आंदोलन के बीच हरियाणा सरकार ने वैकल्पिक व्यवस्था की दिशा में भी कदम उठाया है। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने नगर निकायों को हड़ताल या अनुपस्थित कर्मचारियों के स्थान पर आउटसोर्सिंग के जरिए सफाई कार्य के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों और उपकरणों की व्यवस्था करने को कहा है।
सरकार का मकसद हड़ताल के कारण प्रभावित हो रही सफाई व्यवस्था को जल्द से जल्द बहाल करना है। हालांकि, कर्मचारियों के संगठन इस कदम को लेकर नाराज हैं।
कर्मचारियों का विरोध जारी
सरकार के आदेश के बावजूद कई जगह सफाई कर्मचारी आंदोलन जारी रखे हुए हैं। शुक्रवार को हांसी में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 30वें दिन में पहुंच गई। कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए मुंडन तक कराया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार की ओर से उनकी मांगों को लेकर आश्वासन दिए गए हैं, लेकिन उन्हें लिखित आदेश चाहिए। कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक मांगों पर लिखित फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
रोहतक और बहादुरगढ़ में भी प्रदर्शन
बहादुरगढ़ में भी हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों ने शुक्रवार को मुंडन कराकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। रिपोर्ट के मुताबिक, सात कर्मचारियों ने मुंडन कराया।
वहीं, रोहतक क्षेत्र में भी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने के नोटिस दिए गए हैं। इससे साफ है कि सरकार और कर्मचारियों के बीच गतिरोध अभी खत्म नहीं हुआ है।
डबवाली में 57 कर्मचारियों को नोटिस
डबवाली में नगर परिषद ने हड़ताल में शामिल 57 सफाई कर्मचारियों और सफाई दरोगाओं को नोटिस जारी किया है। उन्हें 5 सितंबर तक ड्यूटी ज्वाइन करने का निर्देश दिया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, नोटिस में आवश्यक सेवा से जुड़े प्रावधानों का हवाला देते हुए चेतावनी दी गई है कि आदेश का पालन नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
कूड़ा जमा होने से बढ़ी चिंता
लंबी हड़ताल का सबसे बड़ा असर शहरों की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। कई स्थानों पर कूड़ा जमा होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
बारिश के मौसम में जमा कचरे से दुर्गंध और संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है। हांसी में प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने भी कहा कि वे नहीं चाहते कि उनकी हड़ताल की वजह से आम लोगों को परेशानी हो, लेकिन वे अपनी मांगों और भविष्य को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
सरकार और कर्मचारियों के बीच क्या है विवाद?
कर्मचारी संगठन अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का दावा है कि सरकार की ओर से कई मांगों पर सहमति या आश्वासन दिया गया है, लेकिन उन्हें लागू करने के लिए लिखित आदेश जारी नहीं किए गए हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर लिखित आदेश जारी करती है तो वे काम पर लौटने के लिए तैयार हैं।
दूसरी ओर, सरकार का जोर नागरिक सेवाओं को बाधित न होने देने पर है। इसी वजह से 5 सितंबर तक ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया गया है।
बारिश ने बढ़ाई सरकार की चुनौती
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ऐसे समय चल रही है जब राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार 5 सितंबर को हरियाणा में बारिश की संभावना है और कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
बारिश के दौरान सड़कों और नालियों की सफाई बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में सफाई कर्मचारियों की लंबी हड़ताल प्रशासन के लिए अतिरिक्त चुनौती बन गई है।
गुरुग्राम में शुक्रवार को तेज बारिश के बाद कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव की स्थिति भी सामने आई और शनिवार को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
अब आगे क्या होगा?
5 सितंबर की समयसीमा सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच विवाद में महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकती है। एक तरफ सरकार ने कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया है, वहीं कर्मचारी लिखित रूप से मांगें पूरी किए जाने पर अड़े हुए हैं।
यदि कर्मचारी सरकार के आदेश के बावजूद काम पर नहीं लौटते हैं तो विभागीय या कानूनी कार्रवाई की स्थिति बन सकती है। वहीं, कर्मचारियों के संगठन आंदोलन को और तेज करने का फैसला भी ले सकते हैं।
फिलहाल हरियाणा सरकार के सामने दोहरी चुनौती है—एक तरफ सफाई व्यवस्था को सामान्य बनाए रखना और दूसरी तरफ लंबे समय से चले आ रहे कर्मचारियों के विवाद का समाधान निकालना। आने वाले दिनों में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से इस गतिरोध के खत्म होने की उम्मीद बनी हुई है।
रिपोर्टर ; ध्रुव सिंह, मुख्य संवाददाता पंजाब
दैनिक रुस्तम-ए-हिन्द
सत्य, न्याय और राष्ट्रहित की निर्भीक आवाज़
Rustam-E-Hind Hindi Daily Newspaper
https://l1nq.com/zvf3zgb
सब्स्क्राइब करें।

